वर्तमान घंटा
नौवीं घड़ी - नवम प्रहर
हम क्रूस पर मसीह की उद्धारक मृत्यु और उस डाकू के पश्चाताप को स्मरण करते हैं जिसने उनके राज्य में स्मरण किए जाने की प्रार्थना की।
प्रत्येक घड़ी की प्रस्तावना
पिता और पुत्र और पवित्र आत्मा के नाम पर
एक ही परमेश्वर, आमेन।
हे प्रभु, दया कर। हे प्रभु, दया कर। हे प्रभु, आशीष दे। आमेन।
पिता और पुत्र और पवित्र आत्मा को महिमा, अब और सर्वदा और युगानुयुग, आमेन।
हे हमारे पिता
¶ ‹“अतः तुम इस रीति से प्रार्थना किया करो:› ‹‘हे हमारे पिता, तू जो स्वर्ग में है; तेरा नाम› ‹पवित्र ›‹माना जाए।›
‹‘तेरा राज्य आए।›‹तेरी इच्छा जैसे स्वर्ग में पूरी होती है, वैसे पृथ्वी पर भी हो।›
‹‘हमारी दिन भर की रोटी आज हमें दे।›
‹‘और जिस प्रकार हमने अपने अपराधियों को क्षमा किया है,› ‹वैसे ही तू भी हमारे अपराधों को क्षमा कर।›
‹‘और हमें परीक्षा में न ला,› ‹परन्तु बुराई से बचा; [क्योंकि राज्य और पराक्रम और महिमा सदा तेरे ही हैं।’ आमीन।]›
कृतज्ञता की प्रार्थना
आओ, हम भलाई करनेवाले दयालु परमेश्वर का धन्यवाद करें, जो हमारे प्रभु, हमारे परमेश्वर और हमारे उद्धारकर्ता यीशु मसीह के पिता हैं, क्योंकि उन्होंने हमें आच्छादित किया, हमारी सहायता की, हमारी रक्षा की, हमें अपने पास स्वीकार किया, हम पर दया की, हमें दृढ़ किया, और हमें इस घड़ी तक पहुँचा दिया है। हम उनसे यह भी प्रार्थना करें कि वे हमें इस पवित्र दिन में और हमारे जीवन के सब दिनों में पूरी शान्ति सहित सुरक्षित रखें— हमारे प्रभु परमेश्वर सर्वशक्तिमान।
हे प्रभु परमेश्वर, सर्वशक्तिमान, जो हमारे प्रभु, हमारे परमेश्वर और हमारे उद्धारकर्ता यीशु मसीह के पिता हैं, हम तेरा धन्यवाद करते हैं हर समय, सब बातों में, और हर दशा में, क्योंकि तूने हमें आच्छादित किया, सहायता दी, रक्षा की, अपने पास स्वीकार किया, हम पर दया की, हमें दृढ़ किया, और हमें इस घड़ी तक पहुँचा दिया है।
इसी कारण हम तेरी भलाई से विनती और याचना करते हैं, हे मनुष्य-प्रेमी, हमें अनुग्रह दे कि हम इस पवित्र दिन और अपने जीवन के सब दिनों को तेरे भय के साथ पूरी शान्ति में पूर्ण करें। सब ईर्ष्या, सब परीक्षा, शैतान का हर काम, दुष्ट मनुष्यों की हर चाल, और छिपे तथा प्रकट शत्रुओं का उठना— इन्हें हम से, तेरी सारी प्रजा से, और तेरे इस पवित्र स्थान से दूर कर। और जो कुछ भला और लाभदायक है, वह हमें प्रदान कर। क्योंकि तू ही है जिसने हमें साँपों और बिच्छुओं और शत्रु की सारी शक्ति पर पाँव रखने का अधिकार दिया है। और हमें परीक्षा में न ले जा, परन्तु हमें उस दुष्ट से छुड़ा।
तेरे एकलौते पुत्र, हमारे प्रभु, हमारे परमेश्वर और हमारे उद्धारकर्ता यीशु मसीह की अनुग्रह, दया और मनुष्य-प्रेम के द्वारा— जिनके द्वारा तेरे योग्य महिमा, आदर, प्रभुता और वन्दना तुझे मिलती है, उनके साथ जीवनदाता पवित्र आत्मा सहित, जो तेरे तुल्य हैं— अब और सर्वदा और युगानुयुग, आमेन।
भजन संहिता 50
सर्वशक्तिमान परमेश्वर यहोवा ने कहा है, और उदयाचल से लेकर अस्ताचल तक पृथ्वी के लोगों को बुलाया है।
सिय्योन से, जो परम सुन्दर है, परमेश्वर ने अपना तेज दिखाया है।
हमारा परमेश्वर आएगा और चुपचाप न रहेगा, आग उसके आगे-आगे भस्म करती जाएगी; और उसके चारों ओर बड़ी आँधी चलेगी।
वह अपनी प्रजा का न्याय करने के लिये ऊपर के आकाश को और पृथ्वी को भी पुकारेगा:
“मेरे भक्तों को मेरे पास इकट्ठा करो, जिन्होंने बलिदान चढ़ाकर मुझसे वाचा बाँधी है!”
