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नीतिवचन 15

IRV · verse 28

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IRV / नीतिवचन / Chapter 15

IRV · verse 28

धर्मी मन में सोचता है कि क्या उत्तर दूँ, परन्तु दुष्टों के मुँह से बुरी बातें उबल आती हैं।