All books in IRV

नीतिवचन 20

IRV · verse 17

31 chapters

IRV / नीतिवचन / Chapter 20

IRV · verse 17

छल-कपट से प्राप्त रोटी मनुष्य को मीठी तो लगती है, परन्तु बाद में उसका मुँह कंकड़ों से भर जाता है।