घंटे की प्रार्थनाएँ

वर्तमान घंटा

मध्यरात्रि प्रार्थना

आधी रात को हम प्रभु के आगमन के लिए जागते हैं और गतसमनी में उनकी प्रार्थना को स्मरण करते हैं।

हे हमारे पिता

¶ ‹“अतः तुम इस रीति से प्रार्थना किया करो:› ‹‘हे हमारे पिता, तू जो स्वर्ग में है; तेरा नाम› ‹पवित्र ›‹माना जाए।›

‹‘तेरा राज्य आए।›‹तेरी इच्छा जैसे स्वर्ग में पूरी होती है, वैसे पृथ्वी पर भी हो।›

‹‘हमारी दिन भर की रोटी आज हमें दे।›

‹‘और जिस प्रकार हमने अपने अपराधियों को क्षमा किया है,› ‹वैसे ही तू भी हमारे अपराधों को क्षमा कर।›

‹‘और हमें परीक्षा में न ला,› ‹परन्तु बुराई से बचा; [क्योंकि राज्य और पराक्रम और महिमा सदा तेरे ही हैं।’ आमीन।]›

धन्यवाद की प्रार्थना

¶ ‹“अतः तुम इस रीति से प्रार्थना किया करो:› ‹‘हे हमारे पिता, तू जो स्वर्ग में है; तेरा नाम› ‹पवित्र ›‹माना जाए।›

‹‘तेरा राज्य आए।›‹तेरी इच्छा जैसे स्वर्ग में पूरी होती है, वैसे पृथ्वी पर भी हो।›

‹‘हमारी दिन भर की रोटी आज हमें दे।›

‹‘और जिस प्रकार हमने अपने अपराधियों को क्षमा किया है,› ‹वैसे ही तू भी हमारे अपराधों को क्षमा कर।›

‹‘और हमें परीक्षा में न ला,› ‹परन्तु बुराई से बचा; [क्योंकि राज्य और पराक्रम और महिमा सदा तेरे ही हैं।’ आमीन।]›

भजन संहिता 50

सर्वशक्तिमान परमेश्वर यहोवा ने कहा है, और उदयाचल से लेकर अस्ताचल तक पृथ्वी के लोगों को बुलाया है।

सिय्योन से, जो परम सुन्दर है, परमेश्वर ने अपना तेज दिखाया है।

हमारा परमेश्वर आएगा और चुपचाप न रहेगा, आग उसके आगे-आगे भस्म करती जाएगी; और उसके चारों ओर बड़ी आँधी चलेगी।

वह अपनी प्रजा का न्याय करने के लिये ऊपर के आकाश को और पृथ्वी को भी पुकारेगा:

“मेरे भक्तों को मेरे पास इकट्ठा करो, जिन्होंने बलिदान चढ़ाकर मुझसे वाचा बाँधी है!”

और स्वर्ग उसके धर्मी होने का प्रचार करेगा क्योंकि परमेश्वर तो आप ही न्यायी है। (सेला)

“हे मेरी प्रजा, सुन, मैं बोलता हूँ, और हे इस्राएल, मैं तेरे विषय साक्षी देता हूँ। परमेश्वर तेरा परमेश्वर मैं ही हूँ।

मैं तुझ पर तेरे बलियों के विषय दोष नहीं लगाता, तेरे होमबलि तो नित्य मेरे लिये चढ़ते हैं।

मैं न तो तेरे घर से बैल न तेरे पशुशाला से बकरे लूँगा।

क्योंकि वन के सारे जीव-जन्तु और हजारों पहाड़ों के जानवर मेरे ही हैं।

पहाड़ों के सब पक्षियों को मैं जानता हूँ, और मैदान पर चलने-फिरनेवाले जानवर मेरे ही हैं।

“यदि मैं भूखा होता तो तुझ से न कहता; क्योंकि जगत और जो कुछ उसमें है वह मेरा है।

क्या मैं बैल का माँस खाऊँ, या बकरों का लहू पीऊँ?

परमेश्वर को धन्यवाद ही का बलिदान चढ़ा, और परमप्रधान के लिये अपनी मन्नतें पूरी कर;

और संकट के दिन मुझे पुकार; मैं तुझे छुड़ाऊँगा, और तू मेरी महिमा करने पाएगा।”

परन्तु दुष्ट से परमेश्वर कहता है: “तुझे मेरी विधियों का वर्णन करने से क्या काम? तू मेरी वाचा की चर्चा क्यों करता है?

तू तो शिक्षा से बैर करता, और मेरे वचनों को तुच्छ जानता है।

जब तूने चोर को देखा, तब उसकी संगति से प्रसन्न हुआ; और परस्त्रीगामियों के साथ भागी हुआ।

“तूने अपना मुँह बुराई करने के लिये खोला, और तेरी जीभ छल की बातें गढ़ती है।

तू बैठा हुआ अपने भाई के विरुद्ध बोलता; और अपने सगे भाई की चुगली खाता है।

यह काम तूने किया, और मैं चुप रहा; इसलिए तूने समझ लिया कि परमेश्वर बिल्कुल मेरे समान है। परन्तु मैं तुझे समझाऊँगा, और तेरी आँखों के सामने सब कुछ अलग-अलग दिखाऊँगा।”

“ हे परमेश्वर को भूलनेवालो यह बात भली भाँति समझ लो, कहीं ऐसा न हो कि मैं तुम्हें फाड़ डालूँ, और कोई छुड़ानेवाला न हो।

धन्यवाद के बलिदान का चढ़ानेवाला मेरी महिमा करता है; और जो अपना चरित्र उत्तम रखता है उसको मैं परमेश्वर का उद्धार दिखाऊँगा!”

तब उपासक कहता है:

सर्वशक्तिमान परमेश्वर यहोवा ने कहा है, और उदयाचल से लेकर अस्ताचल तक पृथ्वी के लोगों को बुलाया है।

सिय्योन से, जो परम सुन्दर है, परमेश्वर ने अपना तेज दिखाया है।

हमारा परमेश्वर आएगा और चुपचाप न रहेगा, आग उसके आगे-आगे भस्म करती जाएगी; और उसके चारों ओर बड़ी आँधी चलेगी।

वह अपनी प्रजा का न्याय करने के लिये ऊपर के आकाश को और पृथ्वी को भी पुकारेगा:

“मेरे भक्तों को मेरे पास इकट्ठा करो, जिन्होंने बलिदान चढ़ाकर मुझसे वाचा बाँधी है!”

और स्वर्ग उसके धर्मी होने का प्रचार करेगा क्योंकि परमेश्वर तो आप ही न्यायी है। (सेला)

“हे मेरी प्रजा, सुन, मैं बोलता हूँ, और हे इस्राएल, मैं तेरे विषय साक्षी देता हूँ। परमेश्वर तेरा परमेश्वर मैं ही हूँ।

मैं तुझ पर तेरे बलियों के विषय दोष नहीं लगाता, तेरे होमबलि तो नित्य मेरे लिये चढ़ते हैं।

मैं न तो तेरे घर से बैल न तेरे पशुशाला से बकरे लूँगा।

क्योंकि वन के सारे जीव-जन्तु और हजारों पहाड़ों के जानवर मेरे ही हैं।

पहाड़ों के सब पक्षियों को मैं जानता हूँ, और मैदान पर चलने-फिरनेवाले जानवर मेरे ही हैं।

“यदि मैं भूखा होता तो तुझ से न कहता; क्योंकि जगत और जो कुछ उसमें है वह मेरा है।

क्या मैं बैल का माँस खाऊँ, या बकरों का लहू पीऊँ?

परमेश्वर को धन्यवाद ही का बलिदान चढ़ा, और परमप्रधान के लिये अपनी मन्नतें पूरी कर;

और संकट के दिन मुझे पुकार; मैं तुझे छुड़ाऊँगा, और तू मेरी महिमा करने पाएगा।”

परन्तु दुष्ट से परमेश्वर कहता है: “तुझे मेरी विधियों का वर्णन करने से क्या काम? तू मेरी वाचा की चर्चा क्यों करता है?

तू तो शिक्षा से बैर करता, और मेरे वचनों को तुच्छ जानता है।

जब तूने चोर को देखा, तब उसकी संगति से प्रसन्न हुआ; और परस्त्रीगामियों के साथ भागी हुआ।

“तूने अपना मुँह बुराई करने के लिये खोला, और तेरी जीभ छल की बातें गढ़ती है।

तू बैठा हुआ अपने भाई के विरुद्ध बोलता; और अपने सगे भाई की चुगली खाता है।

यह काम तूने किया, और मैं चुप रहा; इसलिए तूने समझ लिया कि परमेश्वर बिल्कुल मेरे समान है। परन्तु मैं तुझे समझाऊँगा, और तेरी आँखों के सामने सब कुछ अलग-अलग दिखाऊँगा।”

“ हे परमेश्वर को भूलनेवालो यह बात भली भाँति समझ लो, कहीं ऐसा न हो कि मैं तुम्हें फाड़ डालूँ, और कोई छुड़ानेवाला न हो।

धन्यवाद के बलिदान का चढ़ानेवाला मेरी महिमा करता है; और जो अपना चरित्र उत्तम रखता है उसको मैं परमेश्वर का उद्धार दिखाऊँगा!”

भजन संहिता 133

देखो, यह क्या ही भली और मनोहर बात है कि भाई लोग आपस में मिले रहें!

यह तो उस उत्तम तेल के समान है, जो हारून के सिर पर डाला गया था, और उसकी दाढ़ी से बहकर, उसके वस्त्र की छोर तक पहुँच गया।

वह हेर्मोन की उस ओस के समान है, जो सिय्योन के पहाड़ों पर गिरती है! यहोवा ने तो वहीं सदा के जीवन की आशीष ठहराई है।

उठो, हे ज्योति के पुत्रो

उठो, हे ज्योति के पुत्रो 1

उठो, हे ज्योति के पुत्रो, सेनाओं के प्रभु की स्तुति करें, ताकि जब हम तेरे सामने शारीरिक रूप से खड़े हों, वह हमारी आत्माओं के उद्धार का अनुग्रह करे; हमारे मनों से निद्रा की उनींदापन दूर कर। हमें, हे प्रभु, जागृति दे ताकि हम समझें कि प्रार्थना के समय तेरे सम्मुख कैसे खड़े हों, और तुझे योग्य महिमा ऊपर की ओर चढ़ाएँ, और हमारे बहुत से पापों की क्षमा प्राप्त करें। (तेरी महिमा हो, हे मनुष्य-प्रेमी)

उठो, हे ज्योति के पुत्रो 2

प्रभु को धन्य कहो, हे प्रभु के दासो; जो प्रभु के भवन में, हमारे परमेश्वर के आँगनों में खड़े रहते हो। रातों में अपने हाथ पवित्र स्थान की ओर उठाओ और प्रभु को धन्य कहो। सिय्योन से तुम्हें प्रभु आशीष दे— जिसने आकाश और पृथ्वी की सृष्टि की। (तेरी महिमा हो, हे मनुष्य-प्रेमी)

उठो, हे ज्योति के पुत्रो 3

हे प्रभु, मेरी याचना तेरे सम्मुख पहुँचे; तेरा वचन अनुसार मुझे समझ दे। मेरी विनती तेरी उपस्थिति में आए; तेरे वचन के अनुसार मुझे जीवित कर। जब तूने मुझे अपने विधियों की शिक्षा दी, तो मेरे होंठ स्तुति उण्डेलेंगे। मेरी जीभ तेरे वचनों का उच्चारण करेगी, क्योंकि तेरी सब आज्ञाएँ धर्ममय हैं। तेरे हाथ मेरा उद्धार करें, क्योंकि मैंने तेरी आज्ञाओं को चाहा है। हे प्रभु, तेरे उद्धार को मैं लालायित हुआ हूँ, और तेरी व्यवस्था मेरी ध्यान-लीला है। मेरा प्राण जीवित रहे और तुझे स्तुति करे, और तेरे नियम मेरी सहायता करें। मैं भटके हुए भेड़ के समान भटक गया हूँ; अपने दास को ढूँढ़ निकाल, क्योंकि मैं तेरी आज्ञाओं को नहीं भूला।

पिता और पुत्र और पवित्र आत्मा को महिमा, अब और सर्वदा और युगानुयुग, आमेन। पिता और पुत्र और पवित्र आत्मा को महिमा, अब और सदैव और सब युगों तक, आमेन। तेरी महिमा हो, हे भले मनुष्य-प्रेमी। तेरी माता कुँवारी और तेरे सब सन्तों को शान्ति। तेरी महिमा हो, हे पवित्र त्रित्व; हम पर दया कर।

परमेश्वर उठे, और उसके सब शत्रु तित्तर-बित्तर हों; और जो उसके पवित्र नाम से बैर रखते हैं, वे उसके मुख के सामने से भागें। परन्तु तेरी प्रजा लाखों और करोड़ों के समान आशीष पाए— तेरी इच्छा पूरी करते हुए। हे प्रभु, मेरे होंठ खोल, और मेरा मुँह तेरी स्तुति का प्रचार करे। आमेन। आलिलूया।

प्रार्थना का आरम्भ

भजन संहिता 3

हे यहोवा मेरे सतानेवाले कितने बढ़ गए हैं! वे जो मेरे विरुद्ध उठते हैं बहुत हैं।

बहुत से मेरे विषय में कहते हैं, कि उसका बचाव परमेश्वर की ओर से नहीं हो सकता। (सेला)

परन्तु हे यहोवा, तू तो मेरे चारों ओर मेरी ढाल है, तू मेरी महिमा और मेरे मस्तक का ऊँचा करनेवाला है।

मैं ऊँचे शब्द से यहोवा को पुकारता हूँ, और वह अपने पवित्र पर्वत पर से मुझे उत्तर देता है। (सेला)

मैं लेटकर सो गया; फिर जाग उठा, क्योंकि यहोवा मुझे सम्भालता है।

मैं उस भीड़ से नहीं डरता, जो मेरे विरुद्ध चारों ओर पाँति बाँधे खड़े हैं।

उठ, हे यहोवा! हे मेरे परमेश्वर मुझे बचा ले! क्योंकि तूने मेरे सब शत्रुओं के जबड़ों पर मारा है। और तूने दुष्टों के दाँत तोड़ डाले हैं।

उद्धार यहोवा ही की ओर से होता है; हे यहोवा तेरी आशीष तेरी प्रजा पर हो।

भजन संहिता 6

हे यहोवा, तू मुझे अपने क्रोध में न डाँट, और न रोष में मुझे ताड़ना दे।

हे यहोवा, मुझ पर दया कर, क्योंकि मैं कुम्हला गया हूँ; हे यहोवा, मुझे चंगा कर, क्योंकि मेरी हड्डियों में बेचैनी है।

मेरा प्राण भी बहुत खेदित है। और तू, हे यहोवा, कब तक?

लौट आ, हे यहोवा, और मेरे प्राण बचा; अपनी करुणा के निमित्त मेरा उद्धार कर।

क्योंकि मृत्यु के बाद तेरा स्मरण नहीं होता; अधोलोक में कौन तेरा धन्यवाद करेगा?

मैं कराहते-कराहते थक गया; मैं अपनी खाट आँसुओं से भिगोता हूँ; प्रति रात मेरा बिछौना भीगता है।

मेरी आँखें शोक से बैठी जाती हैं, और मेरे सब सतानेवालों के कारण वे धुँधला गई हैं।

हे सब अनर्थकारियों मेरे पास से दूर हो; क्योंकि यहोवा ने मेरे रोने का शब्द सुन लिया है।

यहोवा ने मेरा गिड़गिड़ाना सुना है; यहोवा मेरी प्रार्थना को ग्रहण भी करेगा।

मेरे सब शत्रु लज्जित होंगे और बहुत ही घबराएँगे; वे पराजित होकर पीछे हटेंगे, और एकाएक लज्जित होंगे।

भजन संहिता 12

हे यहोवा बचा ले, क्योंकि एक भी भक्त नहीं रहा; मनुष्यों में से विश्वासयोग्य लोग लुप्त‍ हो गए हैं।

प्रत्येक मनुष्य अपने पड़ोसी से झूठी बातें कहता है; वे चापलूसी के होठों से दो रंगी बातें करते हैं।

यहोवा सब चापलूस होठों को और उस जीभ को जिससे बड़ा बोल निकलता है काट डालेगा।

वे कहते हैं, “हम अपनी जीभ ही से जीतेंगे, हमारे होंठ हमारे ही वश में हैं; हम पर कौन शासन कर सकेगा?”

