كل أسفار IRV

लैव्यव्यवस्था 21

IRV · الآية 18

27 أصحاحات

कोई क्यों न हो, जिसमें दोष हो, वह समीप न आए, चाहे वह अंधा हो, चाहे लँगड़ा, चाहे नकचपटा हो, चाहे उसके कुछ अधिक अंग हों,