¶ आदि में वचन था, और वचन परमेश्वर के साथ था, और वचन परमेश्वर था।
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TSK · यूहन्ना 14:10
مراجع Treasury of Scripture Knowledge في IRV.
इस पर यीशु ने उनसे कहा, ‹“मेरा पिता परमेश्वर अब तक काम करता है, और मैं भी काम करता हूँ।”›
‹क्योंकि मैं अपनी इच्छा नहीं, वरन् अपने भेजनेवाले की इच्छा पूरी करने के लिये स्वर्ग से उतरा हूँ।›
तब यीशु ने मन्दिर में उपदेश देते हुए पुकारके कहा, ‹“तुम मुझे जानते हो और यह भी जानते हो कि मैं कहाँ का हूँ। मैं तो आप से नहीं आया परन्तु मेरा भेजनेवाला सच्चा है, उसको तुम नहीं जानते।›
‹मैं वही कहता हूँ, जो अपने पिता के यहाँ देखा है; और तुम वही करते रहते हो जो तुम ने अपने पिता से सुना है।”›
‹मैं और पिता एक हैं।”›
‹और जो कोई जीवित है, और मुझ पर विश्वास करता है, वह अनन्तकाल तक न मरेगा। क्या तू इस बात पर विश्वास करती है?”›
‹उस दिन तुम जानोगे, कि मैं अपने पिता में हूँ, और तुम मुझ में, और मैं तुम में।›
‹कि वे सब एक हों; जैसा तू हे पिता मुझ में हैं, और मैं तुझ में हूँ, वैसे ही वे भी हम में हों, इसलिए कि जगत विश्वास करे, कि तू ही ने मुझे भेजा।›
अर्थात् परमेश्वर ने मसीह में होकर अपने साथ संसार का मेल मिलाप कर लिया, और उनके अपराधों का दोष उन पर नहीं लगाया और उसने मेल मिलाप का वचन हमें सौंप दिया है।
क्योंकि उसमें ईश्वरत्व की सारी परिपूर्णता सदेह वास करती है।