भजन संहिता 37:30
टीएसके
धर्मी अपने मुँह से बुद्धि की बातें करता, और न्याय का वचन कहता है।
टीएसके
Treasury of Scripture Knowledge references in IRV.
धर्मी अपने मुँह से बुद्धि की बातें करता, और न्याय का वचन कहता है।
छः वस्तुओं से यहोवा बैर रखता है, वरन् सात हैं जिनसे उसको घृणा है:
जो मन के टेढ़े हैं, उनसे यहोवा को घृणा आती है, परन्तु वह खरी चालवालों से प्रसन्न रहता है।
मूर्खता का विचार भी पाप है, और ठट्ठा करनेवाले से मनुष्य घृणा करते हैं।
‹हे साँप के बच्चों, तुम बुरे होकर कैसे अच्छी बातें कह सकते हो? क्योंकि जो मन में भरा है, वही मुँह पर आता है।›