मत्ती 13:16
टीएसके
¶ ‹“पर धन्य है तुम्हारी आँखें, कि वे देखती हैं; और तुम्हारे कान, कि वे सुनते हैं।›
टीएसके
Treasury of Scripture Knowledge references in IRV.
¶ ‹“पर धन्य है तुम्हारी आँखें, कि वे देखती हैं; और तुम्हारे कान, कि वे सुनते हैं।›
‹यदि किसी के सुनने के कान हों, तो सुन ले।”›
‹जिसके कान हों, वह सुन ले कि पवित्र आत्मा कलीसियाओं से क्या कहता है:› ‹जो जय पाए›‹, मैं उसे उस जीवन के पेड़ में से जो परमेश्वर के स्वर्गलोक में है, फल खाने को दूँगा।›
‹जिसके कान हों, वह सुन ले कि पवित्र आत्मा कलीसियाओं से क्या कहता है; जो जय पाए, उसको मैं गुप्त मन्ना में से दूँगा, और उसे एक श्वेत पत्थर भी दूँगा; और उस पत्थर पर एक नाम लिखा हुआ होगा, जिसे उसके पानेवाले के सिवाय और कोई न जानेगा।›
‹जिसके कान हों, वह सुन ले कि आत्मा कलीसियाओं से क्या कहता है।›
‹जिसके कान हों वह सुन ले कि आत्मा कलीसियाओं से क्या कहता है।”›