और स्वर्ग उसके धर्मी होने का प्रचार करेगा क्योंकि परमेश्वर तो आप ही न्यायी है। (सेला)
“हे मेरी प्रजा, सुन, मैं बोलता हूँ, और हे इस्राएल, मैं तेरे विषय साक्षी देता हूँ। परमेश्वर तेरा परमेश्वर मैं ही हूँ।
मैं तुझ पर तेरे बलियों के विषय दोष नहीं लगाता, तेरे होमबलि तो नित्य मेरे लिये चढ़ते हैं।
मैं न तो तेरे घर से बैल न तेरे पशुशाला से बकरे लूँगा।
क्योंकि वन के सारे जीव-जन्तु और हजारों पहाड़ों के जानवर मेरे ही हैं।
पहाड़ों के सब पक्षियों को मैं जानता हूँ, और मैदान पर चलने-फिरनेवाले जानवर मेरे ही हैं।
“यदि मैं भूखा होता तो तुझ से न कहता; क्योंकि जगत और जो कुछ उसमें है वह मेरा है।
क्या मैं बैल का माँस खाऊँ, या बकरों का लहू पीऊँ?
परमेश्वर को धन्यवाद ही का बलिदान चढ़ा, और परमप्रधान के लिये अपनी मन्नतें पूरी कर;
और संकट के दिन मुझे पुकार; मैं तुझे छुड़ाऊँगा, और तू मेरी महिमा करने पाएगा।”
परन्तु दुष्ट से परमेश्वर कहता है: “तुझे मेरी विधियों का वर्णन करने से क्या काम? तू मेरी वाचा की चर्चा क्यों करता है?
तू तो शिक्षा से बैर करता, और मेरे वचनों को तुच्छ जानता है।
जब तूने चोर को देखा, तब उसकी संगति से प्रसन्न हुआ; और परस्त्रीगामियों के साथ भागी हुआ।
“तूने अपना मुँह बुराई करने के लिये खोला, और तेरी जीभ छल की बातें गढ़ती है।
तू बैठा हुआ अपने भाई के विरुद्ध बोलता; और अपने सगे भाई की चुगली खाता है।
यह काम तूने किया, और मैं चुप रहा; इसलिए तूने समझ लिया कि परमेश्वर बिल्कुल मेरे समान है। परन्तु मैं तुझे समझाऊँगा, और तेरी आँखों के सामने सब कुछ अलग-अलग दिखाऊँगा।”
“ हे परमेश्वर को भूलनेवालो यह बात भली भाँति समझ लो, कहीं ऐसा न हो कि मैं तुम्हें फाड़ डालूँ, और कोई छुड़ानेवाला न हो।
धन्यवाद के बलिदान का चढ़ानेवाला मेरी महिमा करता है; और जो अपना चरित्र उत्तम रखता है उसको मैं परमेश्वर का उद्धार दिखाऊँगा!”
प्रार्थना का आरम्भ
धन्य दिन की नवम घड़ी की स्तुति, मैं इसे अपने राजा और परमेश्वर मसीह को अर्पित करता हूँ, और उनसे विनती करता हूँ कि वे मेरे पाप क्षमा करें।
भजन संहिता 95
आओ हम यहोवा के लिये ऊँचे स्वर से गाएँ, अपने उद्धार की चट्टान का जयजयकार करें!
हम धन्यवाद करते हुए उसके सम्मुख आएँ, और भजन गाते हुए उसका जयजयकार करें।
क्योंकि यहोवा महान परमेश्वर है, और सब देवताओं के ऊपर महान राजा है।
पृथ्वी के गहरे स्थान उसी के हाथ में हैं; और पहाड़ों की चोटियाँ भी उसी की हैं।
समुद्र उसका है, और उसी ने उसको बनाया, और स्थल भी उसी के हाथ का रचा है।
आओ हम झुककर दण्डवत् करें, और अपने कर्ता यहोवा के सामने घुटने टेकें!
क्योंकि वही हमारा परमेश्वर है, और हम उसकी चराई की प्रजा, और उसके हाथ की भेड़ें हैं। भला होता, कि आज तुम उसकी बात सुनते!
अपना-अपना हृदय ऐसा कठोर मत करो, जैसा मरीबा में, व मस्सा के दिन जंगल में हुआ था,
जब तुम्हारे पुरखाओं ने मुझे परखा, उन्होंने मुझ को जाँचा और मेरे काम को भी देखा।
चालीस वर्ष तक मैं उस पीढ़ी के लोगों से रूठा रहा, और मैंने कहा, “ये तो भरमानेवाले मन के हैं, और इन्होंने मेरे मार्गों को नहीं पहचाना।”
इस कारण मैंने क्रोध में आकर शपथ खाई कि ये मेरे विश्रामस्थान में कभी प्रवेश न करने पाएँगे।
भजन संहिता 96
यहोवा के लिये एक नया गीत गाओ, हे सारी पृथ्वी के लोगों यहोवा के लिये गाओ!
