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यूहन्ना 12

IRV · الآية 25

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IRV / यूहन्ना / الأصحاح 12

IRV · الآية 25

‹जो अपने प्राण को प्रिय जानता है, वह उसे खो देता है; और जो इस जगत में अपने प्राण को अप्रिय जानता है; वह अनन्त जीवन के लिये उसकी रक्षा करेगा।›