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नीतिवचन 18

IRV · الآية 2

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IRV / नीतिवचन / الأصحاح 18

IRV · الآية 2

मूर्ख का मन समझ की बातों में नहीं लगता, वह केवल अपने मन की बात प्रगट करना चाहता है।