यहोवा के लिये गाओ, उसके नाम को धन्य कहो; दिन प्रतिदिन उसके किए हुए उद्धार का शुभ समाचार सुनाते रहो।
अन्यजातियों में उसकी महिमा का, और देश-देश के लोगों में उसके आश्चर्यकर्मों का वर्णन करो।
क्योंकि यहोवा महान और अति स्तुति के योग्य है; वह तो सब देवताओं से अधिक भययोग्य है।
क्योंकि देश-देश के सब देवता तो मूरतें ही हैं; परन्तु यहोवा ही ने स्वर्ग को बनाया है।
उसके चारों ओर वैभव और ऐश्वर्य है; उसके पवित्रस्थान में सामर्थ्य और शोभा है।
हे देश-देश के कुल के लोगों, यहोवा का गुणानुवाद करो, यहोवा की महिमा और सामर्थ्य को मानो!
यहोवा के नाम की ऐसी महिमा करो जो उसके योग्य है; भेंट लेकर उसके आँगनों में आओ!
पवित्रता से शोभायमान होकर यहोवा को दण्डवत् करो; हे सारी पृथ्वी के लोगों उसके सामने काँपते रहो!
जाति-जाति में कहो, “यहोवा राजा हुआ है! और जगत ऐसा स्थिर है, कि वह टलने का नहीं; वह देश-देश के लोगों का न्याय खराई से करेगा।”
आकाश आनन्द करे, और पृथ्वी मगन हो; समुद्र और उसमें की सब वस्तुएँ गरज उठें;
मैदान और जो कुछ उसमें है, वह प्रफुल्लित हो; उसी समय वन के सारे वृक्ष जयजयकार करेंगे।
यह यहोवा के सामने हो, क्योंकि वह आनेवाला है। वह पृथ्वी का न्याय करने को आनेवाला है, वह धर्म से जगत का, और सच्चाई से देश-देश के लोगों का न्याय करेगा।
भजन संहिता 97
यहोवा राजा हुआ है, पृथ्वी मगन हो; और द्वीप जो बहुत से हैं, वह भी आनन्द करें!
बादल और अंधकार उसके चारों ओर हैं; उसके सिंहासन का मूल धर्म और न्याय है।
उसके आगे-आगे आग चलती हुई उसके विरोधियों को चारों ओर भस्म करती है।
उसकी बिजलियों से जगत प्रकाशित हुआ, पृथ्वी देखकर थरथरा गई है!
पहाड़ यहोवा के सामने, मोम के समान पिघल गए, अर्थात् सारी पृथ्वी के परमेश्वर के सामने।
आकाश ने उसके धर्म की साक्षी दी; और देश-देश के सब लोगों ने उसकी महिमा देखी है।
जितने खुदी हुई मूर्तियों की उपासना करते और मूरतों पर फूलते हैं, वे लज्जित हों; हे सब देवताओं तुम उसी को दण्डवत् करो।
सिय्योन सुनकर आनन्दित हुई, और यहूदा की बेटियाँ मगन हुई; हे यहोवा, यह तेरे नियमों के कारण हुआ।
क्योंकि हे यहोवा, तू सारी पृथ्वी के ऊपर परमप्रधान है; तू सारे देवताओं से अधिक महान ठहरा है।
हे यहोवा के प्रेमियों, बुराई से घृणा करो; वह अपने भक्तों के प्राणों की रक्षा करता, और उन्हें दुष्टों के हाथ से बचाता है।
धर्मी के लिये ज्योति, और सीधे मनवालों के लिये आनन्द बोया गया है।
हे धर्मियों, यहोवा के कारण आनन्दित हो; और जिस पवित्र नाम से उसका स्मरण होता है, उसका धन्यवाद करो!
भजन संहिता 98
यहोवा के लिये एक नया गीत गाओ, क्योंकि उसने आश्चर्यकर्म किए हैं! उसके दाहिने हाथ और पवित्र भुजा ने उसके लिये उद्धार किया है!
यहोवा ने अपना किया हुआ उद्धार प्रकाशित किया, उसने अन्यजातियों की दृष्टि में अपना धर्म प्रगट किया है।
उसने इस्राएल के घराने पर की अपनी करुणा और सच्चाई की सुधि ली, और पृथ्वी के सब दूर-दूर देशों ने हमारे परमेश्वर का किया हुआ उद्धार देखा है।
हे सारी पृथ्वी के लोगों, यहोवा का जयजयकार करो; उत्साहपूर्वक जयजयकार करो, और भजन गाओ!
वीणा बजाकर यहोवा का भजन गाओ, वीणा बजाकर भजन का स्वर सुनाओ।
तुरहियां और नरसिंगे फूँक फूँककर यहोवा राजा का जयजयकार करो।
समुद्र और उसमें की सब वस्तुएँ गरज उठें; जगत और उसके निवासी महाशब्द करें!
नदियाँ तालियाँ बजाएँ; पहाड़ मिलकर जयजयकार करें।
यह यहोवा के सामने हो, क्योंकि वह पृथ्वी का न्याय करने को आनेवाला है। वह धर्म से जगत का, और सच्चाई से देश-देश के लोगों का न्याय करेगा।
भजन संहिता 99
यहोवा राजा हुआ है; देश-देश के लोग काँप उठें! वह करूबों पर विराजमान है; पृथ्वी डोल उठे!