दीन लोगों के लुट जाने, और दरिद्रों के कराहने के कारण, यहोवा कहता है, “अब मैं उठूँगा, जिस पर वे फुँकारते हैं उसे मैं चैन विश्राम दूँगा।”

यहोवा का वचन पवित्र है, उस चाँदी के समान जो भट्ठी में मिट्टी पर ताई गई, और सात बार निर्मल की गई हो।

तू ही हे यहोवा उनकी रक्षा करेगा, उनको इस काल के लोगों से सर्वदा के लिये बचाए रखेगा।

जब मनुष्यों में बुराई का आदर होता है, तब दुष्ट लोग चारों ओर अकड़ते फिरते हैं।

भजन संहिता 69

हे परमेश्वर, मेरा उद्धार कर, मैं जल में डूबा जाता हूँ।

मैं बड़े दलदल में धँसा जाता हूँ, और मेरे पैर कहीं नहीं रुकते; मैं गहरे जल में आ गया, और धारा में डूबा जाता हूँ।

मैं पुकारते-पुकारते थक गया, मेरा गला सूख गया है; अपने परमेश्वर की बाट जोहते-जोहते, मेरी आँखें धुँधली पड़ गई हैं।

जो अकारण मेरे बैरी हैं, वे गिनती में मेरे सिर के बालों से अधिक हैं; मेरे विनाश करनेवाले जो व्यर्थ मेरे शत्रु हैं, वे सामर्थी हैं, इसलिए जो मैंने लूटा नहीं वह भी मुझ को देना पड़ा।

हे परमेश्वर, तू तो मेरी मूर्खता को जानता है, और मेरे दोष तुझ से छिपे नहीं हैं।

हे प्रभु, हे सेनाओं के यहोवा, जो तेरी बाट जोहते हैं, वे मेरे कारण लज्जित न हो; हे इस्राएल के परमेश्वर, जो तुझे ढूँढ़ते हैं, वह मेरे कारण अपमानित न हो।

तेरे ही कारण मेरी निन्दा हुई है, और मेरा मुँह लज्जा से ढँपा है।

मैं अपने भाइयों के सामने अजनबी हुआ, और अपने सगे भाइयों की दृष्टि में परदेशी ठहरा हूँ।

क्योंकि मैं तेरे भवन के निमित्त जलते-जलते भस्म हुआ, और जो निन्दा वे तेरी करते हैं, वही निन्दा मुझ को सहनी पड़ी है।

जब मैं रोकर और उपवास करके दुःख उठाता था, तब उससे भी मेरी नामधराई ही हुई।

जब मैं टाट का वस्त्र पहने था, तब मेरा दृष्टान्त उनमें चलता था।

फाटक के पास बैठनेवाले मेरे विषय बातचीत करते हैं, और मदिरा पीनेवाले मुझ पर लगता हुआ गीत गाते हैं।

परन्तु हे यहोवा, मेरी प्रार्थना तो तेरी प्रसन्नता के समय में हो रही है; हे परमेश्वर अपनी करुणा की बहुतायात से, और बचाने की अपनी सच्ची प्रतिज्ञा के अनुसार मेरी सुन ले।

मुझ को दलदल में से उबार, कि मैं धँस न जाऊँ; मैं अपने बैरियों से, और गहरे जल में से बच जाऊँ।

मैं धारा में डूब न जाऊँ, और न मैं गहरे जल में डूब मरूँ, और न पाताल का मुँह मेरे ऊपर बन्द हो।

हे यहोवा, मेरी सुन ले, क्योंकि तेरी करुणा उत्तम है; अपनी दया की बहुतायत के अनुसार मेरी ओर ध्यान दे।

अपने दास से अपना मुँह न मोड़; क्योंकि मैं संकट में हूँ, फुर्ती से मेरी सुन ले।

मेरे निकट आकर मुझे छुड़ा ले, मेरे शत्रुओं से मुझ को छुटकारा दे।

मेरी नामधराई और लज्जा और अनादर को तू जानता है: मेरे सब द्रोही तेरे सामने हैं।

मेरा हृदय नामधराई के कारण फट गया, और मैं बहुत उदास हूँ। मैंने किसी तरस खानेवाले की आशा तो की, परन्तु किसी को न पाया, और शान्ति देनेवाले ढूँढ़ता तो रहा, परन्तु कोई न मिला।

लोगों ने मेरे खाने के लिये विष दिया, और मेरी प्यास बुझाने के लिये मुझे सिरका पिलाया।

उनका भोजन उनके लिये फंदा हो जाए; और उनके सुख के समय जाल बन जाए।

उनकी आँखों पर अंधेरा छा जाए, ताकि वे देख न सके; और तू उनकी कमर को निरन्तर कँपाता रह।

उनके ऊपर अपना रोष भड़का, और तेरे क्रोध की आँच उनको लगे।

उनकी छावनी उजड़ जाए, उनके डेरों में कोई न रहे।

क्योंकि जिसको तूने मारा, वे उसके पीछे पड़े हैं, और जिनको तूने घायल किया, वे उनकी पीड़ा की चर्चा करते हैं।

उनके अधर्म पर अधर्म बढ़ा; और वे तेरे धर्म को प्राप्त न करें।

उनका नाम जीवन की पुस्तक में से काटा जाए, और धर्मियों के संग लिखा न जाए।

परन्तु मैं तो दुःखी और पीड़ित हूँ, इसलिए हे परमेश्वर, तू मेरा उद्धार करके मुझे ऊँचे स्थान पर बैठा।

मैं गीत गाकर तेरे नाम की स्तुति करूँगा, और धन्यवाद करता हुआ तेरी बड़ाई करूँगा।

यह यहोवा को बैल से अधिक, वरन् सींग और खुरवाले बैल से भी अधिक भाएगा।

नम्र लोग इसे देखकर आनन्दित होंगे, हे परमेश्वर के खोजियों, तुम्हारा मन हरा हो जाए।

क्योंकि यहोवा दरिद्रों की ओर कान लगाता है, और अपने लोगों को जो बन्दी हैं तुच्छ नहीं जानता।

स्वर्ग और पृथ्वी उसकी स्तुति करें, और समुद्र अपने सब जीवजन्तुओं समेत उसकी स्तुति करे।

क्योंकि परमेश्वर सिय्योन का उद्धार करेगा, और यहूदा के नगरों को फिर बसाएगा; और लोग फिर वहाँ बसकर उसके अधिकारी हो जाएँगे।

उसके दासों का वंश उसको अपने भाग में पाएगा, और उसके नाम के प्रेमी उसमें वास करेंगे।

भजन संहिता 85

हे यहोवा, तू अपने देश पर प्रसन्न हुआ, याकूब को बँधुवाई से लौटा ले आया है।

तूने अपनी प्रजा के अधर्म को क्षमा किया है; और उसके सब पापों को ढाँप दिया है। (सेला)

तूने अपने रोष को शान्त किया है; और अपने भड़के हुए कोप को दूर किया है।

हे हमारे उद्धारकर्ता परमेश्वर, हमको पुनः स्थापित कर, और अपना क्रोध हम पर से दूर कर!

क्या तू हम पर सदा कोपित रहेगा? क्या तू पीढ़ी से पीढ़ी तक कोप करता रहेगा?

क्या तू हमको फिर न जिलाएगा, कि तेरी प्रजा तुझ में आनन्द करे?

हे यहोवा अपनी करुणा हमें दिखा, और तू हमारा उद्धार कर।

मैं कान लगाए रहूँगा कि परमेश्वर यहोवा क्या कहता है, वह तो अपनी प्रजा से जो उसके भक्त है, शान्ति की बातें कहेगा; परन्तु वे फिरके मूर्खता न करने लगें।

निश्चय उसके डरवैयों के उद्धार का समय निकट है, तब हमारे देश में महिमा का निवास होगा।

करुणा और सच्चाई आपस में मिल गई हैं; धर्म और मेल ने आपस में चुम्बन किया हैं।

पृथ्वी में से सच्चाई उगती और स्वर्ग से धर्म झुकता है।

हाँ, यहोवा उत्तम वस्तुएँ देगा, और हमारी भूमि अपनी उपज देगी।

धर्म उसके आगे-आगे चलेगा, और उसके पाँवों के चिन्हों को हमारे लिये मार्ग बनाएगा।

भजन संहिता 90

हे प्रभु, तू पीढ़ी से पीढ़ी तक हमारे लिये धाम बना है।

इससे पहले कि पहाड़ उत्पन्न हुए, या तूने पृथ्वी और जगत की रचना की, वरन् अनादिकाल से अनन्तकाल तक तू ही परमेश्वर है।

तू मनुष्य को लौटाकर मिट्टी में ले जाता है, और कहता है, “हे आदमियों, लौट आओ!”

क्योंकि हजार वर्ष तेरी दृष्टि में ऐसे हैं, जैसा कल का दिन जो बीत गया, या रात का एक पहर।

तू मनुष्यों को धारा में बहा देता है; वे स्वप्न से ठहरते हैं, वे भोर को बढ़नेवाली घास के समान होते हैं।

वह भोर को फूलती और बढ़ती है, और साँझ तक कटकर मुर्झा जाती है।

क्योंकि हम तेरे क्रोध से भस्म हुए हैं; और तेरी जलजलाहट से घबरा गए हैं।

तूने हमारे अधर्म के कामों को अपने सम्मुख, और हमारे छिपे हुए पापों को अपने मुख की ज्योति में रखा है।

क्योंकि हमारे सब दिन तेरे क्रोध में बीत जाते हैं, हम अपने वर्ष शब्द के समान बिताते हैं।

हमारी आयु के वर्ष सत्तर तो होते हैं, और चाहे बल के कारण अस्सी वर्ष भी हो जाएँ, तो भी उनका घमण्ड केवल कष्ट और शोक ही शोक है; क्योंकि वह जल्दी कट जाती है, और हम जाते रहते हैं।

तेरे क्रोध की शक्ति को और तेरे भय के योग्य तेरे रोष को कौन समझता है?

हमको अपने दिन गिनने की समझ दे कि हम बुद्धिमान हो जाएँ।

हे यहोवा, लौट आ! कब तक? और अपने दासों पर तरस खा!

भोर को हमें अपनी करुणा से तृप्त कर, कि हम जीवन भर जयजयकार और आनन्द करते रहें।

जितने दिन तू हमें दुःख देता आया, और जितने वर्ष हम क्लेश भोगते आए हैं उतने ही वर्ष हमको आनन्द दे।

तेरा काम तेरे दासों को, और तेरा प्रताप उनकी सन्तान पर प्रगट हो।

हमारे परमेश्वर यहोवा की मनोहरता हम पर प्रगट हो, तू हमारे हाथों का काम हमारे लिये दृढ़ कर, हमारे हाथों के काम को दृढ़ कर।

भजन संहिता 116

मैं प्रेम रखता हूँ, इसलिए कि यहोवा ने मेरे गिड़गिड़ाने को सुना है।

उसने जो मेरी ओर कान लगाया है, इसलिए मैं जीवन भर उसको पुकारा करूँगा।

मृत्यु की रस्सियाँ मेरे चारों ओर थीं; मैं अधोलोक की सकेती में पड़ा था; मुझे संकट और शोक भोगना पड़ा।

तब मैंने यहोवा से प्रार्थना की, “हे यहोवा, विनती सुनकर मेरे प्राण को बचा ले!”

यहोवा करुणामय और धर्मी है; और हमारा परमेश्वर दया करनेवाला है।

यहोवा भोलों की रक्षा करता है; जब मैं बलहीन हो गया था, उसने मेरा उद्धार किया।

हे मेरे प्राण, तू अपने विश्रामस्थान में लौट आ; क्योंकि यहोवा ने तेरा उपकार किया है।

तूने तो मेरे प्राण को मृत्यु से, मेरी आँख को आँसू बहाने से, और मेरे पाँव को ठोकर खाने से बचाया है।

मैं जीवित रहते हुए, अपने को यहोवा के सामने जानकर नित चलता रहूँगा।

मैंने जो ऐसा कहा है, इसे विश्वास की कसौटी पर कसकर कहा है, “मैं तो बहुत ही दुःखित हूँ;”

मैंने उतावली से कहा, “सब मनुष्य झूठें हैं।”

यहोवा ने मेरे जितने उपकार किए हैं, उनके बदले मैं उसको क्या दूँ?

मैं उद्धार का कटोरा उठाकर, यहोवा से प्रार्थना करूँगा,

मैं यहोवा के लिये अपनी मन्नतें, सभी की दृष्टि में प्रगट रूप में, उसकी सारी प्रजा के सामने पूरी करूँगा।

यहोवा के भक्तों की मृत्यु, उसकी दृष्टि में अनमोल है।

हे यहोवा, सुन, मैं तो तेरा दास हूँ; मैं तेरा दास, और तेरी दासी का पुत्र हूँ। तूने मेरे बन्धन खोल दिए हैं।

मैं तुझको धन्यवाद-बलि चढ़ाऊँगा, और यहोवा से प्रार्थना करूँगा।

मैं यहोवा के लिये अपनी मन्नतें, प्रगट में उसकी सारी प्रजा के सामने

यहोवा के भवन के आँगनों में, हे यरूशलेम, तेरे भीतर पूरी करूँगा। यहोवा की स्तुति करो!

भजन संहिता 117

हे जाति-जाति के सब लोगों, यहोवा की स्तुति करो! हे राज्य-राज्य के सब लोगों, उसकी प्रशंसा करो!

क्योंकि उसकी करुणा हमारे ऊपर प्रबल हुई है; और यहोवा की सच्चाई सदा की है यहोवा की स्तुति करो!

भजन संहिता 118 (I)

यहोवा का धन्यवाद करो, क्योंकि वह भला है; और उसकी करुणा सदा की है!

इस्राएल कहे, उसकी करुणा सदा की है।

हारून का घराना कहे, उसकी करुणा सदा की है।

यहोवा के डरवैये कहे, उसकी करुणा सदा की है।

मैंने सकेती में परमेश्वर को पुकारा, परमेश्वर ने मेरी सुनकर, मुझे चौड़े स्थान में पहुँचाया।

यहोवा मेरी ओर है, मैं न डरूँगा। मनुष्य मेरा क्या कर सकता है?

यहोवा मेरी ओर मेरे सहायक है; मैं अपने बैरियों पर दृष्टि कर सन्तुष्ट होऊँगा।

यहोवा की शरण लेना, मनुष्य पर भरोसा रखने से उत्तम है।

यहोवा की शरण लेना, प्रधानों पर भी भरोसा रखने से उत्तम है।

सब जातियों ने मुझ को घेर लिया है; परन्तु यहोवा के नाम से मैं निश्चय उन्हें नाश कर डालूँगा।

उन्होंने मुझ को घेर लिया है, निःसन्देह, उन्होंने मुझे घेर लिया है; परन्तु यहोवा के नाम से मैं निश्चय उन्हें नाश कर डालूँगा।

उन्होंने मुझे मधुमक्खियों के समान घेर लिया है, परन्तु काँटों की आग के समान वे बुझ गए; यहोवा के नाम से मैं निश्चय उन्हें नाश कर डालूँगा!

तूने मुझे बड़ा धक्का दिया तो था, कि मैं गिर पड़ूँ, परन्तु यहोवा ने मेरी सहायता की।

परमेश्वर मेरा बल और भजन का विषय है; वह मेरा उद्धार ठहरा है।

धर्मियों के तम्बुओं में जयजयकार और उद्धार की ध्वनि हो रही है, यहोवा के दाहिने हाथ से पराक्रम का काम होता है,

यहोवा का दाहिना हाथ महान हुआ है, यहोवा के दाहिने हाथ से पराक्रम का काम होता है!

मैं न मरूँगा वरन् जीवित रहूँगा, और परमेश्वर के कामों का वर्णन करता रहूँगा।

परमेश्वर ने मेरी बड़ी ताड़ना तो की है परन्तु मुझे मृत्यु के वश में नहीं किया।

मेरे लिये धर्म के द्वार खोलो, मैं उनमें प्रवेश करके यहोवा का धन्यवाद करूँगा।

यहोवा का द्वार यही है, इससे धर्मी प्रवेश करने पाएँगे।

हे यहोवा, मैं तेरा धन्यवाद करूँगा, क्योंकि तूने मेरी सुन ली है, और मेरा उद्धार ठहर गया है।

राजमिस्त्रियों ने जिस पत्थर को निकम्मा ठहराया था वही कोने का सिरा हो गया है।

यह तो यहोवा की ओर से हुआ है, यह हमारी दृष्टि में अद्भुत है।

आज वह दिन है जो यहोवा ने बनाया है; हम इसमें मगन और आनन्दित हों।

हे यहोवा, विनती सुन, उद्धार कर! हे यहोवा, विनती सुन, सफलता दे!

धन्य है वह जो यहोवा के नाम से आता है! हमने तुम को यहोवा के घर से आशीर्वाद दिया है।

यहोवा परमेश्वर है, और उसने हमको प्रकाश दिया है। यज्ञपशु को वेदी के सींगों से रस्सियों से बाँधो!

हे यहोवा, तू मेरा परमेश्वर है, मैं तेरा धन्यवाद करूँगा; तू मेरा परमेश्वर है, मैं तुझको सराहूँगा।

यहोवा का धन्यवाद करो, क्योंकि वह भला है; और उसकी करुणा सदा बनी रहेगी!

