All books in IRV

नीतिवचन 25

IRV · verse 27

31 chapters

IRV / नीतिवचन / Chapter 25

IRV · verse 27

जैसे बहुत मधु खाना अच्छा नहीं, वैसे ही आत्मप्रशंसा करना भी अच्छा नहीं।