यहोवा सिय्योन में महान है; और वह देश-देश के लोगों के ऊपर प्रधान है।
वे तेरे महान और भययोग्य नाम का धन्यवाद करें! वह तो पवित्र है।
राजा की सामर्थ्य न्याय से मेल रखती है, तू ही ने सच्चाई को स्थापित किया; न्याय और धर्म को याकूब में तू ही ने चालू किया है।
हमारे परमेश्वर यहोवा को सराहो; और उसके चरणों की चौकी के सामने दण्डवत् करो! वह पवित्र है!
उसके याजकों में मूसा और हारून, और उसके प्रार्थना करनेवालों में से शमूएल यहोवा को पुकारते थे, और वह उनकी सुन लेता था।
वह बादल के खम्भे में होकर उनसे बातें करता था; और वे उसकी चितौनियों और उसकी दी हुई विधियों पर चलते थे।
हे हमारे परमेश्वर यहोवा, तू उनकी सुन लेता था; तू उनके कामों का पलटा तो लेता था तो भी उनके लिये क्षमा करनेवाला परमेश्वर था।
हमारे परमेश्वर यहोवा को सराहो, और उसके पवित्र पर्वत पर दण्डवत् करो; क्योंकि हमारा परमेश्वर यहोवा पवित्र है!
भजन संहिता 100
हे सारी पृथ्वी के लोगों, यहोवा का जयजयकार करो!
आनन्द से यहोवा की आराधना करो! जयजयकार के साथ उसके सम्मुख आओ!
निश्चय जानो कि यहोवा ही परमेश्वर है उसी ने हमको बनाया, और हम उसी के हैं; हम उसकी प्रजा, और उसकी चराई की भेड़ें हैं।
उसके फाटकों में धन्यवाद, और उसके आँगनों में स्तुति करते हुए प्रवेश करो, उसका धन्यवाद करो, और उसके नाम को धन्य कहो!
क्योंकि यहोवा भला है, उसकी करुणा सदा के लिये, और उसकी सच्चाई पीढ़ी से पीढ़ी तक बनी रहती है।
भजन संहिता 109
हे परमेश्वर तू, जिसकी मैं स्तुति करता हूँ, चुप न रह!
क्योंकि दुष्ट और कपटी मनुष्यों ने मेरे विरुद्ध मुँह खोला है, वे मेरे विषय में झूठ बोलते हैं।
उन्होंने बैर के वचनों से मुझे चारों ओर घेर लिया है, और व्यर्थ मुझसे लड़ते हैं।
मेरे प्रेम के बदले में वे मेरी चुगली करते हैं, परन्तु मैं तो प्रार्थना में लौलीन रहता हूँ।
उन्होंने भलाई के बदले में मुझसे बुराई की और मेरे प्रेम के बदले मुझसे बैर किया है।
तू उसको किसी दुष्ट के अधिकार में रख, और कोई विरोधी उसकी दाहिनी ओर खड़ा रहे।
जब उसका न्याय किया जाए, तब वह दोषी निकले, और उसकी प्रार्थना पाप गिनी जाए!
उसके दिन थोड़े हों, और उसके पद को दूसरा ले!
उसके बच्चे अनाथ हो जाएँ, और उसकी स्त्री विधवा हो जाए!
और उसके बच्चे मारे-मारे फिरें, और भीख माँगा करे; उनको अपने उजड़े हुए घर से दूर जाकर टुकड़े माँगना पड़े!
महाजन फंदा लगाकर, उसका सर्वस्व ले ले; और परदेशी उसकी कमाई को लूट लें!
कोई न हो जो उस पर करुणा करता रहे, और उसके अनाथ बालकों पर कोई तरस न खाए!
उसका वंश नाश हो जाए, दूसरी पीढ़ी में उसका नाम मिट जाए!
उसके पितरों का अधर्म यहोवा को स्मरण रहे, और उसकी माता का पाप न मिटे!
वह निरन्तर यहोवा के सम्मुख रहे, वह उनका नाम पृथ्वी पर से मिटे!
क्योंकि वह दुष्ट, करुणा करना भूल गया वरन् दीन और दरिद्र को सताता था और मार डालने की इच्छा से खेदित मनवालों के पीछे पड़ा रहता था।
वह श्राप देने से प्रीति रखता था, और श्राप उस पर आ पड़ा; वह आशीर्वाद देने से प्रसन्न न होता था, इसलिए आशीर्वाद उससे दूर रहा।
वह श्राप देना वस्त्र के समान पहनता था, और वह उसके पेट में जल के समान और उसकी हड्डियों में तेल के समान समा गया।
वह उसके लिये ओढ़ने का काम दे, और फेंटे के समान उसकी कमर में नित्य कसा रहे।
यहोवा की ओर से मेरे विरोधियों को, और मेरे विरुद्ध बुरा कहनेवालों को यही बदला मिले!
परन्तु हे यहोवा प्रभु, तू अपने नाम के निमित्त मुझसे बर्ताव कर; तेरी करुणा तो बड़ी है, इसलिए तू मुझे छुटकारा दे!
