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नीतिवचन 3

IRV · verse 18

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IRV / नीतिवचन / Chapter 3

IRV · verse 18

जो बुद्धि को ग्रहण कर लेते हैं, उनके लिये वह जीवन का वृक्ष बनती है; और जो उसको पकड़े रहते हैं, वह धन्य हैं।