(भजन संहिता 119)

(1) धन्य हैं वे जो मार्ग में निर्दोष हैं, जो यहोवा की व्यवस्था में चलते हैं। धन्य हैं वे जो उसकी चितौनियों को मानते हैं, और सम्पूर्ण हृदय से उसको ढूँढ़ते हैं; वे कुटिलता नहीं करते, उसके मार्गों में चलते हैं। तू ने आज्ञा दी है कि तेरी चितौनियों को पूरी रीति से माना जाए। आह! कि मेरे मार्ग तेरे विधियों के पालन में स्थिर हों! तब जब मैं तेरी सब आज्ञाओं पर दृष्टि करूँगा, तो लज्जित न होऊँगा। मैं कर्त्तव्यभाव से तेरा धन्यवाद करूँगा, जब मैं तेरे धर्म के नियमों को सीख लूँगा। मैं तेरे विधियों को मानूँगा; तू मुझे सर्वथा न छोड़। (ذكصاسي فيلا نيثروبي: तेरी महिमा हो, हे मनुष्य-प्रेमी Doxa ci Vilan`;rwpe)

(2) किस प्रकार युवक अपनी चाल को शुद्ध रखे? तेरे वचनों के अनुसार ध्यान रखकर। मैंने सम्पूर्ण हृदय से तुझे खोजा है; मुझे तेरी आज्ञाओं से भटकने न दे। मैंने तेरे वचन को अपने हृदय में रख छोड़ा है, कि मैं तेरे विरुद्ध पाप न करूँ। तू धन्य है, हे यहोवा; मुझे अपने विधियों की शिक्षा दे। मेरे होंठों ने तेरे मुँह के सब नियमों का वर्णन किया है। मैं तेरी चितौनियों के मार्ग में ऐसे आनन्दित हूँ, जैसे सब प्रकार के धन में। मैं तेरी आज्ञाओं पर चिन्ता करता हूँ, और तेरे मार्गों पर ध्यान धरता हूँ। मैं तेरे विधियों में मन लगाऊँगा, और तेरे वचन को न भूलूँगा। (ذكصاسي فيلا نيثروبي: तेरी महिमा हो, हे मनुष्य-प्रेमी Doxa ci Vilan`;rwpe)

(3) अपने दास पर अनुग्रह कर कि मैं जीवित रहूँ, और तेरे वचन को मानूँ। मेरी आँखें खोल कि मैं तेरी व्यवस्था की अद्भुत बातों को देख सकूँ। मैं पृथ्वी पर परदेशी हूँ; मुझ से अपनी आज्ञाएँ मत छिपा। मेरी आत्मा तेरे नियमों की लालसा से हर समय गलती रहती है। तू ने घमण्डियों को डाँटा है— शापित हैं वे जो तेरी आज्ञाओं से भटकते हैं। मेरी से उपहास और अपमान दूर कर, क्योंकि मैं ने तेरी चितौनियों को मान लिया है। यद्यपि प्रधान बैठकर मेरे विरुद्ध बातें करते हैं, तौभी तेरा दास तेरे विधियों पर मनन करता है। हाँ, तेरी चितौनियाँ मेरी प्रसन्नता और मेरे परामर्शदाता हैं। (ذكصاسي فيلا نيثروبي: तेरी महिमा हो, हे मनुष्य-प्रेमी Doxa ci Vilan`;rwpe)

(4) मेरा प्राण धूल से चिपका है; अपने वचन के अनुसार मुझे जिलाए रख। मैं ने अपने मार्गों का वर्णन किया और तू ने मुझे उत्तर दिया; मुझे अपने विधियों की शिक्षा दे। मुझे अपने आज्ञाओं के मार्ग की समझ दे; तब मैं तेरे अद्भुत कामों पर मनन करूँगा। मेरा प्राण शोक से गल गया है; अपने वचन के अनुसार मुझे दृढ़ कर। कुटिलता के मार्ग मुझ से दूर कर, और अपनी व्यवस्था के अनुग्रह से मुझ पर दया कर। मैं ने विश्वासयोग्यता के मार्ग को चुना है; मैं ने तेरे नियमों को अपने सामने रखा है। मैं तेरी चितौनियों से लिपटा हूँ; हे यहोवा, मुझे लज्जित न होने दे। तू जब मेरे हृदय का विस्तार करेगा, तब मैं तेरी आज्ञाओं के मार्ग में दौड़ लगाऊँगा। (ذكصاسي فيلا نيثروبي: तेरी महिमा हो, हे मनुष्य-प्रेमी Doxa ci Vilan`;rwpe)

(5) हे यहोवा, मुझे अपने विधियों का मार्ग बता कि मैं उसे अन्त तक मानूँ। मुझे समझ दे कि मैं तेरी व्यवस्था को मानूँ, और अपने सम्पूर्ण हृदय से उसे धारण करूँ। मुझे तेरी आज्ञाओं के पथ पर चलने को लगा दे, क्योंकि मैं उसी से प्रसन्न हूँ। मेरे हृदय को तेरी चितौनियों की ओर झुका दे, न कि लालच की ओर। मेरी आँखों को व्यर्थता की ओर देखना फेर दे; अपने मार्ग में मुझे जिलाए रख। अपने वचन को अपने दास के लिये स्थिर कर— जो तेरे भय का विषय है। जिस अपमान से मैं डरता हूँ, उसे मुझ से दूर कर; क्योंकि तेरे नियम भले हैं। देख, मैं ने तेरी आज्ञाओं की लालसा की है; अपनी धर्म से मुझे जिलाए रख। (ذكصاسي فيلا نيثروبي: तेरी महिमा हो, हे मनुष्य-प्रेमी Doxa ci Vilan`;rwpe)

(6) हे यहोवा, तेरी करुणा और तेरे उद्धार तेरे वचन के अनुसार मुझ पर आ जाएँ। तब मैं अपने उपहास करनेवाले को उत्तर दे सकूँगा; क्योंकि मैं तेरे वचन पर भरोसा रखता हूँ। मेरे मुँह से सच्चाई का वचन सर्वथा न उठा; क्योंकि मैं तेरे नियम पर आशा रखता हूँ। मैं तेरी व्यवस्था को सदा, युगानुयुग मानूँगा। और मैं स्वतंत्रता से चलूँगा; क्योंकि मैं तेरी आज्ञाओं की खोज करता हूँ। मैं राजाओं के साम्हने तेरी चितौनियों का उल्लेख करूँगा, और लज्जित न होऊँगा। और मैं तेरी आज्ञाओं में, जिन्हें मैं प्रेम करता हूँ, मगन रहूँगा। मैं तेरी आज्ञाओं— जिन्हें मैं प्रेम करता हूँ— की ओर अपने हाथ उठाऊँगा, और तेरे विधियों पर चिन्ता करूँगा। (ذكصاسي فيلا نيثروبي: तेरी महिमा हो, हे मनुष्य-प्रेमी Doxa ci Vilan`;rwpe)

(7) स्मरण कर अपने दास के लिये तेरे वचन का, जिस पर तू ने मुझे आशा बँधाई है। यही मेरी दुर्दशा में मेरी शान्ति है, कि तेरे वचन ने मुझे जिलाया है। घमण्डियों ने मुझे अत्यन्त उपहास किया; तौभी मैं तेरी व्यवस्था से न हटा। हे यहोवा, मैं ने तेरे प्राचीन नियमों को स्मरण किया, और शान्ति पाई। दुष्टों के कारण— जिन्होंने तेरी व्यवस्था को त्याग दिया— मुझे क्रोध आया। तेरे विधि मेरे लिये मेरे परदेस के घर में भजन रहे हैं। हे यहोवा, मैं ने रात में तेरे नाम को स्मरण किया, और तेरी व्यवस्था का पालन किया। यह मेरा भाग हुआ क्योंकि मैं ने तेरे विधियों का पालन किया। (ذكصاسي فيلا نيثروبي: तेरी महिमा हो, हे मनुष्य-प्रेमी Doxa ci Vilan`;rwpe)

(8) हे यहोवा, तू मेरा भाग है; मैं ने कहा है कि मैं तेरी वचनों का पालन करूँगा। मैं ने अपने सम्पूर्ण हृदय से तेरा अनुग्रह चाहा; तेरे वचन के अनुसार मुझ पर दया कर। मैं ने अपने मार्गों पर विचार किया, और अपने पाँव तेरी चितौनियों की ओर फेर लिए। मैं शीघ्रता किया, और तेरी आज्ञाओं को मानने में विलम्ब न किया। दुष्टों के फन्दे मुझ पर पड़े, तौभी मैं तेरी व्यवस्था को नहीं भूला। आधी रात को मैं उठकर तेरे धर्मी नियमों के लिये तेरा धन्यवाद करता हूँ। जो तुझे डरते हैं और तेरी आज्ञाओं का पालन करते हैं, उनका मैं संगी हूँ। हे यहोवा, पृथ्वी तेरी करुणा से परिपूर्ण है; मुझे अपने विधियों की शिक्षा दे। (ذكصासी فيلا نيثروبي: तेरी महिमा हो, हे मनुष्य-प्रेमी Doxa ci Vilan`;rwpe)

(9) तू ने अपने दास पर भलाई की है, हे यहोवा, अपने वचन के अनुसार। भलाई, ज्ञान और समझ मुझे सिखा; क्योंकि मैं ने तेरी आज्ञाओं पर विश्वास किया है। मैं दबाया जाने से पहले भटकता था; परन्तु अब मैं तेरे वचन को मानता हूँ। तू भला है और भलाई करता है; मुझे अपने विधियों की शिक्षा दे। घमण्डियों ने मेरे विरुद्ध झूठ रच रखा है; तौभी मैं अपने पूरे हृदय से तेरी आज्ञाओं का ध्यान करता हूँ। उनका हृदय चर्बी-सा मोटा हो गया है; परन्तु मैं तेरी व्यवस्था से प्रसन्न हूँ। यह मेरे लिये भला है कि मैं दुखी हुआ, जिससे मैं तेरे विधियों को सीखूँ। तेरे मुँह की व्यवस्था मेरे लिये हजारों सोने-चाँदी से उत्तम है। (ذكصاسي فيلا نيثروبي: तेरी महिमा हो, हे मनुष्य-प्रेमी Doxa ci Vilan`;rwpe)

(10) तेरे हाथों ने मुझे बनाया और रचा; मुझे समझ दे कि मैं तेरी आज्ञाओं को सीखूँ। जो तुझे डरते हैं, वे मुझे देखकर आनन्दित होंगे; क्योंकि मैं ने तेरे वचन पर आशा रखी है। हे यहोवा, मैं जानता हूँ कि तेरे नियम धर्ममय हैं, और तू ने विश्वासयोग्यता में मुझे दुःख दिया है। तेरी करुणा मेरे शान्ति के लिये मुझ पर आए— तेरे वचन के अनुसार अपने दास पर। तेरी दया मुझ पर आए कि मैं जीवित रहूँ; क्योंकि तेरी व्यवस्था मेरी प्रसन्नता है। घमण्डी जो बिना कारण मुझे सताते हैं, वे लज्जित हों; परन्तु मैं तेरी आज्ञाओं पर मनन करता रहूँगा। जो तुझे डरते हैं और तेरी चितौनियों को जानते हैं, वे मेरी ओर फिरें। मेरा मन तेरे विधियों में निष्कलंक रहे, ताकि मैं लज्जित न होऊँ। (ذكصاسي فيلا نيثروبي: तेरी महिमा हो, हे मनुष्य-प्रेमी Doxa ci Vilan`;rwpe)

(11) मेरी आत्मा तेरे उद्धार की आशा से व्याकुल है; मैं तेरे वचन पर आशा रखता हूँ। मेरी आँखें तेरे वचन की बाट जोहते-जोहते थक गई हैं, और कहती हैं, “तू कब मुझे शान्ति देगा?” क्योंकि मैं धूँध में पड़े मशक के समान हो गया हूँ; तौभी मैं तेरे विधियों को नहीं भूला। तेरे दास के दिन कितने हैं? जो मुझे सताते हैं, उन पर तू कब न्याय करेगा? घमण्डियों ने मेरे लिये खोद-खोदकर खाइयाँ बनाईं; वे तेरी व्यवस्था के अनुसार नहीं चलते। तेरी सब आज्ञाएँ सच्ची हैं; वे मुझे व्यर्थ सताते हैं— मेरी सहायता कर! वे मुझे पृथ्वी पर नष्ट करने पर थे; परन्तु मैं तेरी आज्ञाओं को न छोड़ा। तेरी करुणा के अनुसार मुझे जिलाए रख; तब मैं तेरे मुँह की चितौनियों को मानूँगा। (ذكصاسي فيلا نيثروبي: तेरी महिमा हो, हे मनुष्य-प्रेमी Doxa ci Vilan`;rwpe)

(12) हे यहोवा, तेरा वचन सदा के लिये स्वर्ग में ठहरा हुआ है। तेरी सच्चाई पीढ़ी से पीढ़ी तक बनी रहती है; तू ने पृथ्वी की स्थापना की, और वह स्थिर है। वे आज तक तेरे विधानों से स्थिर हैं; क्योंकि सब वस्तुएँ तेरी दास हैं। यदि तेरी व्यवस्था मेरी प्रसन्नता नहीं होती, तो मैं अपनी दुर्दशा में नष्ट हो जाता। मैं तेरी आज्ञाओं को कभी न भूलूँगा; क्योंकि उन्हीं के द्वारा तू ने मुझे जिलाया है। मैं तेरा हूँ; मुझे छुड़ा, क्योंकि मैं तेरी आज्ञाओं की खोज करता हूँ। दुष्ट मुझे नष्ट करने के लिये घात लगाए बैठे हैं; परन्तु मैं तेरी चितौनियों पर ध्यान करता हूँ। हर एक सिद्ध वस्तु का अन्त मैंने देखा है; परन्तु तेरी आज्ञा बहुत ही व्यापक है। (ذكصاسي فيلا نيثروبي: तेरी महिमा हो, हे मनुष्य-प्रेमी Doxa ci Vilan`;rwpe)

(13) हे यहोवा, मैं तेरी व्यवस्था से प्रेम रखता हूँ! वह दिन भर मेरा ध्यान है। तेरी आज्ञाएँ मेरे शत्रुओं से अधिक मुझे बुद्धिमान बनाती हैं; क्योंकि वे सदा मेरे संग रहती हैं। मैं अपने सब शिक्षकों से अधिक समझ रखता हूँ; क्योंकि तेरी चितौनियाँ मेरा ध्यान हैं। मैं पुरनियों से अधिक समझ रखता हूँ; क्योंकि मैं ने तेरी आज्ञाओं को माना है। मैं ने हर एक बुरे मार्ग से अपने पाँव रोके हैं, ताकि मैं तेरे वचन को मानूँ। मैं तेरे नियमों से नहीं फिसला; क्योंकि तू ने मुझे उपदेश दिया है। तेरे वचन मेरे तालू को कितने मीठे लगते हैं— मेरे मुँह में मधु से भी अधिक मीठे! तेरी आज्ञाओं से मुझे समझ मिली; इसलिये मैं हर एक असत्य के मार्ग से घृणा करता हूँ। (क्योंकि तू ने मेरे लिये व्यवस्था ठहराई है) (ذكصاسي فيلا نيثروبي: तेरी महिमा हो, हे मनुष्य-प्रेमी Doxa ci Vilan`;rwpe)

(14) तेरे वचन मेरे पाँव के लिये दीपक, और मेरे मार्ग के लिये ज्योति है। मैं ने शपथ खाई और निबाही है, कि मैं तेरे धर्ममय नियमों को मानूँगा। मैं अत्यन्त दुःखी हूँ; हे यहोवा, अपने वचन के अनुसार मुझे जिलाए रख। हे यहोवा, मेरे मुँह की स्वेच्छा की भेंट स्वीकार कर, और मुझे अपने नियमों की शिक्षा दे। मेरा प्राण मेरे हाथों में सर्वदा रहता है; तौभी मैं तेरी व्यवस्था को नहीं भूलता। दुष्टों ने मेरे लिये फन्दा लगाया है; तौभी मैं तेरी आज्ञाओं से न भटका। मैं तेरी चितौनियों को सदा के लिये निज भाग बना लिया है; क्योंकि वे मेरे हृदय के आनन्द हैं। मैं ने अपने मन को तेरे विधियों के करने के लिये झुका दिया है सदा— यहाँ तक कि युगानुयुग। (फलस्वरूप) (ذكصاسي فيلا نيثروبي: तेरी महिमा हो, हे मनुष्य-प्रेमी Doxa ci Vilan`;rwpe)

(15) मैं ने ठगों से बैर रखा है; परन्तु तेरी व्यवस्था से प्रेम। तू मेरा शरणस्थान और मेरी ढाल है; मैं तेरे वचन पर आशा रखता हूँ। हे कुकर्मियो, मुझ से दूर हो जाओ; मैं अपने परमेश्वर की आज्ञाओं का पालन करूँगा। अपने वचन के अनुसार मुझे सम्हाल, ताकि मैं जीवित रहूँ, और मेरी आशा निष्फल न हो। मेरी सहायता कर, तब मैं छूट जाऊँगा, और तेरी आज्ञाओं पर निरन्तर ध्यान करूँगा। तू उन सब को तुच्छ जानता है जो तेरी विधियों से भटकते हैं; क्योंकि उनका छल कपट है। पृथ्वी के सब दुष्टों को तू पराजितों के समान तुच्छ मानता है; इसलिये मैं तेरी चितौनियों से प्रेम रखता हूँ। मेरे शरीर में तेरे भय के कारण रोमांच होता है; और मैं तेरे नियमों से डरा रहता हूँ। (ذكصاسي فيلا نيثروبي: तेरी महिमा हो, हे मनुष्य-प्रेमी Doxa ci Vilan`;rwpe)

(16) मैं ने न्याय और धर्म किया है; मुझे मेरे सतानेवालों के वश में न छोड़। अपने दास के लिये भलाई का बाँहथाम बन जा, ताकि घमण्डी मुझ पर अत्याचार न करें। तेरे उद्धार और तेरे धर्ममय वचन की बाट जोहते-जोहते मेरी आँखें थक गई हैं। अपने दास के साथ अपनी करुणा के अनुसार व्यवहार कर; और मुझे अपने विधियों की शिक्षा दे। मैं तेरा दास हूँ; मुझे समझ दे कि मैं तेरी चितौनियों को जानूँ। यह समय यहोवा के लिये काम करने का है; क्योंकि उन्होंने तेरी व्यवस्था तोड़ी है। इस कारण मैं तेरी आज्ञाओं से प्रेम रखता हूँ, सोने और बहुमूल्य सोने से भी अधिक। इसलिये मैं तेरी सब चितौनियों के अनुसार सीधा चलता हूँ; और हर एक असत्य के मार्ग से घृणा करता हूँ। (ذكصاسي فيلا نيثروبي: तेरी महिमा हो, हे मनुष्य-प्रेमी Doxa ci Vilan`;rwpe)

(17) तेरी चितौनियाँ क्या ही अद्भुत हैं! इसलिये मेरा प्राण उन्हें मानता है। तेरे वचनों का उद्घाटन प्रकाश देता है; और भोले भाले लोगों को समझ देता है। मैं ने मुँह खोलकर हाँफी; क्योंकि मैं तेरी आज्ञाओं की लालसा करता हूँ। मेरी ओर देखकर मुझ पर अनुग्रह कर— उनके अनुसार जो तेरे नाम से प्रेम रखते हैं। मेरे पाँवों को अपने वचन के अनुसार स्थिर कर; और कोई कुटिलता मुझ पर प्रभुत्व न करे। मनुष्यों के अन्धेर से मुझे छुड़ा; तब मैं तेरी आज्ञाओं का पालन करूँगा। अपने दास पर अपना मुखमण्डल चमका, और मुझे अपने विधियों की शिक्षा दे। मेरी आँखों से जलधारा बहती है, क्योंकि लोग तेरी व्यवस्था का पालन नहीं करते। (ذكصاسي فيلا نيثروبي: तेरी महिमा हो, हे मनुष्य-प्रेमी Doxa ci Vilan`;rwpe)