क्योंकि मैं दीन और दरिद्र हूँ, और मेरा हृदय घायल हुआ है।
मैं ढलती हुई छाया के समान जाता रहा हूँ; मैं टिड्डी के समान उड़ा दिया गया हूँ।
उपवास करते-करते मेरे घुटने निर्बल हो गए; और मुझ में चर्बी न रहने से मैं सूख गया हूँ।
मेरी तो उन लोगों से नामधराई होती है; जब वे मुझे देखते, तब सिर हिलाते हैं।
हे मेरे परमेश्वर यहोवा, मेरी सहायता कर! अपनी करुणा के अनुसार मेरा उद्धार कर!
जिससे वे जाने कि यह तेरा काम है, और हे यहोवा, तूने ही यह किया है!
वे मुझे कोसते तो रहें, परन्तु तू आशीष दे! वे तो उठते ही लज्जित हों, परन्तु तेरा दास आनन्दित हो!
मेरे विरोधियों को अनादररूपी वस्त्र पहनाया जाए, और वे अपनी लज्जा को कम्बल के समान ओढ़ें!
मैं यहोवा का बहुत धन्यवाद करूँगा, और बहुत लोगों के बीच में उसकी स्तुति करूँगा।
क्योंकि वह दरिद्र की दाहिनी ओर खड़ा रहेगा, कि उसको प्राणदण्ड देनेवालों से बचाए।
भजन संहिता 110
मेरे प्रभु से यहोवा की वाणी यह है, “तू मेरे दाहिने ओर बैठ, जब तक कि मैं तेरे शत्रुओं को तेरे चरणों की चौकी न कर दूँ।”
तेरे पराक्रम का राजदण्ड यहोवा सिय्योन से बढ़ाएगा। तू अपने शत्रुओं के बीच में शासन कर।
तेरी प्रजा के लोग तेरे पराक्रम के दिन स्वेच्छाबलि बनते हैं; तेरे जवान लोग पवित्रता से शोभायमान, और भोर के गर्भ से जन्मी हुई ओस के समान तेरे पास हैं।
यहोवा ने शपथ खाई और न पछताएगा, “ तू मलिकिसिदक की रीति पर सर्वदा का याजक है।”
प्रभु तेरी दाहिनी ओर होकर अपने क्रोध के दिन राजाओं को चूर कर देगा।
वह जाति-जाति में न्याय चुकाएगा, रणभूमि शवों से भर जाएगी; वह लम्बे चौड़े देशों के प्रधानों को चूर चूरकर देगा
वह मार्ग में चलता हुआ नदी का जल पीएगा और तब वह विजय के बाद अपने सिर को ऊँचा करेगा।
भजन संहिता 111
यहोवा की स्तुति करो। मैं सीधे लोगों की गोष्ठी में और मण्डली में भी सम्पूर्ण मन से यहोवा का धन्यवाद करूँगा।
यहोवा के काम बड़े हैं, जितने उनसे प्रसन्न रहते हैं, वे उन पर ध्यान लगाते हैं।
उसके काम वैभवशाली और ऐश्वर्यमय होते हैं, और उसका धर्म सदा तक बना रहेगा।
उसने अपने आश्चर्यकर्मों का स्मरण कराया है; यहोवा अनुग्रहकारी और दयावन्त है।
उसने अपने डरवैयों को आहार दिया है; वह अपनी वाचा को सदा तक स्मरण रखेगा।
उसने अपनी प्रजा को जाति-जाति का भाग देने के लिये, अपने कामों का प्रताप दिखाया है।
सच्चाई और न्याय उसके हाथों के काम हैं; उसके सब उपदेश विश्वासयोग्य हैं,
वे सदा सर्वदा अटल रहेंगे, वे सच्चाई और सिधाई से किए हुए हैं।
उसने अपनी प्रजा का उद्धार किया है; उसने अपनी वाचा को सदा के लिये ठहराया है। उसका नाम पवित्र और भययोग्य है।
बुद्धि का मूल यहोवा का भय है; जितने उसकी आज्ञाओं को मानते हैं, उनकी समझ अच्छी होती है। उसकी स्तुति सदा बनी रहेगी।
भजन संहिता 112
यहोवा की स्तुति करो! क्या ही धन्य है वह पुरुष जो यहोवा का भय मानता है, और उसकी आज्ञाओं से अति प्रसन्न रहता है!
