भजन संहिता 126:5
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जो आँसू बहाते हुए बोते हैं, वे जयजयकार करते हुए लवने पाएँगे।
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مراجع Treasury of Scripture Knowledge في IRV.
जो आँसू बहाते हुए बोते हैं, वे जयजयकार करते हुए लवने पाएँगे।
दुष्ट अपने ही अधर्म के कर्मों से फँसेगा, और अपने ही पाप के बन्धनों में बन्धा रहेगा।
¶ जो गड्ढा खोदे वह उसमें गिरेगा और जो बाड़ा तोड़े उसको सर्प डसेगा।
उनका मन बटा हुआ है; अब वे दोषी ठहरेंगे। वह उनकी वेदियों को तोड़ डालेगा, और उनकी लाटों को टुकड़े-टुकड़े करेगा।
क्योंकि जो अपने शरीर के लिये बोता है, वह शरीर के द्वारा विनाश की कटनी काटेगा; और जो आत्मा के लिये बोता है, वह आत्मा के द्वारा अनन्त जीवन की कटनी काटेगा।
और मिलाप करानेवालों के लिये धार्मिकता का फल शान्ति के साथ बोया जाता है।