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नीतिवचन 14

IRV · الآية 34

31 أصحاحات

IRV / नीतिवचन / الأصحاح 14

IRV · الآية 34

जाति की बढ़ती धर्म ही से होती है, परन्तु पाप से देश के लोगों का अपमान होता है।