उसका वंश पृथ्वी पर पराक्रमी होगा; सीधे लोगों की सन्तान आशीष पाएगी।
उसके घर में धन-सम्पत्ति रहती है; और उसका धर्म सदा बना रहेगा।
सीधे लोगों के लिये अंधकार के बीच में ज्योति उदय होती है; वह अनुग्रहकारी, दयावन्त और धर्मी होता है।
जो व्यक्ति अनुग्रह करता और उधार देता है, और ईमानदारी के साथ अपने काम करता है, उसका कल्याण होता है।
वह तो सदा तक अटल रहेगा; धर्मी का स्मरण सदा तक बना रहेगा।
वह बुरे समाचार से नहीं डरता; उसका हृदय यहोवा पर भरोसा रखने से स्थिर रहता है।
उसका हृदय सम्भला हुआ है, इसलिए वह न डरेगा, वरन् अपने शत्रुओं पर दृष्टि करके सन्तुष्ट होगा।
उसने उदारता से दरिद्रों को दान दिया, उसका धर्म सदा बना रहेगा; और उसका सींग आदर के साथ ऊँचा किया जाएगा।
दुष्ट इसे देखकर कुढ़ेगा; वह दाँत पीस-पीसकर गल जाएगा; दुष्टों की लालसा पूरी न होगी।
भजन संहिता 114
जब इस्राएल ने मिस्र से, अर्थात् याकूब के घराने ने अन्य भाषावालों के मध्य से कूच किया,
तब यहूदा यहोवा का पवित्रस्थान और इस्राएल उसके राज्य के लोग हो गए।
समुद्र देखकर भागा, यरदन नदी उलटी बही।
पहाड़ मेढ़ों के समान उछलने लगे, और पहाड़ियाँ भेड़-बकरियों के बच्चों के समान उछलने लगीं।
हे समुद्र, तुझे क्या हुआ, कि तू भागा? और हे यरदन तुझे क्या हुआ कि तू उलटी बही?
हे पहाड़ों, तुम्हें क्या हुआ, कि तुम भेड़ों के समान, और हे पहाड़ियों तुम्हें क्या हुआ, कि तुम भेड़-बकरियों के बच्चों के समान उछलीं?
हे पृथ्वी प्रभु के सामने, हाँ, याकूब के परमेश्वर के सामने थरथरा।
वह चट्टान को जल का ताल, चकमक के पत्थर को जल का सोता बना डालता है।
भजन संहिता 115
हे यहोवा, हमारी नहीं, हमारी नहीं, वरन् अपने ही नाम की महिमा, अपनी करुणा और सच्चाई के निमित्त कर।
जाति-जाति के लोग क्यों कहने पाएँ, “उनका परमेश्वर कहाँ रहा?”
हमारा परमेश्वर तो स्वर्ग में हैं; उसने जो चाहा वही किया है।
उन लोगों की मूरतें सोने चाँदी ही की तो हैं, वे मनुष्यों के हाथ की बनाई हुई हैं।
उनके मुँह तो रहता है परन्तु वे बोल नहीं सकती; उनके आँखें तो रहती हैं परन्तु वे देख नहीं सकती।
उनके कान तो रहते हैं, परन्तु वे सुन नहीं सकती; उनके नाक तो रहती हैं, परन्तु वे सूँघ नहीं सकती।
उनके हाथ तो रहते हैं, परन्तु वे स्पर्श नहीं कर सकती; उनके पाँव तो रहते हैं, परन्तु वे चल नहीं सकती; और उनके कण्ठ से कुछ भी शब्द नहीं निकाल सकती।
जैसी वे हैं वैसे ही उनके बनानेवाले हैं; और उन पर सब भरोसा रखनेवाले भी वैसे ही हो जाएँगे।
हे इस्राएल, यहोवा पर भरोसा रख! तेरा सहायक और ढाल वही है।
हे हारून के घराने, यहोवा पर भरोसा रख! तेरा सहायक और ढाल वही है।
हे यहोवा के डरवैयों, यहोवा पर भरोसा रखो! तुम्हारा सहायक और ढाल वही है।
यहोवा ने हमको स्मरण किया है; वह आशीष देगा; वह इस्राएल के घराने को आशीष देगा; वह हारून के घराने को आशीष देगा।
क्या छोटे क्या बड़े जितने यहोवा के डरवैये हैं, वह उन्हें आशीष देगा।
यहोवा तुम को और तुम्हारे वंश को भी अधिक बढ़ाता जाए।
यहोवा जो आकाश और पृथ्वी का कर्ता है, उसकी ओर से तुम आशीष पाए हो।
स्वर्ग तो यहोवा का है, परन्तु पृथ्वी उसने मनुष्यों को दी है।
मृतक जितने चुपचाप पड़े हैं, वे तो यहोवा की स्तुति नहीं कर सकते,
परन्तु हम लोग यहोवा को अब से लेकर सर्वदा तक धन्य कहते रहेंगे। यहोवा की स्तुति करो!
