भजन संहिता 37:16
टीएसके
धर्मी का थोड़ा सा धन दुष्टों के बहुत से धन से उत्तम है।
टीएसके
Treasury of Scripture Knowledge references in IRV.
धर्मी का थोड़ा सा धन दुष्टों के बहुत से धन से उत्तम है।
प्रेमवाले घर में सागपात का भोजन, बैरवाले घर में स्वादिष्ट माँस खाने से उत्तम है।
जो धन झूठ के द्वारा प्राप्त हो, वह वायु से उड़ जानेवाला कुहरा है, उसके ढूँढ़नेवाले मृत्यु ही को ढूँढ़ते हैं।
¶ जो अन्याय से धन बटोरता है वह उस तीतर के समान होता है जो दूसरी चिड़िया के दिए हुए अण्डों को सेती है, उसकी आधी आयु में ही वह उस धन को छोड़ जाता है, और अन्त में वह मूर्ख ही ठहरता है।
पर सन्तोष सहित भक्ति बड़ी लाभ है।