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TSK · यूहन्ना 18:4

مراجع Treasury of Scripture Knowledge في IRV.

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फिर अब तू कहता है, ‘जाकर अपने स्वामी से कह, कि एलिय्याह मिला है!’ तब वह मुझे घात करेगा।”

मैं उस भीड़ से नहीं डरता, जो मेरे विरुद्ध चारों ओर पाँति बाँधे खड़े हैं।

दुष्ट लोग जब कोई पीछा नहीं करता तब भी भागते हैं, परन्तु धर्मी लोग जवान सिंहों के समान निडर रहते हैं।

¶ जब वे गलील में थे, तो यीशु ने उनसे कहा, ‹“मनुष्य का पुत्र मनुष्यों के हाथ में पकड़वाया जाएगा।›

‹“तुम जानते हो, कि दो दिन के बाद› ‹फसह›‹का पर्व होगा; और मनुष्य का पुत्र क्रूस पर चढ़ाए जाने के लिये पकड़वाया जाएगा।”›

¶ तब यीशु ने उनसे कहा, ‹“तुम सब आज ही रात को मेरे विषय में ठोकर खाओगे; क्योंकि लिखा है,› ‹‘मैं चरवाहे को मारूँगा; › ‹और झुण्ड की भेड़ें तितर-बितर हो जाएँगी।’›

¶ फिर उसने बारहों को साथ लेकर उनसे कहा, ‹“हम यरूशलेम को जाते हैं, और› ‹जितनी बातें मनुष्य के पुत्र के लिये भविष्यद्वक्ताओं के द्वारा लिखी गई हैं›‹वे सब पूरी होंगी।›

फिर उसने उनसे कहा, ‹“ये मेरी वे बातें हैं, जो मैंने तुम्हारे साथ रहते हुए, तुम से कही थीं, कि अवश्य है, कि जितनी बातें मूसा की व्यवस्था और भविष्यद्वक्ताओं और भजनों की पुस्तकों में, मेरे विषय में लिखी हैं, सब पूरी हों।”›

‹पिता इसलिए मुझसे प्रेम रखता है, कि मैं अपना प्राण देता हूँ, कि उसे फिर ले लूँ।›

वह तो अपने पकड़वानेवाले को जानता था इसलिए उसने कहा, ‹“तुम सब के सब शुद्ध नहीं।”›

¶ इसके बाद यीशु ने यह जानकर कि अब सब कुछ हो चुका; इसलिए कि पवित्रशास्त्र की बात पूरी हो कहा, ‹“मैं प्यासा हूँ।”›

यह सुनकर, उन्होंने एक चित्त होकर ऊँचे शब्द से परमेश्वर से कहा, “हे प्रभु, तू वही है जिसने स्वर्ग और पृथ्वी और समुद्र और जो कुछ उनमें है बनाया।

¶ इसलिए जबकि मसीह ने शरीर में होकर दुःख उठाया तो तुम भी उसी मनसा को हथियार के समान धारण करो, क्योंकि जिसने शरीर में दुःख उठाया, वह पाप से छूट गया,