संत लूका के अनुसार पवित्र सुसमाचार (अध्याय 9:10-17)
¶ फिर प्रेरितों ने लौटकर जो कुछ उन्होंने किया था, उसको बता दिया, और वह उन्हें अलग करके बैतसैदा नामक एक नगर को ले गया।
यह जानकर भीड़ उसके पीछे हो ली, और वह आनन्द के साथ उनसे मिला, और उनसे परमेश्वर के राज्य की बातें करने लगा, और जो चंगे होना चाहते थे, उन्हें चंगा किया।
¶ जब दिन ढलने लगा, तो बारहों ने आकर उससे कहा, “भीड़ को विदा कर, कि चारों ओर के गाँवों और बस्तियों में जाकर अपने लिए रहने को स्थान, और भोजन का उपाय करें, क्योंकि हम यहाँ सुनसान जगह में हैं।”
उसने उनसे कहा, ‹“तुम ही उन्हें खाने को दो।”› उन्होंने कहा, “हमारे पास पाँच रोटियाँ और दो मछली को छोड़ और कुछ नहीं; परन्तु हाँ, यदि हम जाकर इन सब लोगों के लिये भोजन मोल लें, तो हो सकता है।”
(क्योंकि वहाँ पर लगभग पाँच हजार पुरुष थे।) और उसने अपने चेलों से कहा, ‹“उन्हें पचास-पचास करके पाँति में बैठा दो।”›
उन्होंने ऐसा ही किया, और सब को बैठा दिया।
तब उसने वे पाँच रोटियाँ और दो मछलियाँ लीं, और स्वर्ग की और देखकर धन्यवाद किया, और तोड़-तोड़कर चेलों को देता गया कि लोगों को परोसें।
अतः सब खाकर तृप्त हुए, और बचे हुए टुकड़ों से बारह टोकरियाँ भरकर उठाई।
Tenoo oasht emmok o piekhristos nem pekyot en aghathos nem pi epnevma ethowab je akee ak soati emmon nai nan
हम तेरा आराधन करते हैं, हे मसीह, तेरे कृपालु पिता और पवित्र आत्मा के साथ; क्योंकि तू आया और तूने हमें उद्धार दिया।
1. हे वह जिसने हमारे लिए, हम पापियों के लिए, नवम घड़ी में शरीर में मृत्यु का स्वाद चखा; हमारी शारीरिक वासनाओं को मार दे, हे मसीह हमारे परमेश्वर, और हमें छुड़ा। हे प्रभु, मेरी विनती तेरे सम्मुख आए; तेरे वचन के अनुसार मुझे समझ प्रदान कर। मेरी याचना तेरे सम्मुख पहुँचे; तेरे वचन के अनुसार मुझे जिलाए।
Doxa Patri ke Eioa ke Agio Pnevmati
पिता, पुत्र और पवित्र आत्मा की महिमा हो।
2. हे तू, जिसने नवम घड़ी में क्रूस पर लटकते हुए अपनी आत्मा पिता के हाथों में सौंप दी, और तेरे साथ क्रूस पर चढ़े हुए डाकू को स्वर्ग उद्यान में प्रवेश कराया; मुझे न तज, हे भले, न ही मुझे, खोए हुए को, अस्वीकार कर; पर मेरी आत्मा को पवित्र कर, मेरी बुद्धि को प्रकाशित कर, और मुझे तेरे जीवनदायक रहस्यों के अनुग्रह का सहभागी बना; ताकि जब मैं तेरी कृपालुताओं का स्वाद चखूँ, तो बिना ढिलाई के तुझे स्तुति चढ़ाऊँ, और सब से ऊपर तेरे तेज के लिये लालायित रहूँ; हे हमारे प्रभु मसीह, और हमें छुड़ा।
Ke nin ke a ee ke ees toos e onas toan e oa noan ameen.
अब और सदैव और युगानुयुग, आमीन।
3. हे तू जो हमारे लिये कुँवारी से जन्मा और क्रूस-वध सहा, हे भले, और अपनी मृत्यु से मृत्यु का नाश किया, और अपने पुनरुत्थान से पुनरुत्थान प्रगट किया; जिनको तूने अपने हाथों से रचा है उनसे मुँह न मोड़, परन्तु, हे भले, अपनी मनुष्य-प्रेमी दया दिखा। अपनी माता की हमारे लिये मध्यस्थता स्वीकार कर। हे उद्धारकर्ता, दीन लोगों को बचा। हमें अन्त तक न छोड़, और सदा के लिए हमें त्याग मत। अपनी वाचा मत तोड़, और अब्राहम, अपने प्रिय, इसहाक, अपने दास, और इस्राएल, अपने संत, के कारण हमसे अपनी दया मत हटा।
Ke nin ke a ee ke ees toos e onas toan e oa noan ameen.
अब और सदैव और युगानुयुग, आमीन।
4. जब डाकू ने जीवन के अधिपति को क्रूस पर लटकते देखा, तो कहा: “यदि जो हमारे साथ क्रूस पर चढ़ाया गया है, देहधारी परमेश्वर न होता, तो सूर्य अपनी किरणें न छिपाता, न ही पृथ्वी काँपकर थरथराती; परन्तु, हे सर्वशक्तिमान जो सब कुछ सहता है, जब तू अपने राज्य में आए, तो हे प्रभु, मुझे स्मरण कर।”
Doxa Patri ke Eioa ke Agio Pnevmati
पिता, पुत्र और पवित्र आत्मा की महिमा हो।
5. हे तू, जिसने क्रूस पर डाकू के अंगीकार को अपने पास स्वीकार किया, हमें भी अपने पास स्वीकार कर, हे भले; हम जो अपने पापों के कारण मृत्यु की सज़ा के योग्य हैं। हम सब अपने पाप तुझ से अंगीकार करते हैं, और तेरी देवता को मानते हुए उसके साथ पुकारते हैं, “हे प्रभु, जब तू अपने राज्य में आए, हमें स्मरण कर।”
Ke nin ke a ee ke ees toos e onas toan e oa noan ameen.
