मत्ती 4:2
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वह चालीस दिन, और चालीस रात, निराहार रहा, तब उसे भूख लगी।
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Treasury of Scripture Knowledge references in IRV.
वह चालीस दिन, और चालीस रात, निराहार रहा, तब उसे भूख लगी।
और चालीस दिन तक शैतान उसकी परीक्षा करता रहा। उन दिनों में उसने कुछ न खाया और जब वे दिन पूरे हो गए, तो उसे भूख लगी।
इतने में उसके चेले यीशु से यह विनती करने लगे, “हे रब्बी, कुछ खा ले।”
इस कारण उसको चाहिए था, कि सब बातों में अपने भाइयों के समान बने; जिससे वह उन बातों में जो परमेश्वर से सम्बंध रखती हैं, एक दयालु और विश्वासयोग्य महायाजक बने ताकि लोगों के पापों के लिये प्रायश्चित करे।