(18) हे यहोवा, तू धर्मी है, और तेरे नियम सीधे हैं। तू ने अपने चितौनियों को धर्म और अत्यन्त सचाई से आज्ञा दी है। मेरा उत्साह मुझे नष्ट कर देता है; क्योंकि मेरे शत्रु तेरे वचनों को भूल गए हैं। तेरे वचन अति शुद्ध हैं; इसलिये तेरा दास उनसे प्रेम रखता है। मैं छोटा और तुच्छ हूँ; तौभी मैं तेरे विधियों को नहीं भूलता। तेरी धर्म सदा के लिये धर्म है, और तेरा वचन सत्य है। संकट और कष्ट मुझे मिला है; परन्तु तेरी आज्ञाएँ मेरी प्रसन्नता हैं। तेरे चितौनियाँ सदा के लिये धर्म हैं; मुझे समझ दे, तब मैं जीवित रहूँगा। (ذكصاسي فيلا نيثروبي: तेरी महिमा हो, हे मनुष्य-प्रेमी Doxa ci Vilan`;rwpe)

(19) मैं ने सम्पूर्ण हृदय से पुकारा; हे यहोवा, मुझे उत्तर दे— मैं तेरे विधियों का पालन करूँगा। मैं ने तुझ से पुकारा; तू मुझे बचा ले, तब मैं तेरी चितौनियों का पालन करूँगा। मैं भोर से पहले उठकर पुकारा; मैं तेरे वचन पर आशा रखता हूँ। मेरी आँखें रात की पहरियों से पहले जगती रहती हैं, कि मैं तेरे वचन पर चिन्ता करूँ। तेरी करुणा के अनुसार मेरी बात सुन; और अपने नियम के अनुसार मुझे जिलाए रख। जो कुटिलता का पीछा करते हैं, वे निकट आए; वे तेरी व्यवस्था से दूर हैं। हे यहोवा, तू निकट है; और तेरी सब आज्ञाएँ सत्य हैं। मैं ने तेरी चितौनियों के विषय में आरम्भ से जाना है कि तू ने उन्हें सदा के लिये स्थिर किया है। (ذكصاسي فيلا نيثروبي: तेरी महिमा हो, हे मनुष्य-प्रेमी Doxa ci Vilan`;rwpe)

(20) मेरी दुर्दशा को देखकर मुझे छुड़ा; क्योंकि मैं ने तेरी व्यवस्था को नहीं भूला। मेरा मुक़द्दमा लड़, और मुझे छुड़ा; अपने वचन के अनुसार मुझे जिलाए रख। दुष्टों के लिये उद्धार दूर है; क्योंकि वे तेरे विधियों की खोज नहीं करते। हे यहोवा, तेरी दया बड़ी है; तेरे नियम के अनुसार मुझे जिलाए रख। बहुत हैं मेरे सतानेवाले और मेरे विरोधी; तौभी मैं तेरी चितौनियों से नहीं फिसला। मैंने विश्वासघातियों को देखा और व्याकुल हुआ; क्योंकि वे तेरे वचन का पालन नहीं करते। देख, मैं ने तेरी आज्ञाओं से प्रेम रखा है; हे यहोवा, तेरी करुणा के अनुसार मुझे जिलाए रख। तेरे वचन का सार सत्य है; और तेरे धर्ममय न्याय के सब विधि सदा के लिये बने रहते हैं। (ذكصاسي فيلا نيثروبي: तेरी महिमा हो, हे मनुष्य-प्रेमी Doxa ci Vilan`;rwpe)

(21) हाकिम बिना कारण मुझे सताते हैं; परन्तु मेरा मन तेरे वचन से डरता है। मैं तेरे वचन से वैसे ही आनन्दित होता हूँ, जैसे कोई बहुत बड़े लाभ को पाता है। मैं असत्य से घृणा करता हूँ और उससे घृणा करता हूँ; परन्तु तेरी व्यवस्था से प्रेम रखता हूँ। मैं दिन में सात बार तेरे धर्ममय नियमों के कारण तेरा धन्यवाद करता हूँ। जो तेरी व्यवस्था से प्रेम रखते हैं, उन्हें बड़ी शान्ति होती है; और उनके लिये कोई ठोकर नहीं। हे यहोवा, मैं तेरे उद्धार की आशा रखता हूँ, और तेरी आज्ञाओं का पालन करता हूँ। मेरा प्राण तेरी चितौनियों को रखता है; और मैं उनसे अति प्रेम रखता हूँ। मैं तेरी आज्ञाओं और तेरी चितौनियों को मानता हूँ; क्योंकि मेरे सब मार्ग तेरे सामने हैं। (ذكصاسي فيلا نيثروبي: तेरी महिमा हो, हे मनुष्य-प्रेमी Doxa ci Vilan`;rwpe)

(22) मेरी याचना तेरे सम्मुख पहुँचे, हे यहोवा; अपने वचन के अनुसार मुझे समझ दे। मेरी विनती तेरी उपस्थिति में आए; तेरे वचन के अनुसार मुझे जिलाए रख। जब तूने मुझे अपने विधियों की शिक्षा दी, तब मेरे होंठ स्तुति उण्डेलेंगे। मेरी जीभ तेरे वचन का वर्णन करेगी; क्योंकि तेरी सब आज्ञाएँ धर्ममय हैं। तेरा हाथ मेरे उद्धार के लिये मेरी सहायता करे; क्योंकि मैं ने तेरी आज्ञाओं की लालसा की है। हे यहोवा, मैं तेरे उद्धार का अभिलाषी हूँ; और तेरी व्यवस्था मेरी ध्यान-लीला है। मेरा प्राण जीवित रहे और तुझे स्तुति करे, और तेरे नियम मेरी सहायता करें। मैं भटकी हुई भेड़ के समान भटक गया हूँ; अपने दास को ढूँढ़ निकाल; क्योंकि मैं ने तेरी आज्ञाओं को नहीं भूला। आलिलूया।

(मत्ती 25:1‑13) तब स्वर्ग का राज्य दस कुँवारियों के समान होगा, जिन्होंने अपनी-अपनी दीपक लीं और दूल्हे के सामना करने चलीं। उन में से पाँच मूर्ख थीं और पाँच बुद्धिमान थीं। क्योंकि मूर्खों ने अपनी-अपनी दीपक तो लीं, परन्तु अपने साथ तेल न लिया; परन्तु बुद्धिमानों ने अपनी-अपनी दीपक के साथ अपने पात्रों में भी तेल लिया। और दूल्हे के आने में देर होने से सब ऊँघने लगीं और सो गईं। आधी रात को धूम मची, कि देखो, दूल्हा आ पहुँचा; उसके सामना करने के लिये निकलो। तब वे सब कुँवारियाँ उठ खड़ी हुईं और अपनी-अपनी दीपक सुधारने लगीं। और मूर्खों ने बुद्धिमानों से कहा, अपना-अपना तेल हमें दे दो, क्योंकि हमारी दीपक बुझी जाती हैं। परन्तु बुद्धिमानों ने उत्तर दिया, कि ऐसा न हो कि हमारे और तुम्हारे लिये काफ़ी न पड़े; बरन बेचनेवालों के पास जाओ और अपने लिये मोल लो। वे मोल लेने जा रही थीं, कि इतने में दूल्हा आ पहुँचा; और जो तैयार थीं वे उसके साथ ब्याह के भोज में भीतर चली गईं, और द्वार बन्द हो गया। तब वे और कुँवारियाँ भी आकर कहने लगीं, ‘हे प्रभु, हे प्रभु, हमारे लिये द्वार खोल दे।’ उस ने उत्तर में कहा, ‘मैं तुम से सच कहता हूँ, मैं तुम्हें नहीं जानता।’ इसलिए जागते रहो; क्योंकि तुम न उस दिन को जानते हो, और न उस घड़ी को। (और परमेश्वर की महिमा सर्वदा रहे)।

खंड (Tropar)

देखो, दूल्हा आधी रात को आता है; धन्य है वह दास जिसे वह जागते हुए पाए। और जिसे वह लापरवाह पाए, वह उसके साथ जाने का योग्य न होगा। सो, हे मेरी आत्मा, सावधान रह, कि तू निद्रा में भारी न हो जाए, और राज्य के बाहर न फेंक दी जाए; परन्तु जागती रह और पुकार, “पवित्र, पवित्र, पवित्र है तू, हे परमेश्वर; परमेश्वर की जननी के कारण हम पर दया कर।” (ذوكصابتري كيه إيو كي آجियो ابنيفमाती Δόξα Πατρί καὶ Υἱῷ καὶ Ἁγίῳ Πνεύματι - पिता और पुत्र और पवित्र आत्मा को महिमा)

हे मेरी आत्मा, उस भयावह दिन को समझ, और जाग जा; और आनन्द के तेल से अपना दीपक प्रज्वलित कर। क्योंकि तू नहीं जानती कि कब तेरी ओर यह वाणी आएगी: “देखो, दूल्हा आ पहुँचा।” सो, हे मेरी आत्मा, ऊँघ मत; कहीं ऐसा न हो कि तू पाँच मूर्ख कुँवारियों के समान बाहर खड़ी होकर द्वार खटखटाती रह; परन्तु जागती रहकर विनती कर, कि तू मसीह प्रभु से मिले— भरपूर तेल के साथ— और वह तुझे अपनी दिव्य, सच्ची महिमा के ब्याह में सम्मिलित करे। (كي نين، كي آ إي، كي ايستوس إي أونास تون إي أونोन آمين Καὶ νῦν καὶ ἀεὶ καὶ εἰς τοὺς αἰῶνας τῶν αἰώνων. Ἀμήν - अब और सदा और युगानुयुग, आमेन)

तू ही हमारा उद्धार का प्राचीर है, हे परमेश्वर की जननी— वह अजेय, अभेध्य दृढ़ दुर्ग। विरोधियों की युक्ति को व्यर्थ कर; और अपने दासों के शोक को आनन्द में बदल दे; हमारे नगर (मठ) को दृढ़ कर; हमारे राजाओं (प्रधानों) के लिये युद्ध कर; और संसार की शान्ति के लिये मध्यस्थता कर; क्योंकि हे परमेश्वर की जननी, तू ही हमारी आशा है। (كي نين، كي آ إي، كي ايستوس إي أونास تون إي أونोन آمين Καὶ νῦν καὶ ἀεὶ καὶ εἰς τοὺς αἰῶνας τῶν αἰώνων. Ἀμήν - अब और सदा और युगानुयुग, आमेन)

हे स्वर्गीय राजा, सांत्वना देनेवाले, सत्य के आत्मा, जो सर्वत्र उपस्थित है और सबको भरता है, भलाईयों का खजाना और जीवनदाता— आ, अनुग्रह कर, हमारे भीतर वास कर, और हे भले, हमें हर अपवित्रता से शुद्ध कर, और हमारी आत्माओं का उद्धार कर। (ذوكصابتري كيه إيو كي آجيو ابنيفماتي Δόξα Πατρί καὶ Υἱῷ καὶ Ἁγίῳ Πνεύματι - पिता और पुत्र और पवित्र आत्मा को महिमा)

जैसे तू अपने शिष्यों के साथ था, हे उद्धारकर्ता, और उन्हें शान्ति दी, वैसे ही अब भी हमारे साथ रह, और हमें अपनी शान्ति प्रदान कर, और हमारा उद्धार कर, और हमारी आत्माओं को बचा। (كي نिन، كي آ إي، كي ايستوس إي أونास تون إي أونोन آمिन Καὶ νῦν καὶ ἀεὶ καὶ εἰς τοὺς αἰῶνας τῶν αἰώνων. Ἀμήν - अब और सदा और युगानुयुग, आमेन)

जब हम तेरे पवित्र मन्दिर में खड़े होते हैं, तो हम स्वर्ग में खड़े होने के समान माने जाते हैं। हे परमेश्वर की जननी, तू स्वर्ग का द्वार है; हमारे लिये दया का द्वार खोल।

Κύριε ἐλέησον क्यिरिए एलेइसोन (हे प्रभु, दया कर) 41 बार

पवित्र, पवित्र, पवित्र

पवित्र, पवित्र, पवित्र, सेनाओं के प्रभु। आकाश और पृथ्वी तेरी महिमा और आदर से परिपूर्ण हैं। हम पर दया कर, हे पिता परमेश्वर सर्वशक्तिमान। हे पवित्र त्रित्व, हम पर दया कर। हे सेनाओं के प्रभु परमेश्वर, हमारे साथ रह; क्योंकि संकटों और क्लेशों में हमारे पास तेरे सिवाय कोई सहायक नहीं।

हे परमेश्वर, हमारी बुराइयों— जिन्हें हमने इच्छा से और अनिच्छा से किया, ज्ञानपूर्वक और अज्ञान में किया, छिपकर और प्रगट में किया— उन सबको खोल, क्षमा और शुद्ध कर। हे प्रभु, तेरे उस पवित्र नाम के कारण, जो हम पर लिया गया है, उन्हें हमें क्षमा कर। तेरी दया के अनुसार, हे प्रभु, न कि हमारे पापों के अनुसार।

और हमें योग्य बना कि हम कृतज्ञतापूर्वक कहें: हे हमारे पिता, जो स्वर्ग में है...

द्वितीय पहर (सेवा)

भजन संहिता 118 (VIII)

क्या ही धन्य हैं वे जो चाल के खरे हैं, और यहोवा की व्यवस्था पर चलते हैं!

क्या ही धन्य हैं वे जो उसकी चितौनियों को मानते हैं, और पूर्ण मन से उसके पास आते हैं!

फिर वे कुटिलता का काम नहीं करते, वे उसके मार्गों में चलते हैं।

तूने अपने उपदेश इसलिए दिए हैं, कि हम उसे यत्न से माने।

भला होता कि तेरी विधियों को मानने के लिये मेरी चाल चलन दृढ़ हो जाए!

तब मैं तेरी सब आज्ञाओं की ओर चित्त लगाए रहूँगा, और मैं लज्जित न होऊँगा।

जब मैं तेरे धर्ममय नियमों को सीखूँगा, तब तेरा धन्यवाद सीधे मन से करूँगा।

मैं तेरी विधियों को मानूँगा: मुझे पूरी रीति से न तज!

जवान अपनी चाल को किस उपाय से शुद्ध रखे? तेरे वचन का पालन करने से।

मैं पूरे मन से तेरी खोज में लगा हूँ; मुझे तेरी आज्ञाओं की बाट से भटकने न दे!

मैंने तेरे वचन को अपने हृदय में रख छोड़ा है, कि तेरे विरुद्ध पाप न करूँ।

हे यहोवा, तू धन्य है; मुझे अपनी विधियाँ सिखा!

तेरे सब कहे हुए नियमों का वर्णन, मैंने अपने मुँह से किया है।

मैं तेरी चितौनियों के मार्ग से, मानो सब प्रकार के धन से हर्षित हुआ हूँ।

मैं तेरे उपदेशों पर ध्यान करूँगा, और तेरे मार्गों की ओर दृष्टि रखूँगा।

मैं तेरी विधियों से सुख पाऊँगा; और तेरे वचन को न भूलूँगा।

अपने दास का उपकार कर कि मैं जीवित रहूँ, और तेरे वचन पर चलता रहूँ।

मेरी आँखें खोल दे, कि मैं तेरी व्यवस्था की अद्भुत बातें देख सकूँ।

मैं तो पृथ्वी पर परदेशी हूँ; अपनी आज्ञाओं को मुझसे छिपाए न रख!

मेरा मन तेरे नियमों की अभिलाषा के कारण हर समय खेदित रहता है।

तूने अभिमानियों को, जो श्रापित हैं, घुड़का है, वे तेरी आज्ञाओं से भटके हुए हैं।

मेरी नामधराई और अपमान दूर कर, क्योंकि मैं तेरी चितौनियों को पकड़े हूँ।

हाकिम भी बैठे हुए आपस में मेरे विरुद्ध बातें करते थे, परन्तु तेरा दास तेरी विधियों पर ध्यान करता रहा।

तेरी चितौनियाँ मेरा सुखमूल और मेरे मंत्री हैं।

मैं धूल में पड़ा हूँ; तू अपने वचन के अनुसार मुझ को जिला!

मैंने अपनी चाल चलन का तुझ से वर्णन किया है और तूने मेरी बात मान ली है; तू मुझ को अपनी विधियाँ सिखा!

अपने उपदेशों का मार्ग मुझे समझा, तब मैं तेरे आश्चर्यकर्मों पर ध्यान करूँगा।

मेरा जीव उदासी के मारे गल चला है; तू अपने वचन के अनुसार मुझे सम्भाल!

मुझ को झूठ के मार्ग से दूर कर; और कृपा करके अपनी व्यवस्था मुझे दे।

मैंने सच्चाई का मार्ग चुन लिया है, तेरे नियमों की ओर मैं चित्त लगाए रहता हूँ।

मैं तेरी चितौनियों में लौलीन हूँ, हे यहोवा, मुझे लज्जित न होने दे!