अब और सदैव और युगानुयुग, आमीन।
6. जब माता ने मेम्ने और चरवाहे, जगत के उद्धारकर्ता, को क्रूस पर लटकता देखा, तो वह रोते हुए बोली, “संसार उद्धार पाकर आनन्दित होता है, पर मेरा हृदय जलता है, क्योंकि मैं तेरे उस क्रूस-वध को देखती हूँ जिसे तू सब के लिए सह रहा है, हे मेरे पुत्र और मेरे परमेश्वर।”
तब उपासक प्रार्थना करता है:
प्रभु, हमारी सुन और हम पर दया कर, और हमारे पाप क्षमा कर। आमीन।
(प्रभु, दया कर) 41 बार
अभिमोचन
हे परमेश्वर पिता— जो हमारे प्रभु, हमारे परमेश्वर और हमारे उद्धारकर्ता यीशु मसीह के पिता हैं— जिन्होंने अपने प्रगटन द्वारा हमें उद्धार दिया और शत्रु की दासता से छुड़ाया; हम तुझ से तेरे महान और पवित्र नाम के द्वारा विनती करते हैं कि तू हमारी बुद्धि को सांसारिक चिन्ताओं और शारीरिक अभिलाषाओं से हटाकर, तेरे स्वर्गीय विधियों के स्मरण की ओर ले चल; और हे भले, मनुष्य-प्रेमी, हमारी ओर अपनी प्रीति पूर्ण कर। और हमारी सब प्रार्थनाएँ सदा— और इस नवम घड़ी की प्रार्थना— तेरे सम्मुख ग्राह्य हों। और हमें ऐसा चलना दे जैसा उस बुलाहट के योग्य है, जिससे हमें बुलाया गया है। ताकि जब हम इस शरीर से निकलें, तो हम तेरे एकलौते पुत्र, हमारे प्रभु यीशु मसीह के दुःख-भोगों के भागी होने के योग्य ठहरें; और दया, हमारे पापों की क्षमा, और उद्धार प्राप्त करें— उन सन्तों की पंक्ति के साथ, जिन्होंने आदि काल से लेकर अनन्त काल तक वास्तव में तुझे प्रसन्न किया है।
हे परमेश्वर, हमारे विरोधी की हर शक्ति और उसकी सब बुरी सेनाओं को हमारे विरुद्ध निरस्त कर, जैसे तेरे एकलौते पुत्र ने अपने जीवनदायी क्रूस की शक्ति से उन्हें रौंदा। और हे हमारे स्वामी यीशु मसीह, हमें अपने पास स्वीकार कर, जैसे तू ने दाहिने डाकू को स्वीकार किया जब तू क्रूस की लकड़ी पर टंगा था। और हम पर वैसे ही प्रकाश कर, जैसे तू ने अधोलोक के अन्धकार में बैठे हुओं पर प्रकाश किया था। और हम सब को आनन्द के स्वर्ग में लौटा; क्योंकि हे हमारे स्वामी, तू धन्य परमेश्वर है, और तेरे भले पिता और पवित्र आत्मा सहित, तेरे लिये महिमा, आदर, प्रभुता, अधिकार और वन्दना उचित है, युगानुयुग। आमेन।
हर घड़ी के अन्त में पढ़ी जानेवाली विनती
हम पर दया कर, हे परमेश्वर, फिर हम पर दया कर। तू जो हर समय और हर घड़ी— स्वर्ग में और पृथ्वी पर— प्रणम्य और महिमित है, मसीह हमारे भले परमेश्वर, दीर्घशील, दया में धनी, अत्यन्त करुणाशील— जो धर्मियों से प्रेम करता है और पापियों पर दया करता है, जिन में प्रथम मैं हूँ— जो दुष्ट के मरने से नहीं, परन्तु उसके फिरकर जीवित रहने से प्रसन्न होता है— जो सबको उद्धार के लिये बुलाता है, आनेवाली उत्तम वस्तुओं की प्रतिज्ञा के कारण।
हे प्रभु, इस घड़ी और हर घड़ी हमारी याचिकाएँ ग्रहण कर। हमारे जीवन को सरल कर, और हमें तेरी आज्ञाओं पर चलना सिखा। हमारी आत्माओं को पवित्र कर। हमारे शरीरों को शुद्ध कर। हमारे विचारों को सीधा कर। हमारी नीयतों को शुद्ध कर। हमारी बीमारियों को चंगा कर और हमारे पापों को क्षमा कर। और हमें सब बुरे शोक और हृदय-पीड़ा से बचा। अपने पवित्र स्वर्गदूतों से हमें चारों ओर से घेरे रख, कि हम उनके शिविर से सुरक्षित और निर्देशित होकर विश्वास की एकता और तेरी अगोचर और असीम महिमा की पहचान तक पहुँचें; क्योंकि तू युगानुयुग धन्य है। आमेन।
हे परमेश्वर, हमें यह योग्य बना कि हम कृतज्ञतापूर्वक कहें: हे हमारे पिता, जो स्वर्ग में है