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नीतिवचन 30

IRV · الآية 10

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IRV / नीतिवचन / الأصحاح 30

IRV · الآية 10

किसी दास की, उसके स्वामी से चुगली न करना, ऐसा न हो कि वह तुझे श्राप दे, और तू दोषी ठहराया जाए।