All books in IRV

नीतिवचन 12

IRV · verse 10

31 chapters

IRV / नीतिवचन / Chapter 12

IRV · verse 10

धर्मी अपने पशु के भी प्राण की सुधि रखता है, परन्तु दुष्टों की दया भी निर्दयता है।