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नीतिवचन 5

IRV · verse 22

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IRV / नीतिवचन / Chapter 5

IRV · verse 22

दुष्ट अपने ही अधर्म के कर्मों से फँसेगा, और अपने ही पाप के बन्धनों में बन्धा रहेगा।