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नीतिवचन 30

IRV · الآية 32

31 أصحاحات

IRV / नीतिवचन / الأصحاح 30

IRV · الآية 32

यदि तूने अपनी बढ़ाई करने की मूर्खता की, या कोई बुरी युक्ति बाँधी हो, तो अपने मुँह पर हाथ रख।