जब तू मेरा हियाव बढ़ाएगा, तब मैं तेरी आज्ञाओं के मार्ग में दौड़ूँगा।

हे यहोवा, मुझे अपनी विधियों का मार्ग सिखा दे; तब मैं उसे अन्त तक पकड़े रहूँगा।

मुझे समझ दे, तब मैं तेरी व्यवस्था को पकड़े रहूँगा और पूर्ण मन से उस पर चलूँगा।

अपनी आज्ञाओं के पथ में मुझ को चला, क्योंकि मैं उसी से प्रसन्न हूँ।

मेरे मन को लोभ की ओर नहीं, अपनी चितौनियों ही की ओर फेर दे।

मेरी आँखों को व्यर्थ वस्तुओं की ओर से फेर दे; तू अपने मार्ग में मुझे जिला।

तेरा वादा जो तेरे भय माननेवालों के लिये है, उसको अपने दास के निमित्त भी पूरा कर।

जिस नामधराई से मैं डरता हूँ, उसे दूर कर; क्योंकि तेरे नियम उत्तम हैं।

देख, मैं तेरे उपदेशों का अभिलाषी हूँ; अपने धर्म के कारण मुझ को जिला।

हे यहोवा, तेरी करुणा और तेरा किया हुआ उद्धार, तेरे वादे के अनुसार, मुझ को भी मिले;

तब मैं अपनी नामधराई करनेवालों को कुछ उत्तर दे सकूँगा, क्योंकि मेरा भरोसा, तेरे वचन पर है।

मुझे अपने सत्य वचन कहने से न रोक क्योंकि मेरी आशा तेरे नियमों पर है।

तब मैं तेरी व्यवस्था पर लगातार, सदा सर्वदा चलता रहूँगा;

और मैं चौड़े स्थान में चला फिरा करूँगा, क्योंकि मैंने तेरे उपदेशों की सुधि रखी है।

और मैं तेरी चितौनियों की चर्चा राजाओं के सामने भी करूँगा, और लज्जित न होऊँगा;

क्योंकि मैं तेरी आज्ञाओं के कारण सुखी हूँ, और मैं उनसे प्रीति रखता हूँ।

मैं तेरी आज्ञाओं की ओर जिनमें मैं प्रीति रखता हूँ, हाथ फैलाऊँगा और तेरी विधियों पर ध्यान करूँगा।

जो वादा तूने अपने दास को दिया है, उसे स्मरण कर, क्योंकि तूने मुझे आशा दी है।

मेरे दुःख में मुझे शान्ति उसी से हुई है, क्योंकि तेरे वचन के द्वारा मैंने जीवन पाया है।

अहंकारियों ने मुझे अत्यन्त ठट्ठे में उड़ाया है, तो भी मैं तेरी व्यवस्था से नहीं हटा।

हे यहोवा, मैंने तेरे प्राचीन नियमों को स्मरण करके शान्ति पाई है।

जो दुष्ट तेरी व्यवस्था को छोड़े हुए हैं, उनके कारण मैं क्रोध से जलता हूँ।

जहाँ मैं परदेशी होकर रहता हूँ, वहाँ तेरी विधियाँ, मेरे गीत गाने का विषय बनी हैं।

हे यहोवा, मैंने रात को तेरा नाम स्मरण किया, और तेरी व्यवस्था पर चला हूँ।

यह मुझसे इस कारण हुआ, कि मैं तेरे उपदेशों को पकड़े हुए था।

यहोवा मेरा भाग है; मैंने तेरे वचनों के अनुसार चलने का निश्चय किया है।

मैंने पूरे मन से तुझे मनाया है; इसलिए अपने वादे के अनुसार मुझ पर दया कर।

मैंने अपनी चाल चलन को सोचा, और तेरी चितौनियों का मार्ग लिया।

मैंने तेरी आज्ञाओं के मानने में विलम्ब नहीं, फुर्ती की है।

मैं दुष्टों की रस्सियों से बन्ध गया हूँ, तो भी मैं तेरी व्यवस्था को नहीं भूला।

तेरे धर्ममय नियमों के कारण मैं आधी रात को तेरा धन्यवाद करने को उठूँगा।

जितने तेरा भय मानते और तेरे उपदेशों पर चलते हैं, उनका मैं संगी हूँ।

हे यहोवा, तेरी करुणा पृथ्वी में भरी हुई है; तू मुझे अपनी विधियाँ सिखा!

हे यहोवा, तूने अपने वचन के अनुसार अपने दास के संग भलाई की है।

मुझे भली विवेक-शक्ति और समझ दे, क्योंकि मैंने तेरी आज्ञाओं का विश्वास किया है।

उससे पहले कि मैं दुःखित हुआ, मैं भटकता था; परन्तु अब मैं तेरे वचन को मानता हूँ।

तू भला है, और भला करता भी है; मुझे अपनी विधियाँ सिखा।

अभिमानियों ने तो मेरे विरुद्ध झूठ बात गढ़ी है, परन्तु मैं तेरे उपदेशों को पूरे मन से पकड़े रहूँगा।

उनका मन मोटा हो गया है, परन्तु मैं तेरी व्यवस्था के कारण सुखी हूँ।

मुझे जो दुःख हुआ वह मेरे लिये भला ही हुआ है, जिससे मैं तेरी विधियों को सीख सकूँ।

तेरी दी हुई व्यवस्था मेरे लिये हजारों रुपयों और मुहरों से भी उत्तम है।

तेरे हाथों से मैं बनाया और रचा गया हूँ; मुझे समझ दे कि मैं तेरी आज्ञाओं को सीखूँ।

तेरे डरवैये मुझे देखकर आनन्दित होंगे, क्योंकि मैंने तेरे वचन पर आशा लगाई है।

हे यहोवा, मैं जान गया कि तेरे नियम धर्ममय हैं, और तूने अपने सच्चाई के अनुसार मुझे दुःख दिया है।

मुझे अपनी करुणा से शान्ति दे, क्योंकि तूने अपने दास को ऐसा ही वादा दिया है।

तेरी दया मुझ पर हो, तब मैं जीवित रहूँगा; क्योंकि मैं तेरी व्यवस्था से सुखी हूँ।

अहंकारी लज्जित किए जाए, क्योंकि उन्होंने मुझे झूठ के द्वारा गिरा दिया है; परन्तु मैं तेरे उपदेशों पर ध्यान करूँगा।

जो तेरा भय मानते हैं, वह मेरी ओर फिरें, तब वे तेरी चितौनियों को समझ लेंगे।

मेरा मन तेरी विधियों के मानने में सिद्ध हो, ऐसा न हो कि मुझे लज्जित होना पड़े।

मेरा प्राण तेरे उद्धार के लिये बैचेन है; परन्तु मुझे तेरे वचन पर आशा रहती है।

मेरी आँखें तेरे वादे के पूरे होने की बाट जोहते-जोहते धुंधली पड़ गईं है; और मैं कहता हूँ कि तू मुझे कब शान्ति देगा?

क्योंकि मैं धुएँ में की कुप्पी के समान हो गया हूँ, तो भी तेरी विधियों को नहीं भूला।

तेरे दास के कितने दिन रह गए हैं? तू मेरे पीछे पड़े हुओं को दण्ड कब देगा?

अहंकारी जो तेरी व्यवस्था के अनुसार नहीं चलते, उन्होंने मेरे लिये गड्ढे खोदे हैं।

तेरी सब आज्ञाएँ विश्वासयोग्य हैं; वे लोग झूठ बोलते हुए मेरे पीछे पड़े हैं; तू मेरी सहायता कर!

वे मुझ को पृथ्वी पर से मिटा डालने ही पर थे, परन्तु मैंने तेरे उपदेशों को नहीं छोड़ा।

अपनी करुणा के अनुसार मुझ को जिला, तब मैं तेरी दी हुई चितौनी को मानूँगा।

हे यहोवा, तेरा वचन, आकाश में सदा तक स्थिर रहता है।

तेरी सच्चाई पीढ़ी से पीढ़ी तक बनी रहती है; तूने पृथ्वी को स्थिर किया, इसलिए वह बनी है।

वे आज के दिन तक तेरे नियमों के अनुसार ठहरे हैं; क्योंकि सारी सृष्टि तेरे अधीन है।

यदि मैं तेरी व्यवस्था से सुखी न होता, तो मैं दुःख के समय नाश हो जाता।

मैं तेरे उपदेशों को कभी न भूलूँगा; क्योंकि उन्हीं के द्वारा तूने मुझे जिलाया है।

मैं तेरा ही हूँ, तू मेरा उद्धार कर; क्योंकि मैं तेरे उपदेशों की सुधि रखता हूँ।

दुष्ट मेरा नाश करने के लिये मेरी घात में लगे हैं; परन्तु मैं तेरी चितौनियों पर ध्यान करता हूँ।

मैंने देखा है कि प्रत्येक पूर्णता की सीमा होती है, परन्तु तेरी आज्ञा का विस्तार बड़ा और सीमा से परे है।

आहा! मैं तेरी व्यवस्था में कैसी प्रीति रखता हूँ! दिन भर मेरा ध्यान उसी पर लगा रहता है।

तू अपनी आज्ञाओं के द्वारा मुझे अपने शत्रुओं से अधिक बुद्धिमान करता है, क्योंकि वे सदा मेरे मन में रहती हैं।

मैं अपने सब शिक्षकों से भी अधिक समझ रखता हूँ, क्योंकि मेरा ध्यान तेरी चितौनियों पर लगा है।

मैं पुरनियों से भी समझदार हूँ, क्योंकि मैं तेरे उपदेशों को पकड़े हुए हूँ।

मैंने अपने पाँवों को हर एक बुरे रास्ते से रोक रखा है, जिससे मैं तेरे वचन के अनुसार चलूँ।

मैं तेरे नियमों से नहीं हटा, क्योंकि तू ही ने मुझे शिक्षा दी है।

तेरे वचन मुझ को कैसे मीठे लगते हैं, वे मेरे मुँह में मधु से भी मीठे हैं!

तेरे उपदेशों के कारण मैं समझदार हो जाता हूँ, इसलिए मैं सब मिथ्या मार्गों से बैर रखता हूँ।

तेरा वचन मेरे पाँव के लिये दीपक, और मेरे मार्ग के लिये उजियाला है।

मैंने शपथ खाई, और ठान लिया है कि मैं तेरे धर्ममय नियमों के अनुसार चलूँगा।

मैं अत्यन्त दुःख में पड़ा हूँ; हे यहोवा, अपने वादे के अनुसार मुझे जिला।

हे यहोवा, मेरे वचनों को स्वेच्छाबलि जानकर ग्रहण कर, और अपने नियमों को मुझे सिखा।

मेरा प्राण निरन्तर मेरी हथेली पर रहता है, तो भी मैं तेरी व्यवस्था को भूल नहीं गया।

दुष्टों ने मेरे लिये फंदा लगाया है, परन्तु मैं तेरे उपदेशों के मार्ग से नहीं भटका।

मैंने तेरी चितौनियों को सदा के लिये अपना निज भागकर लिया है, क्योंकि वे मेरे हृदय के हर्ष का कारण है।

मैंने अपने मन को इस बात पर लगाया है, कि अन्त तक तेरी विधियों पर सदा चलता रहूँ।

मैं दुचित्तों से तो बैर रखता हूँ, परन्तु तेरी व्यवस्था से प्रीति रखता हूँ।

तू मेरी आड़ और ढाल है; मेरी आशा तेरे वचन पर है।

हे कुकर्मियों, मुझसे दूर हो जाओ, कि मैं अपने परमेश्वर की आज्ञाओं को पकड़े रहूँ!

हे यहोवा, अपने वचन के अनुसार मुझे सम्भाल, कि मैं जीवित रहूँ, और मेरी आशा को न तोड़!

मुझे थामे रख, तब मैं बचा रहूँगा, और निरन्तर तेरी विधियों की ओर चित्त लगाए रहूँगा!

जितने तेरी विधियों के मार्ग से भटक जाते हैं, उन सब को तू तुच्छ जानता है, क्योंकि उनकी चतुराई झूठ है।

तूने पृथ्वी के सब दुष्टों को धातु के मैल के समान दूर किया है; इस कारण मैं तेरी चितौनियों से प्रीति रखता हूँ।

तेरे भय से मेरा शरीर काँप उठता है, और मैं तेरे नियमों से डरता हूँ।

मैंने तो न्याय और धर्म का काम किया है; तू मुझे अत्याचार करनेवालों के हाथ में न छोड़।

अपने दास की भलाई के लिये जामिन हो, ताकि अहंकारी मुझ पर अत्याचार न करने पाएँ।

मेरी आँखें तुझ से उद्धार पाने, और तेरे धर्ममय वचन के पूरे होने की बाट जोहते-जोहते धुँधली पड़ गई हैं।

अपने दास के संग अपनी करुणा के अनुसार बर्ताव कर, और अपनी विधियाँ मुझे सिखा।

मैं तेरा दास हूँ, तू मुझे समझ दे कि मैं तेरी चितौनियों को समझूँ।

वह समय आया है, कि यहोवा काम करे, क्योंकि लोगों ने तेरी व्यवस्था को तोड़ दिया है।

इस कारण मैं तेरी आज्ञाओं को सोने से वरन् कुन्दन से भी अधिक प्रिय मानता हूँ।

इसी कारण मैं तेरे सब उपदेशों को सब विषयों में ठीक जानता हूँ; और सब मिथ्या मार्गों से बैर रखता हूँ।

तेरी चितौनियाँ अद्भुत हैं, इस कारण मैं उन्हें अपने जी से पकड़े हुए हूँ।

तेरी बातों के खुलने से प्रकाश होता है; उससे निर्बुद्धि लोग समझ प्राप्त करते हैं।

मैं मुँह खोलकर हाँफने लगा, क्योंकि मैं तेरी आज्ञाओं का प्यासा था।

जैसी तेरी रीति अपने नाम के प्रीति रखनेवालों से है, वैसे ही मेरी ओर भी फिरकर मुझ पर दया कर।

मेरे पैरों को अपने वचन के मार्ग पर स्थिर कर, और किसी अनर्थ बात को मुझ पर प्रभुता न करने दे।

मुझे मनुष्यों के अत्याचार से छुड़ा ले, तब मैं तेरे उपदेशों को मानूँगा।

अपने दास पर अपने मुख का प्रकाश चमका दे, और अपनी विधियाँ मुझे सिखा।

मेरी आँखों से आँसुओं की धारा बहती रहती है, क्योंकि लोग तेरी व्यवस्था को नहीं मानते।

हे यहोवा तू धर्मी है, और तेरे नियम सीधे हैं।

तूने अपनी चितौनियों को धर्म और पूरी सत्यता से कहा है।

मैं तेरी धुन में भस्म हो रहा हूँ, क्योंकि मेरे सतानेवाले तेरे वचनों को भूल गए हैं।

तेरा वचन पूरी रीति से ताया हुआ है, इसलिए तेरा दास उसमें प्रीति रखता है।

मैं छोटा और तुच्छ हूँ, तो भी मैं तेरे उपदेशों को नहीं भूलता।

तेरा धर्म सदा का धर्म है, और तेरी व्यवस्था सत्य है।

मैं संकट और सकेती में फँसा हूँ, परन्तु मैं तेरी आज्ञाओं से सुखी हूँ।

तेरी चितौनियाँ सदा धर्ममय हैं; तू मुझ को समझ दे कि मैं जीवित रहूँ।

मैंने सारे मन से प्रार्थना की है, हे यहोवा मेरी सुन! मैं तेरी विधियों को पकड़े रहूँगा।

मैंने तुझ से प्रार्थना की है, तू मेरा उद्धार कर, और मैं तेरी चितौनियों को माना करूँगा।

मैंने पौ फटने से पहले दुहाई दी; मेरी आशा तेरे वचनों पर थी।

मेरी आँखें रात के एक-एक पहर से पहले खुल गईं, कि मैं तेरे वचन पर ध्यान करूँ।

अपनी करुणा के अनुसार मेरी सुन ले; हे यहोवा, अपनी नियमों के रीति अनुसार मुझे जीवित कर।

जो दुष्टता की धुन में हैं, वे निकट आ गए हैं; वे तेरी व्यवस्था से दूर हैं।

हे यहोवा, तू निकट है, और तेरी सब आज्ञाएँ सत्य हैं।

बहुत काल से मैं तेरी चितौनियों को जानता हूँ, कि तूने उनकी नींव सदा के लिये डाली है।

मेरे दुःख को देखकर मुझे छुड़ा ले, क्योंकि मैं तेरी व्यवस्था को भूल नहीं गया।

मेरा मुकद्दमा लड़, और मुझे छुड़ा ले; अपने वादे के अनुसार मुझ को जिला।

दुष्टों को उद्धार मिलना कठिन है, क्योंकि वे तेरी विधियों की सुधि नहीं रखते।

हे यहोवा, तेरी दया तो बड़ी है; इसलिए अपने नियमों के अनुसार मुझे जिला।

मेरा पीछा करनेवाले और मेरे सतानेवाले बहुत हैं, परन्तु मैं तेरी चितौनियों से नहीं हटता।

मैं विश्वासघातियों को देखकर घृणा करता हूँ; क्योंकि वे तेरे वचन को नहीं मानते।

देख, मैं तेरे उपदेशों से कैसी प्रीति रखता हूँ! हे यहोवा, अपनी करुणा के अनुसार मुझ को जिला।

तेरा सारा वचन सत्य ही है; और तेरा एक-एक धर्ममय नियम सदाकाल तक अटल है।

हाकिम व्यर्थ मेरे पीछे पड़े हैं, परन्तु मेरा हृदय तेरे वचनों का भय मानता है।

जैसे कोई बड़ी लूट पाकर हर्षित होता है, वैसे ही मैं तेरे वचन के कारण हर्षित हूँ।

झूठ से तो मैं बैर और घृणा रखता हूँ, परन्तु तेरी व्यवस्था से प्रीति रखता हूँ।

तेरे धर्ममय नियमों के कारण मैं प्रतिदिन सात बार तेरी स्तुति करता हूँ।

तेरी व्यवस्था से प्रीति रखनेवालों को बड़ी शान्ति होती है; और उनको कुछ ठोकर नहीं लगती।

हे यहोवा, मैं तुझ से उद्धार पाने की आशा रखता हूँ; और तेरी आज्ञाओं पर चलता आया हूँ।

मैं तेरी चितौनियों को जी से मानता हूँ, और उनसे बहुत प्रीति रखता आया हूँ।

मैं तेरे उपदेशों और चितौनियों को मानता आया हूँ, क्योंकि मेरी सारी चाल चलन तेरे सम्मुख प्रगट है।

हे यहोवा, मेरी दुहाई तुझ तक पहुँचे; तू अपने वचन के अनुसार मुझे समझ दे!

