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नीतिवचन 6

IRV · verse 26

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IRV / नीतिवचन / Chapter 6

IRV · verse 26

क्योंकि वेश्‍यागमन के कारण मनुष्य रोटी के टुकड़ों का भिखारी हो जाता है, परन्तु व्यभिचारिणी अनमोल जीवन का अहेर कर लेती है।