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नीतिवचन 12

IRV · verse 16

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IRV / नीतिवचन / Chapter 12

IRV · verse 16

मूर्ख की रिस तुरन्त प्रगट हो जाती है, परन्तु विवेकी मनुष्य अपमान को अनदेखा करता है।