मेरा गिड़गिड़ाना तुझ तक पहुँचे; तू अपने वचन के अनुसार मुझे छुड़ा ले।

मेरे मुँह से स्तुति निकला करे, क्योंकि तू मुझे अपनी विधियाँ सिखाता है।

मैं तेरे वचन का गीत गाऊँगा, क्योंकि तेरी सब आज्ञाएँ धर्ममय हैं।

तेरा हाथ मेरी सहायता करने को तैयार रहता है, क्योंकि मैंने तेरे उपदेशों को अपनाया है।

हे यहोवा, मैं तुझ से उद्धार पाने की अभिलाषा करता हूँ, मैं तेरी व्यवस्था से सुखी हूँ।

मुझे जिला, और मैं तेरी स्तुति करूँगा, तेरे नियमों से मेरी सहायता हो।

मैं खोई हुई भेड़ के समान भटका हूँ; तू अपने दास को ढूँढ़ ले, क्योंकि मैं तेरी आज्ञाओं को भूल नहीं गया।

भजन संहिता 118 (IX)

संकट के समय मैंने यहोवा को पुकारा, और उसने मेरी सुन ली।

हे यहोवा, झूठ बोलनेवाले मुँह से और छली जीभ से मेरी रक्षा कर।

हे छली जीभ, तुझको क्या मिले? और तेरे साथ और क्या अधिक किया जाए?

वीर के नोकीले तीर और झाऊ के अंगारे!

हाय, हाय, क्योंकि मुझे मेशेक में परदेशी होकर रहना पड़ा और केदार के तम्बुओं में बसना पड़ा है!

बहुत समय से मुझ को मेल के बैरियों के साथ बसना पड़ा है।

मैं तो मेल चाहता हूँ; परन्तु मेरे बोलते ही, वे लड़ना चाहते हैं!

भजन संहिता 118 (X)

मैं अपनी आँखें पर्वतों की ओर उठाऊँगा। मुझे सहायता कहाँ से मिलेगी?

मुझे सहायता यहोवा की ओर से मिलती है, जो आकाश और पृथ्वी का कर्ता है।

वह तेरे पाँव को टलने न देगा, तेरा रक्षक कभी न ऊँघेगा।

सुन, इस्राएल का रक्षक, न ऊँघेगा और न सोएगा।

यहोवा तेरा रक्षक है; यहोवा तेरी दाहिनी ओर तेरी आड़ है।

न तो दिन को धूप से, और न रात को चाँदनी से तेरी कुछ हानि होगी।

यहोवा सारी विपत्ति से तेरी रक्षा करेगा; वह तेरे प्राण की रक्षा करेगा।

यहोवा तेरे आने-जाने में तेरी रक्षा अब से लेकर सदा तक करता रहेगा।

भजन संहिता 118 (XI)

जब लोगों ने मुझसे कहा, “आओ, हम यहोवा के भवन को चलें,” तब मैं आनन्दित हुआ।

हे यरूशलेम, तेरे फाटकों के भीतर, हम खड़े हो गए हैं!

हे यरूशलेम, तू ऐसे नगर के समान बना है, जिसके घर एक दूसरे से मिले हुए हैं।

वहाँ यहोवा के गोत्र-गोत्र के लोग यहोवा के नाम का धन्यवाद करने को जाते हैं; यह इस्राएल के लिये साक्षी है।

वहाँ तो न्याय के सिंहासन, दाऊद के घराने के लिये रखे हुए हैं।

यरूशलेम की शान्ति का वरदान माँगो, तेरे प्रेमी कुशल से रहें!

तेरी शहरपनाह के भीतर शान्ति, और तेरे महलों में कुशल होवे!

अपने भाइयों और संगियों के निमित्त, मैं कहूँगा कि तुझ में शान्ति होवे!

अपने परमेश्वर यहोवा के भवन के निमित्त, मैं तेरी भलाई का यत्न करूँगा।

भजन संहिता 118 (XII)

हे स्वर्ग में विराजमान मैं अपनी आँखें तेरी ओर उठाता हूँ!

देख, जैसे दासों की आँखें अपने स्वामियों के हाथ की ओर, और जैसे दासियों की आँखें अपनी स्वामिनी के हाथ की ओर लगी रहती है, वैसे ही हमारी आँखें हमारे परमेश्वर यहोवा की ओर उस समय तक लगी रहेंगी, जब तक वह हम पर दया न करे।

हम पर दया कर, हे यहोवा, हम पर कृपा कर, क्योंकि हम अपमान से बहुत ही भर गए हैं।

हमारा जीव सुखी लोगों के उपहास से, और अहंकारियों के अपमान से बहुत ही भर गया है।

भजन संहिता 118 (XIII)

इस्राएल यह कहे, कि यदि हमारी ओर यहोवा न होता,

यदि यहोवा उस समय हमारी ओर न होता जब मनुष्यों ने हम पर चढ़ाई की,

तो वे हमको उसी समय जीवित निगल जाते, जब उनका क्रोध हम पर भड़का था,

हम उसी समय जल में डूब जाते और धारा में बह जाते;

उमड़ते जल में हम उसी समय ही बह जाते।

धन्य है यहोवा, जिसने हमको उनके दाँतों तले जाने न दिया!

हमारा जीव पक्षी के समान चिड़ीमार के जाल से छूट गया; जाल फट गया और हम बच निकले!

यहोवा जो आकाश और पृथ्वी का कर्ता है, हमारी सहायता उसी के नाम से होती है।

भजन संहिता 118 (XIV)

जो यहोवा पर भरोसा रखते हैं, वे सिय्योन पर्वत के समान हैं, जो टलता नहीं, वरन् सदा बना रहता है।

जिस प्रकार यरूशलेम के चारों ओर पहाड़ हैं, उसी प्रकार यहोवा अपनी प्रजा के चारों ओर अब से लेकर सर्वदा तक बना रहेगा।

दुष्टों का राजदण्ड धर्मियों के भाग पर बना न रहेगा, ऐसा न हो कि धर्मी अपने हाथ कुटिल काम की ओर बढ़ाएँ।

हे यहोवा, भलों का और सीधे मनवालों का भला कर!

परन्तु जो मुड़कर टेढ़े मार्गों में चलते हैं, उनको यहोवा अनर्थकारियों के संग निकाल देगा! इस्राएल को शान्ति मिले!

भजन संहिता 118 (XV)

जब यहोवा सिय्योन में लौटनेवालों को लौटा ले आया, तब हम स्वप्न देखनेवाले से हो गए।

तब हम आनन्द से हँसने और जयजयकार करने लगे; तब जाति-जाति के बीच में कहा जाता था, “यहोवा ने, इनके साथ बड़े-बड़े काम किए हैं।”

यहोवा ने हमारे साथ बड़े-बड़े काम किए हैं; और इससे हम आनन्दित हैं।

हे यहोवा, दक्षिण देश के नालों के समान, हमारे बन्दियों को लौटा ले आ!

जो आँसू बहाते हुए बोते हैं, वे जयजयकार करते हुए लवने पाएँगे।

चाहे बोनेवाला बीज लेकर रोता हुआ चला जाए, परन्तु वह फिर पूलियाँ लिए जयजयकार करता हुआ निश्चय लौट आएगा।

भजन संहिता 118 (XVI)

यदि घर को यहोवा न बनाए, तो उसके बनानेवालों का परिश्रम व्यर्थ होगा। यदि नगर की रक्षा यहोवा न करे, तो रखवाले का जागना व्यर्थ ही होगा।

तुम जो सवेरे उठते और देर करके विश्राम करते और कठोर परिश्रम की रोटी खाते हो, यह सब तुम्हारे लिये व्यर्थ ही है; क्योंकि वह अपने प्रियों को यों ही नींद प्रदान करता है।

देखो, बच्चे यहोवा के दिए हुए भाग हैं, गर्भ का फल उसकी ओर से प्रतिफल है।

जैसे वीर के हाथ में तीर, वैसे ही जवानी के बच्चे होते हैं।

क्या ही धन्य है वह पुरुष जिसने अपने तरकश को उनसे भर लिया हो! वह फाटक के पास अपने शत्रुओं से बातें करते संकोच न करेगा।

भजन संहिता 118 (XVII)

क्या ही धन्य है हर एक जो यहोवा का भय मानता है, और उसके मार्गों पर चलता है!

तू अपनी कमाई को निश्चय खाने पाएगा; तू धन्य होगा, और तेरा भला ही होगा।

तेरे घर के भीतर तेरी स्त्री फलवन्त दाखलता सी होगी; तेरी मेज के चारों ओर तेरे बच्चे जैतून के पौधे के समान होंगे।

सुन, जो पुरुष यहोवा का भय मानता हो, वह ऐसी ही आशीष पाएगा।

यहोवा तुझे सिय्योन से आशीष देवे, और तू जीवन भर यरूशलेम का कुशल देखता रहे!

वरन् तू अपने नाती-पोतों को भी देखने पाए! इस्राएल को शान्ति मिले!

भजन संहिता 127

धन्य हैं सब वे जो यहोवा का भय मानते और उसके मार्गों में चलते हैं। तू अपने हाथों का परिश्रम खाएगा; तू धन्य होगा, और तेरा भला होगा। तेरी पत्नी तेरे घर के भीतर फलवन्ती दाखलता के समान होगी; तेरे पुत्र तेरी मेज़ के चारों ओर जैतून के पौधों के समान होंगे। देख, ऐसा मनुष्य धन्य होगा जो यहोवा का भय मानता है। यहोवा तुझे सिय्योन से आशीष दे, कि तू अपने जीवन के सब दिनों में यरूशलेम की समृद्धि को देखे; और तू अपने पुत्रों के पुत्रों को देखे। इस्राएल पर शान्ति! आलिलूया।

भजन संहिता 128

बहुत बार उन्होंने मुझे मेरी जवानी से सताया है— इस्राएल कहे— बहुत बार उन्होंने मुझे मेरी जवानी से सताया है, तौभी वे मुझ पर प्रबल न हो सके। लोगों ने मेरे पाठी पर जोता, उन्होंने अपनी नाँदें लम्बी कीं। यहोवा धर्मी है; वह दुष्टों के बन्धनों को काट देता है। जो सिय्योन से बैर रखते हैं, वे सब लज्जित होकर पछाड़े जाएँ। वे छत की घास के समान हों, जो उखाड़े जाने से पहिले सूख जाती है; जिससे काटनेवाले का हाथ, न गट्ठर बाँधनेवाले का अंचल भरता है। और जो उधर से निकलते हैं, वे न कहें, “यहोवा की आशीष तुम पर हो; हम यहोवा के नाम से तुम को आशीष देते हैं।” आलिलूया।

(लूका 7:36‑50) तब फरीसियों में से एक ने उससे बिनती की कि वह उसके साथ भोजन करे; अतः वह फरीसी के घर जाकर भोजन करने बैठा। और देखो, नगर की एक स्त्री जो पापिन थी, जब उसने जाना कि वह फरीसी के घर में भोजन कर रहा है, तो संगमरमर के पात्र में सुगन्धित तेल लाई; और उसके पीछे उसके पाँवों के पास खड़ी होकर रोती रही, और उसके पाँव आँसुओं से भिगोकर अपने सिर के बालों से पोंछती और उसके पाँवों को चूमती और सुगन्धित तेल से उनका अभिषेक करती रही। जब उसे बुलानेवाले फरीसी ने यह देखा, तो अपने मन में कहने लगा, “यदि यह मनुष्य नबी होता, तो जान लेता कि जो उसे छू रही है, वह कौन और कैसी स्त्री है; क्योंकि वह पापिन है।” यीशु ने उससे कहा, “हे शमौन, मेरे पास तेरे लिये कुछ कहना है।” उसने कहा, “हे गुरु, कह।” “किसी साहूकार के दो देनदार थे; एक पाँच सौ दिनार और दूसरा पचास का देनदार था। और जब उनके पास चुकाने को कुछ न रहा, तो उसने दोनों को उधार क्षमा कर दिया। अब तू बता, उन में से कौन उससे अधिक प्रेम रखेगा?” शमौन ने उत्तर दिया, “मेरा विचार यह है, कि जिसे अधिक उधार क्षमा किया गया।” उसने उससे कहा, “तू ने ठीक कहा।” तब वह उस स्त्री की ओर देखकर शमौन से कहने लगा, “क्या तू इस स्त्री को देखता है? मैं तेरे घर आया; तू ने मेरे पाँव धोने को जल न दिया, परन्तु इसने मेरे पाँव आँसुओं से भिगोकर अपने बालों से पोंछा। तू ने मुझे चुम्बन न दिया; परन्तु इसने जब से मैं भीतर आया, मेरे पाँव चूमना न छोड़ा। तू ने मेरे सिर पर तेल न लगाया; परन्तु इसने मेरे पाँवों पर सुगन्धित तेल लगाया। इसलिये मैं तुझ से कहता हूँ कि इसके बहुत पाप क्षमा हुए, क्योंकि इसने बहुत प्रेम किया; परन्तु जिसे थोड़ा क्षमा किया जाता है, वह थोड़ा प्रेम करता है।” फिर उसने उस स्त्री से कहा, “तेरे पाप क्षमा हुए।” तब जो उसके साथ भोजन कर रहे थे, वे अपने में कहने लगे, “यह कौन है जो पाप भी क्षमा करता है?” परन्तु उसने स्त्री से कहा, “तेरे विश्वास ने तुझे उद्धार दिया; शान्ति से जा।” (और परमेश्वर की महिमा सदा रहे।)

खंड (Tropar)

मुझे, हे प्रभु, आँसुओं के बहुत से सोते दे, जैसे तू ने पुराने समय में उस पापिन स्त्री को दिए थे; और मुझे योग्य कर कि मैं तेरे उन पाँवों को आँसुओं से भिगोऊँ, जिन्होंने मुझे भटकाव के मार्ग से छुड़ाया है; और मैं तुझे अत्युत्तम सुगन्धि अर्पित करूँ, और मन-परिवर्तन के द्वारा अपने लिये निर्मल जीवन प्राप्त करूँ; ताकि मैं उस आनन्दपूर्ण वाणी को सुन सकूँ: “तेरे विश्वास ने तुझे उद्धार दिया।” (ذوكصابتري كيه إيو كي آجيو ابنيفماتي Δόξα Πατρί καὶ Υἱῷ καὶ Ἁγίῳ Πνεύματι - पिता और पुत्र और पवित्र आत्मा को महिमा)

जब मैं अपने बहुत से बुरे कर्मों पर विचार करता हूँ, और उस भयावह न्याय का चिन्तन मेरे मन में आता है, तब मुझे कंपकंपी ले लेती है; मैं तेरे पास भागता हूँ, हे मनुष्य-प्रेमी परमेश्वर। मुझे अपने से दूर न कर, हे तू जो अकेला निष्पाप है; अन्त से पहले मेरी दीन आत्मा पर विनम्रता का वरदान दे, और मुझे बचा। (كي نिन، كي آ إي، كي ايستوس إي أونास تون إي أونोन آمिन Καὶ νῦν καὶ ἀεὶ καὶ εἰς τοὺς αἰῶνας τῶν αἰώνων. Ἀμήν - अब और सदा और युगानुयुग, आमेन)

आकाश तुझे धन्य कहते हैं, हे अनुग्रह से परिपूर्ण— वह दुल्हिन जो बिना विवाह की है; और हम भी तेरे अगम्य जन्म की महिमा करते हैं; हे परमेश्वर की जननी, दया और उद्धार की माता, हमारी आत्माओं के उद्धार के लिये मध्यस्थता कर। (كي نिन، كي آ إي، كي ايستوس إي أونास تون إي أونोन آمिन Καὶ νῦν καὶ ἀεὶ καὶ εἰς τοὺς αἰῶνας τῶν αἰώνων. Ἀμήν - अब और सदा और युगानुयुग, आमेन)

हे स्वर्गीय राजा, सांत्वना देनेवाले, सत्य के आत्मा, जो सर्वत्र उपस्थित है और सबको भरता है, भलाईयों का खजाना और जीवनदाता— आ, अनुग्रह कर, हमारे भीतर वास कर, और हे भले, हमें हर अपवित्रता से शुद्ध कर, और हमारी आत्माओं का उद्धार कर। (ذوكصابتري كيه إيو كي آجيو ابنيفماتي Δόξα Πατρί καὶ Υἱῷ καὶ Ἁγίῳ Πνεύματι - पिता और पुत्र और पवित्र आत्मा को महिमा)

जैसे तू अपने शिष्यों के साथ था, हे उद्धारकर्ता, और उन्हें शान्ति दी, वैसे ही अब भी हमारे साथ रह, और हमें अपनी शान्ति प्रदान कर, और हमारा उद्धार कर, और हमारी आत्माओं को बचा। (كي نिन، كي آ إي، كي ايستوس إي أونास تون إي أونون آمिन Καὶ νῦν καὶ ἀεὶ καὶ εἰς τοὺς αἰῶνας τῶν αἰώνων. Ἀμήν - अब और सदा और युगानुयुग, आमेन)

जब हम तेरे पवित्र मन्दिर में खड़े होते हैं, तो हम स्वर्ग में खड़े होने के समान माने जाते हैं। हे परमेश्वर की जननी, तू स्वर्ग का द्वार है; हमारे लिये दया का द्वार खोल।

Κύριε ἐλέησον क्यिरिए एलेइसोन (हे प्रभु, दया कर) 41 बार

त्रिसागियन (तीन बार पवित्र)

पवित्र परमेश्वर, पवित्र बलशाली, पवित्र अमर— जो कुँवारी से उत्पन्न हुआ— हम पर दया कर। पवित्र परमेश्वर, पवित्र बलशाली, पवित्र अमर— जो हमारे लिये क्रूस पर चढ़ाया गया— हम पर दया कर। पवित्र परमेश्वर, पवित्र बलशाली, पवित्र अमर— जो मृतकों में से जी उठा और स्वर्ग पर गया— हम पर दया कर। पिता और पुत्र और पवित्र आत्मा को महिमा, अब और सर्वदा और युगानुयुग, आमेन। हे पवित्र त्रित्व, हम पर दया कर। हे पवित्र त्रित्व, हम पर दया कर। हे पवित्र त्रित्व, हम पर दया कर।

हे प्रभु, हमारे पाप क्षमा कर। हे प्रभु, हमारे अपराध क्षमा कर। हे प्रभु, हमारी भूलें क्षमा कर। हे प्रभु, अपनी पवित्र नाम के कारण, तेरी प्रजा के रोगियों का दर्शन कर; उन्हें चंगा कर। हमारे पितरों और भाइयों को, जो निद्रा में सो गए हैं— हे प्रभु, उनकी आत्माओं को विश्राम दे। हे निष्पाप, हे प्रभु, हम पर दया कर। हे निष्कलंक, हे प्रभु, हमारी सहायता कर, और हमारी बिनतियों को अपने पास स्वीकार कर; क्योंकि तेरे लिये महिमा, प्रभुता और त्रिगुण पवित्रता है। हे प्रभु, दया कर। हे प्रभु, दया कर। हे प्रभु, आशीष दे। आमेन।

और हमें योग्य बना कि हम कृतज्ञतापूर्वक कहें: हे हमारे पिता, जो स्वर्ग में है...

