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नीतिवचन 31

IRV · الآية 20

31 أصحاحات

IRV / नीतिवचन / الأصحاح 31

IRV · الآية 20

वह दीन के लिये मुट्ठी खोलती है, और दरिद्र को सम्भालने के लिए हाथ बढ़ाती है।