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नीतिवचन 28

IRV · الآية 14

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IRV / नीतिवचन / الأصحاح 28

IRV · الآية 14

जो मनुष्य निरन्तर प्रभु का भय मानता रहता है वह धन्य है; परन्तु जो अपना मन कठोर कर लेता है वह विपत्ति में पड़ता है।