Tenoo oasht emmok o piekhristos nem pekyot en aghathos nem pi epnevma ethowab je akee ak soati emmon nai nan

इस्राएल अब यह कहे, “मेरे बचपन से लोग मुझे बार बार क्लेश देते आए हैं,

मेरे बचपन से वे मुझ को बार बार क्लेश देते तो आए हैं, परन्तु मुझ पर प्रबल नहीं हुए।

हलवाहों ने मेरी पीठ के ऊपर हल चलाया, और लम्बी-लम्बी रेखाएँ की।”

यहोवा धर्मी है; उसने दुष्टों के फंदों को काट डाला है;

जितने सिय्योन से बैर रखते हैं, वे सब लज्जित हों, और पराजित होकर पीछे हट जाए!

वे छत पर की घास के समान हों, जो बढ़ने से पहले सूख जाती है;

जिससे कोई लवनेवाला अपनी मुट्ठी नहीं भरता, न पूलियों का कोई बाँधनेवाला अपनी अँकवार भर पाता है,

और न आने-जानेवाले यह कहते हैं, “यहोवा की आशीष तुम पर होवे! हम तुम को यहोवा के नाम से आशीर्वाद देते हैं!”

तब उपासक प्रार्थना करता है:

हे यहोवा, मैंने गहरे स्थानों में से तुझको पुकारा है!

हे प्रभु, मेरी सुन! तेरे कान मेरे गिड़गिड़ाने की ओर ध्यान से लगे रहें!

हे यहोवा, यदि तू अधर्म के कामों का लेखा ले, तो हे प्रभु कौन खड़ा रह सकेगा?

परन्तु तू क्षमा करनेवाला है, जिससे तेरा भय माना जाए।

मैं यहोवा की बाट जोहता हूँ, मैं जी से उसकी बाट जोहता हूँ, और मेरी आशा उसके वचन पर है;

पहरुए जितना भोर को चाहते हैं, हाँ, पहरुए जितना भोर को चाहते हैं, उससे भी अधिक मैं यहोवा को अपने प्राणों से चाहता हूँ।

इस्राएल, यहोवा पर आशा लगाए रहे! क्योंकि यहोवा करुणा करनेवाला और पूरा छुटकारा देनेवाला है।

इस्राएल को उसके सारे अधर्म के कामों से वही छुटकारा देगा।

पवित्र, पवित्र, पवित्र

हे यहोवा, न तो मेरा मन गर्व से और न मेरी दृष्टि घमण्ड से भरी है; और जो बातें बड़ी और मेरे लिये अधिक कठिन हैं, उनसे मैं काम नहीं रखता।

निश्चय मैंने अपने मन को शान्त और चुप कर दिया है, जैसे दूध छुड़ाया हुआ बच्चा अपनी माँ की गोद में रहता है, वैसे ही दूध छुड़ाए हुए बच्चे के समान मेरा मन भी रहता है।

हे इस्राएल, अब से लेकर सदा सर्वदा यहोवा ही पर आशा लगाए रह!

प्रत्येक घड़ी का समापन

हे यहोवा, दाऊद के लिये उसकी सारी दुर्दशा को स्मरण कर;

उसने यहोवा से शपथ खाई, और याकूब के सर्वशक्तिमान की मन्नत मानी है,

उसने कहा, “निश्चय मैं उस समय तक अपने घर में प्रवेश न करूँगा, और न अपने पलंग पर चढूँगा;

न अपनी आँखों में नींद, और न अपनी पलकों में झपकी आने दूँगा,

जब तक मैं यहोवा के लिये एक स्थान, अर्थात् याकूब के सर्वशक्तिमान के लिये निवास-स्थान न पाऊँ।”

देखो, हमने एप्राता में इसकी चर्चा सुनी है, हमने इसको वन के खेतों में पाया है।

आओ, हम उसके निवास में प्रवेश करें, हम उसके चरणों की चौकी के आगे दण्डवत् करें!

हे यहोवा, उठकर अपने विश्रामस्थान में अपनी सामर्थ्य के सन्दूक समेत आ।

तेरे याजक धर्म के वस्त्र पहने रहें, और तेरे भक्त लोग जयजयकार करें।

अपने दास दाऊद के लिये, अपने अभिषिक्त की प्रार्थना को अनसुनी न कर।

यहोवा ने दाऊद से सच्ची शपथ खाई है और वह उससे न मुकरेगा: “मैं तेरी गद्दी पर तेरे एक निज पुत्र को बैठाऊँगा।

यदि तेरे वंश के लोग मेरी वाचा का पालन करें और जो चितौनी मैं उन्हें सिखाऊँगा, उस पर चलें, तो उनके वंश के लोग भी तेरी गद्दी पर युग-युग बैठते चले जाएँगे।”

निश्चय यहोवा ने सिय्योन को चुना है, और उसे अपने निवास के लिये चाहा है।

“यह तो युग-युग के लिये मेरा विश्रामस्थान हैं; यहीं मैं रहूँगा, क्योंकि मैंने इसको चाहा है।

मैं इसमें की भोजनवस्तुओं पर अति आशीष दूँगा; और इसके दरिद्रों को रोटी से तृप्त करूँगा।

इसके याजकों को मैं उद्धार का वस्त्र पहनाऊँगा, और इसके भक्त लोग ऊँचे स्वर से जयजयकार करेंगे।

वहाँ मैं दाऊद का एक सींग उगाऊँगा; मैंने अपने अभिषिक्त के लिये एक दीपक तैयार कर रखा है।

मैं उसके शत्रुओं को तो लज्जा का वस्त्र पहनाऊँगा, परन्तु उसके सिर पर उसका मुकुट शोभायमान रहेगा।”

दूसरी पहर

देखो, यह क्या ही भली और मनोहर बात है कि भाई लोग आपस में मिले रहें!

यह तो उस उत्तम तेल के समान है, जो हारून के सिर पर डाला गया था, और उसकी दाढ़ी से बहकर, उसके वस्त्र की छोर तक पहुँच गया।

वह हेर्मोन की उस ओस के समान है, जो सिय्योन के पहाड़ों पर गिरती है! यहोवा ने तो वहीं सदा के जीवन की आशीष ठहराई है।

भजन संहिता 119

क्या ही धन्य हैं वे जो चाल के खरे हैं, और यहोवा की व्यवस्था पर चलते हैं!

क्या ही धन्य हैं वे जो उसकी चितौनियों को मानते हैं, और पूर्ण मन से उसके पास आते हैं!

फिर वे कुटिलता का काम नहीं करते, वे उसके मार्गों में चलते हैं।

तूने अपने उपदेश इसलिए दिए हैं, कि हम उसे यत्न से माने।

भला होता कि तेरी विधियों को मानने के लिये मेरी चाल चलन दृढ़ हो जाए!

तब मैं तेरी सब आज्ञाओं की ओर चित्त लगाए रहूँगा, और मैं लज्जित न होऊँगा।

जब मैं तेरे धर्ममय नियमों को सीखूँगा, तब तेरा धन्यवाद सीधे मन से करूँगा।

मैं तेरी विधियों को मानूँगा: मुझे पूरी रीति से न तज!

जवान अपनी चाल को किस उपाय से शुद्ध रखे? तेरे वचन का पालन करने से।

मैं पूरे मन से तेरी खोज में लगा हूँ; मुझे तेरी आज्ञाओं की बाट से भटकने न दे!

मैंने तेरे वचन को अपने हृदय में रख छोड़ा है, कि तेरे विरुद्ध पाप न करूँ।

हे यहोवा, तू धन्य है; मुझे अपनी विधियाँ सिखा!

तेरे सब कहे हुए नियमों का वर्णन, मैंने अपने मुँह से किया है।

मैं तेरी चितौनियों के मार्ग से, मानो सब प्रकार के धन से हर्षित हुआ हूँ।

मैं तेरे उपदेशों पर ध्यान करूँगा, और तेरे मार्गों की ओर दृष्टि रखूँगा।

मैं तेरी विधियों से सुख पाऊँगा; और तेरे वचन को न भूलूँगा।

अपने दास का उपकार कर कि मैं जीवित रहूँ, और तेरे वचन पर चलता रहूँ।

मेरी आँखें खोल दे, कि मैं तेरी व्यवस्था की अद्भुत बातें देख सकूँ।

मैं तो पृथ्वी पर परदेशी हूँ; अपनी आज्ञाओं को मुझसे छिपाए न रख!

मेरा मन तेरे नियमों की अभिलाषा के कारण हर समय खेदित रहता है।

तूने अभिमानियों को, जो श्रापित हैं, घुड़का है, वे तेरी आज्ञाओं से भटके हुए हैं।

मेरी नामधराई और अपमान दूर कर, क्योंकि मैं तेरी चितौनियों को पकड़े हूँ।

हाकिम भी बैठे हुए आपस में मेरे विरुद्ध बातें करते थे, परन्तु तेरा दास तेरी विधियों पर ध्यान करता रहा।

तेरी चितौनियाँ मेरा सुखमूल और मेरे मंत्री हैं।

मैं धूल में पड़ा हूँ; तू अपने वचन के अनुसार मुझ को जिला!

मैंने अपनी चाल चलन का तुझ से वर्णन किया है और तूने मेरी बात मान ली है; तू मुझ को अपनी विधियाँ सिखा!

अपने उपदेशों का मार्ग मुझे समझा, तब मैं तेरे आश्चर्यकर्मों पर ध्यान करूँगा।

मेरा जीव उदासी के मारे गल चला है; तू अपने वचन के अनुसार मुझे सम्भाल!

मुझ को झूठ के मार्ग से दूर कर; और कृपा करके अपनी व्यवस्था मुझे दे।

मैंने सच्चाई का मार्ग चुन लिया है, तेरे नियमों की ओर मैं चित्त लगाए रहता हूँ।

मैं तेरी चितौनियों में लौलीन हूँ, हे यहोवा, मुझे लज्जित न होने दे!

जब तू मेरा हियाव बढ़ाएगा, तब मैं तेरी आज्ञाओं के मार्ग में दौड़ूँगा।

हे यहोवा, मुझे अपनी विधियों का मार्ग सिखा दे; तब मैं उसे अन्त तक पकड़े रहूँगा।

मुझे समझ दे, तब मैं तेरी व्यवस्था को पकड़े रहूँगा और पूर्ण मन से उस पर चलूँगा।

अपनी आज्ञाओं के पथ में मुझ को चला, क्योंकि मैं उसी से प्रसन्न हूँ।

मेरे मन को लोभ की ओर नहीं, अपनी चितौनियों ही की ओर फेर दे।

मेरी आँखों को व्यर्थ वस्तुओं की ओर से फेर दे; तू अपने मार्ग में मुझे जिला।

तेरा वादा जो तेरे भय माननेवालों के लिये है, उसको अपने दास के निमित्त भी पूरा कर।

जिस नामधराई से मैं डरता हूँ, उसे दूर कर; क्योंकि तेरे नियम उत्तम हैं।

देख, मैं तेरे उपदेशों का अभिलाषी हूँ; अपने धर्म के कारण मुझ को जिला।

हे यहोवा, तेरी करुणा और तेरा किया हुआ उद्धार, तेरे वादे के अनुसार, मुझ को भी मिले;

तब मैं अपनी नामधराई करनेवालों को कुछ उत्तर दे सकूँगा, क्योंकि मेरा भरोसा, तेरे वचन पर है।

मुझे अपने सत्य वचन कहने से न रोक क्योंकि मेरी आशा तेरे नियमों पर है।

तब मैं तेरी व्यवस्था पर लगातार, सदा सर्वदा चलता रहूँगा;

और मैं चौड़े स्थान में चला फिरा करूँगा, क्योंकि मैंने तेरे उपदेशों की सुधि रखी है।

और मैं तेरी चितौनियों की चर्चा राजाओं के सामने भी करूँगा, और लज्जित न होऊँगा;

क्योंकि मैं तेरी आज्ञाओं के कारण सुखी हूँ, और मैं उनसे प्रीति रखता हूँ।

मैं तेरी आज्ञाओं की ओर जिनमें मैं प्रीति रखता हूँ, हाथ फैलाऊँगा और तेरी विधियों पर ध्यान करूँगा।

जो वादा तूने अपने दास को दिया है, उसे स्मरण कर, क्योंकि तूने मुझे आशा दी है।

मेरे दुःख में मुझे शान्ति उसी से हुई है, क्योंकि तेरे वचन के द्वारा मैंने जीवन पाया है।

अहंकारियों ने मुझे अत्यन्त ठट्ठे में उड़ाया है, तो भी मैं तेरी व्यवस्था से नहीं हटा।

हे यहोवा, मैंने तेरे प्राचीन नियमों को स्मरण करके शान्ति पाई है।

जो दुष्ट तेरी व्यवस्था को छोड़े हुए हैं, उनके कारण मैं क्रोध से जलता हूँ।

जहाँ मैं परदेशी होकर रहता हूँ, वहाँ तेरी विधियाँ, मेरे गीत गाने का विषय बनी हैं।

हे यहोवा, मैंने रात को तेरा नाम स्मरण किया, और तेरी व्यवस्था पर चला हूँ।

यह मुझसे इस कारण हुआ, कि मैं तेरे उपदेशों को पकड़े हुए था।

यहोवा मेरा भाग है; मैंने तेरे वचनों के अनुसार चलने का निश्चय किया है।

मैंने पूरे मन से तुझे मनाया है; इसलिए अपने वादे के अनुसार मुझ पर दया कर।

मैंने अपनी चाल चलन को सोचा, और तेरी चितौनियों का मार्ग लिया।

मैंने तेरी आज्ञाओं के मानने में विलम्ब नहीं, फुर्ती की है।

मैं दुष्टों की रस्सियों से बन्ध गया हूँ, तो भी मैं तेरी व्यवस्था को नहीं भूला।

तेरे धर्ममय नियमों के कारण मैं आधी रात को तेरा धन्यवाद करने को उठूँगा।

जितने तेरा भय मानते और तेरे उपदेशों पर चलते हैं, उनका मैं संगी हूँ।

हे यहोवा, तेरी करुणा पृथ्वी में भरी हुई है; तू मुझे अपनी विधियाँ सिखा!

हे यहोवा, तूने अपने वचन के अनुसार अपने दास के संग भलाई की है।

मुझे भली विवेक-शक्ति और समझ दे, क्योंकि मैंने तेरी आज्ञाओं का विश्वास किया है।

उससे पहले कि मैं दुःखित हुआ, मैं भटकता था; परन्तु अब मैं तेरे वचन को मानता हूँ।

तू भला है, और भला करता भी है; मुझे अपनी विधियाँ सिखा।

अभिमानियों ने तो मेरे विरुद्ध झूठ बात गढ़ी है, परन्तु मैं तेरे उपदेशों को पूरे मन से पकड़े रहूँगा।

उनका मन मोटा हो गया है, परन्तु मैं तेरी व्यवस्था के कारण सुखी हूँ।

मुझे जो दुःख हुआ वह मेरे लिये भला ही हुआ है, जिससे मैं तेरी विधियों को सीख सकूँ।

तेरी दी हुई व्यवस्था मेरे लिये हजारों रुपयों और मुहरों से भी उत्तम है।

तेरे हाथों से मैं बनाया और रचा गया हूँ; मुझे समझ दे कि मैं तेरी आज्ञाओं को सीखूँ।

तेरे डरवैये मुझे देखकर आनन्दित होंगे, क्योंकि मैंने तेरे वचन पर आशा लगाई है।

हे यहोवा, मैं जान गया कि तेरे नियम धर्ममय हैं, और तूने अपने सच्चाई के अनुसार मुझे दुःख दिया है।

मुझे अपनी करुणा से शान्ति दे, क्योंकि तूने अपने दास को ऐसा ही वादा दिया है।

तेरी दया मुझ पर हो, तब मैं जीवित रहूँगा; क्योंकि मैं तेरी व्यवस्था से सुखी हूँ।

अहंकारी लज्जित किए जाए, क्योंकि उन्होंने मुझे झूठ के द्वारा गिरा दिया है; परन्तु मैं तेरे उपदेशों पर ध्यान करूँगा।

जो तेरा भय मानते हैं, वह मेरी ओर फिरें, तब वे तेरी चितौनियों को समझ लेंगे।

मेरा मन तेरी विधियों के मानने में सिद्ध हो, ऐसा न हो कि मुझे लज्जित होना पड़े।

मेरा प्राण तेरे उद्धार के लिये बैचेन है; परन्तु मुझे तेरे वचन पर आशा रहती है।

मेरी आँखें तेरे वादे के पूरे होने की बाट जोहते-जोहते धुंधली पड़ गईं है; और मैं कहता हूँ कि तू मुझे कब शान्ति देगा?

