All books in IRV

नीतिवचन 18

IRV · verse 2

31 chapters

IRV / नीतिवचन / Chapter 18

IRV · verse 2

मूर्ख का मन समझ की बातों में नहीं लगता, वह केवल अपने मन की बात प्रगट करना चाहता है।