दुष्ट मिथ्या कमाई कमाता है, परन्तु जो धर्म का बीज बोता, उसको निश्चय फल मिलता है।
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TSK · मरकुस 4:26
Treasury of Scripture Knowledge references in IRV.
¶ भोर को अपना बीज बो, और साँझ को भी अपना हाथ न रोक; क्योंकि तू नहीं जानता कि कौन सफल होगा, यह या वह या दोनों के दोनों अच्छे निकलेंगे।
क्या ही धन्य हो तुम जो सब जलाशयों के पास बीज बोते, और बैलों और गदहों को स्वतंत्रता से चराते हो।
¶ उस समय से यीशु ने प्रचार करना और यह कहना आरम्भ किया, ‹“मन फिराओ क्योंकि स्वर्ग का राज्य निकट आया है।”›
उसने उत्तर दिया, ‹“तुम को स्वर्ग के राज्य के भेदों की समझ दी गई है, पर उनको नहीं।›
¶ उसने उन्हें एक और दृष्टान्त दिया, ‹“स्वर्ग का राज्य राई के एक दाने के समान है, जिसे किसी मनुष्य ने लेकर अपने खेत में बो दिया।›
‹“सुनो! देखो, एक बोनेवाला, बीज बोने के लिये निकला।›
‹“एक बोनेवाला बीज बोने निकला: बोते हुए कुछ मार्ग के किनारे गिरा, और रौंदा गया, और आकाश के पक्षियों ने उसे चुग लिया।›
¶ फिर उसने कहा, ‹“परमेश्वर का राज्य किसके समान है? और मैं उसकी उपमा किस से दूँ?›
‹मैं तुम से सच-सच कहता हूँ, कि जब तक गेहूँ का दाना भूमि में पड़कर मर नहीं जाता, वह अकेला रहता है परन्तु जब मर जाता है, तो बहुत फल लाता है।›
और मिलाप करानेवालों के लिये धार्मिकता का फल शान्ति के साथ बोया जाता है।