क्योंकि मैं धुएँ में की कुप्पी के समान हो गया हूँ, तो भी तेरी विधियों को नहीं भूला।

तेरे दास के कितने दिन रह गए हैं? तू मेरे पीछे पड़े हुओं को दण्ड कब देगा?

अहंकारी जो तेरी व्यवस्था के अनुसार नहीं चलते, उन्होंने मेरे लिये गड्ढे खोदे हैं।

तेरी सब आज्ञाएँ विश्वासयोग्य हैं; वे लोग झूठ बोलते हुए मेरे पीछे पड़े हैं; तू मेरी सहायता कर!

वे मुझ को पृथ्वी पर से मिटा डालने ही पर थे, परन्तु मैंने तेरे उपदेशों को नहीं छोड़ा।

अपनी करुणा के अनुसार मुझ को जिला, तब मैं तेरी दी हुई चितौनी को मानूँगा।

हे यहोवा, तेरा वचन, आकाश में सदा तक स्थिर रहता है।

तेरी सच्चाई पीढ़ी से पीढ़ी तक बनी रहती है; तूने पृथ्वी को स्थिर किया, इसलिए वह बनी है।

वे आज के दिन तक तेरे नियमों के अनुसार ठहरे हैं; क्योंकि सारी सृष्टि तेरे अधीन है।

यदि मैं तेरी व्यवस्था से सुखी न होता, तो मैं दुःख के समय नाश हो जाता।

मैं तेरे उपदेशों को कभी न भूलूँगा; क्योंकि उन्हीं के द्वारा तूने मुझे जिलाया है।

मैं तेरा ही हूँ, तू मेरा उद्धार कर; क्योंकि मैं तेरे उपदेशों की सुधि रखता हूँ।

दुष्ट मेरा नाश करने के लिये मेरी घात में लगे हैं; परन्तु मैं तेरी चितौनियों पर ध्यान करता हूँ।

मैंने देखा है कि प्रत्येक पूर्णता की सीमा होती है, परन्तु तेरी आज्ञा का विस्तार बड़ा और सीमा से परे है।

आहा! मैं तेरी व्यवस्था में कैसी प्रीति रखता हूँ! दिन भर मेरा ध्यान उसी पर लगा रहता है।

तू अपनी आज्ञाओं के द्वारा मुझे अपने शत्रुओं से अधिक बुद्धिमान करता है, क्योंकि वे सदा मेरे मन में रहती हैं।

मैं अपने सब शिक्षकों से भी अधिक समझ रखता हूँ, क्योंकि मेरा ध्यान तेरी चितौनियों पर लगा है।

मैं पुरनियों से भी समझदार हूँ, क्योंकि मैं तेरे उपदेशों को पकड़े हुए हूँ।

मैंने अपने पाँवों को हर एक बुरे रास्ते से रोक रखा है, जिससे मैं तेरे वचन के अनुसार चलूँ।

मैं तेरे नियमों से नहीं हटा, क्योंकि तू ही ने मुझे शिक्षा दी है।

तेरे वचन मुझ को कैसे मीठे लगते हैं, वे मेरे मुँह में मधु से भी मीठे हैं!

तेरे उपदेशों के कारण मैं समझदार हो जाता हूँ, इसलिए मैं सब मिथ्या मार्गों से बैर रखता हूँ।

तेरा वचन मेरे पाँव के लिये दीपक, और मेरे मार्ग के लिये उजियाला है।

मैंने शपथ खाई, और ठान लिया है कि मैं तेरे धर्ममय नियमों के अनुसार चलूँगा।

मैं अत्यन्त दुःख में पड़ा हूँ; हे यहोवा, अपने वादे के अनुसार मुझे जिला।

हे यहोवा, मेरे वचनों को स्वेच्छाबलि जानकर ग्रहण कर, और अपने नियमों को मुझे सिखा।

मेरा प्राण निरन्तर मेरी हथेली पर रहता है, तो भी मैं तेरी व्यवस्था को भूल नहीं गया।

दुष्टों ने मेरे लिये फंदा लगाया है, परन्तु मैं तेरे उपदेशों के मार्ग से नहीं भटका।

मैंने तेरी चितौनियों को सदा के लिये अपना निज भागकर लिया है, क्योंकि वे मेरे हृदय के हर्ष का कारण है।

मैंने अपने मन को इस बात पर लगाया है, कि अन्त तक तेरी विधियों पर सदा चलता रहूँ।

मैं दुचित्तों से तो बैर रखता हूँ, परन्तु तेरी व्यवस्था से प्रीति रखता हूँ।

तू मेरी आड़ और ढाल है; मेरी आशा तेरे वचन पर है।

हे कुकर्मियों, मुझसे दूर हो जाओ, कि मैं अपने परमेश्वर की आज्ञाओं को पकड़े रहूँ!

हे यहोवा, अपने वचन के अनुसार मुझे सम्भाल, कि मैं जीवित रहूँ, और मेरी आशा को न तोड़!

मुझे थामे रख, तब मैं बचा रहूँगा, और निरन्तर तेरी विधियों की ओर चित्त लगाए रहूँगा!

जितने तेरी विधियों के मार्ग से भटक जाते हैं, उन सब को तू तुच्छ जानता है, क्योंकि उनकी चतुराई झूठ है।

तूने पृथ्वी के सब दुष्टों को धातु के मैल के समान दूर किया है; इस कारण मैं तेरी चितौनियों से प्रीति रखता हूँ।

तेरे भय से मेरा शरीर काँप उठता है, और मैं तेरे नियमों से डरता हूँ।

मैंने तो न्याय और धर्म का काम किया है; तू मुझे अत्याचार करनेवालों के हाथ में न छोड़।

अपने दास की भलाई के लिये जामिन हो, ताकि अहंकारी मुझ पर अत्याचार न करने पाएँ।

मेरी आँखें तुझ से उद्धार पाने, और तेरे धर्ममय वचन के पूरे होने की बाट जोहते-जोहते धुँधली पड़ गई हैं।

अपने दास के संग अपनी करुणा के अनुसार बर्ताव कर, और अपनी विधियाँ मुझे सिखा।

मैं तेरा दास हूँ, तू मुझे समझ दे कि मैं तेरी चितौनियों को समझूँ।

वह समय आया है, कि यहोवा काम करे, क्योंकि लोगों ने तेरी व्यवस्था को तोड़ दिया है।

इस कारण मैं तेरी आज्ञाओं को सोने से वरन् कुन्दन से भी अधिक प्रिय मानता हूँ।

इसी कारण मैं तेरे सब उपदेशों को सब विषयों में ठीक जानता हूँ; और सब मिथ्या मार्गों से बैर रखता हूँ।

तेरी चितौनियाँ अद्भुत हैं, इस कारण मैं उन्हें अपने जी से पकड़े हुए हूँ।

तेरी बातों के खुलने से प्रकाश होता है; उससे निर्बुद्धि लोग समझ प्राप्त करते हैं।

मैं मुँह खोलकर हाँफने लगा, क्योंकि मैं तेरी आज्ञाओं का प्यासा था।

जैसी तेरी रीति अपने नाम के प्रीति रखनेवालों से है, वैसे ही मेरी ओर भी फिरकर मुझ पर दया कर।

मेरे पैरों को अपने वचन के मार्ग पर स्थिर कर, और किसी अनर्थ बात को मुझ पर प्रभुता न करने दे।

मुझे मनुष्यों के अत्याचार से छुड़ा ले, तब मैं तेरे उपदेशों को मानूँगा।

अपने दास पर अपने मुख का प्रकाश चमका दे, और अपनी विधियाँ मुझे सिखा।

मेरी आँखों से आँसुओं की धारा बहती रहती है, क्योंकि लोग तेरी व्यवस्था को नहीं मानते।

हे यहोवा तू धर्मी है, और तेरे नियम सीधे हैं।

तूने अपनी चितौनियों को धर्म और पूरी सत्यता से कहा है।

मैं तेरी धुन में भस्म हो रहा हूँ, क्योंकि मेरे सतानेवाले तेरे वचनों को भूल गए हैं।

तेरा वचन पूरी रीति से ताया हुआ है, इसलिए तेरा दास उसमें प्रीति रखता है।

मैं छोटा और तुच्छ हूँ, तो भी मैं तेरे उपदेशों को नहीं भूलता।

तेरा धर्म सदा का धर्म है, और तेरी व्यवस्था सत्य है।

मैं संकट और सकेती में फँसा हूँ, परन्तु मैं तेरी आज्ञाओं से सुखी हूँ।

तेरी चितौनियाँ सदा धर्ममय हैं; तू मुझ को समझ दे कि मैं जीवित रहूँ।

मैंने सारे मन से प्रार्थना की है, हे यहोवा मेरी सुन! मैं तेरी विधियों को पकड़े रहूँगा।

मैंने तुझ से प्रार्थना की है, तू मेरा उद्धार कर, और मैं तेरी चितौनियों को माना करूँगा।

मैंने पौ फटने से पहले दुहाई दी; मेरी आशा तेरे वचनों पर थी।

मेरी आँखें रात के एक-एक पहर से पहले खुल गईं, कि मैं तेरे वचन पर ध्यान करूँ।

अपनी करुणा के अनुसार मेरी सुन ले; हे यहोवा, अपनी नियमों के रीति अनुसार मुझे जीवित कर।

जो दुष्टता की धुन में हैं, वे निकट आ गए हैं; वे तेरी व्यवस्था से दूर हैं।

हे यहोवा, तू निकट है, और तेरी सब आज्ञाएँ सत्य हैं।

बहुत काल से मैं तेरी चितौनियों को जानता हूँ, कि तूने उनकी नींव सदा के लिये डाली है।

मेरे दुःख को देखकर मुझे छुड़ा ले, क्योंकि मैं तेरी व्यवस्था को भूल नहीं गया।

मेरा मुकद्दमा लड़, और मुझे छुड़ा ले; अपने वादे के अनुसार मुझ को जिला।

दुष्टों को उद्धार मिलना कठिन है, क्योंकि वे तेरी विधियों की सुधि नहीं रखते।

हे यहोवा, तेरी दया तो बड़ी है; इसलिए अपने नियमों के अनुसार मुझे जिला।

मेरा पीछा करनेवाले और मेरे सतानेवाले बहुत हैं, परन्तु मैं तेरी चितौनियों से नहीं हटता।

मैं विश्वासघातियों को देखकर घृणा करता हूँ; क्योंकि वे तेरे वचन को नहीं मानते।

देख, मैं तेरे उपदेशों से कैसी प्रीति रखता हूँ! हे यहोवा, अपनी करुणा के अनुसार मुझ को जिला।

तेरा सारा वचन सत्य ही है; और तेरा एक-एक धर्ममय नियम सदाकाल तक अटल है।

हाकिम व्यर्थ मेरे पीछे पड़े हैं, परन्तु मेरा हृदय तेरे वचनों का भय मानता है।

जैसे कोई बड़ी लूट पाकर हर्षित होता है, वैसे ही मैं तेरे वचन के कारण हर्षित हूँ।

झूठ से तो मैं बैर और घृणा रखता हूँ, परन्तु तेरी व्यवस्था से प्रीति रखता हूँ।

तेरे धर्ममय नियमों के कारण मैं प्रतिदिन सात बार तेरी स्तुति करता हूँ।

तेरी व्यवस्था से प्रीति रखनेवालों को बड़ी शान्ति होती है; और उनको कुछ ठोकर नहीं लगती।

हे यहोवा, मैं तुझ से उद्धार पाने की आशा रखता हूँ; और तेरी आज्ञाओं पर चलता आया हूँ।

मैं तेरी चितौनियों को जी से मानता हूँ, और उनसे बहुत प्रीति रखता आया हूँ।

मैं तेरे उपदेशों और चितौनियों को मानता आया हूँ, क्योंकि मेरी सारी चाल चलन तेरे सम्मुख प्रगट है।

हे यहोवा, मेरी दुहाई तुझ तक पहुँचे; तू अपने वचन के अनुसार मुझे समझ दे!

मेरा गिड़गिड़ाना तुझ तक पहुँचे; तू अपने वचन के अनुसार मुझे छुड़ा ले।

मेरे मुँह से स्तुति निकला करे, क्योंकि तू मुझे अपनी विधियाँ सिखाता है।

मैं तेरे वचन का गीत गाऊँगा, क्योंकि तेरी सब आज्ञाएँ धर्ममय हैं।

तेरा हाथ मेरी सहायता करने को तैयार रहता है, क्योंकि मैंने तेरे उपदेशों को अपनाया है।

हे यहोवा, मैं तुझ से उद्धार पाने की अभिलाषा करता हूँ, मैं तेरी व्यवस्था से सुखी हूँ।

मुझे जिला, और मैं तेरी स्तुति करूँगा, तेरे नियमों से मेरी सहायता हो।

मैं खोई हुई भेड़ के समान भटका हूँ; तू अपने दास को ढूँढ़ ले, क्योंकि मैं तेरी आज्ञाओं को भूल नहीं गया।

भजन संहिता 120

संकट के समय मैंने यहोवा को पुकारा, और उसने मेरी सुन ली।

हे यहोवा, झूठ बोलनेवाले मुँह से और छली जीभ से मेरी रक्षा कर।

हे छली जीभ, तुझको क्या मिले? और तेरे साथ और क्या अधिक किया जाए?

वीर के नोकीले तीर और झाऊ के अंगारे!

हाय, हाय, क्योंकि मुझे मेशेक में परदेशी होकर रहना पड़ा और केदार के तम्बुओं में बसना पड़ा है!

बहुत समय से मुझ को मेल के बैरियों के साथ बसना पड़ा है।

मैं तो मेल चाहता हूँ; परन्तु मेरे बोलते ही, वे लड़ना चाहते हैं!

भजन संहिता 121

मैं अपनी आँखें पर्वतों की ओर उठाऊँगा। मुझे सहायता कहाँ से मिलेगी?

मुझे सहायता यहोवा की ओर से मिलती है, जो आकाश और पृथ्वी का कर्ता है।

वह तेरे पाँव को टलने न देगा, तेरा रक्षक कभी न ऊँघेगा।

सुन, इस्राएल का रक्षक, न ऊँघेगा और न सोएगा।

यहोवा तेरा रक्षक है; यहोवा तेरी दाहिनी ओर तेरी आड़ है।

न तो दिन को धूप से, और न रात को चाँदनी से तेरी कुछ हानि होगी।

यहोवा सारी विपत्ति से तेरी रक्षा करेगा; वह तेरे प्राण की रक्षा करेगा।

यहोवा तेरे आने-जाने में तेरी रक्षा अब से लेकर सदा तक करता रहेगा।

भजन संहिता 122

जब लोगों ने मुझसे कहा, “आओ, हम यहोवा के भवन को चलें,” तब मैं आनन्दित हुआ।

हे यरूशलेम, तेरे फाटकों के भीतर, हम खड़े हो गए हैं!

हे यरूशलेम, तू ऐसे नगर के समान बना है, जिसके घर एक दूसरे से मिले हुए हैं।

वहाँ यहोवा के गोत्र-गोत्र के लोग यहोवा के नाम का धन्यवाद करने को जाते हैं; यह इस्राएल के लिये साक्षी है।

वहाँ तो न्याय के सिंहासन, दाऊद के घराने के लिये रखे हुए हैं।

यरूशलेम की शान्ति का वरदान माँगो, तेरे प्रेमी कुशल से रहें!

तेरी शहरपनाह के भीतर शान्ति, और तेरे महलों में कुशल होवे!

अपने भाइयों और संगियों के निमित्त, मैं कहूँगा कि तुझ में शान्ति होवे!

अपने परमेश्वर यहोवा के भवन के निमित्त, मैं तेरी भलाई का यत्न करूँगा।

भजन संहिता 123

हे स्वर्ग में विराजमान मैं अपनी आँखें तेरी ओर उठाता हूँ!

देख, जैसे दासों की आँखें अपने स्वामियों के हाथ की ओर, और जैसे दासियों की आँखें अपनी स्वामिनी के हाथ की ओर लगी रहती है, वैसे ही हमारी आँखें हमारे परमेश्वर यहोवा की ओर उस समय तक लगी रहेंगी, जब तक वह हम पर दया न करे।

हम पर दया कर, हे यहोवा, हम पर कृपा कर, क्योंकि हम अपमान से बहुत ही भर गए हैं।

हमारा जीव सुखी लोगों के उपहास से, और अहंकारियों के अपमान से बहुत ही भर गया है।

भजन संहिता 124

इस्राएल यह कहे, कि यदि हमारी ओर यहोवा न होता,

यदि यहोवा उस समय हमारी ओर न होता जब मनुष्यों ने हम पर चढ़ाई की,

तो वे हमको उसी समय जीवित निगल जाते, जब उनका क्रोध हम पर भड़का था,

हम उसी समय जल में डूब जाते और धारा में बह जाते;

उमड़ते जल में हम उसी समय ही बह जाते।

धन्य है यहोवा, जिसने हमको उनके दाँतों तले जाने न दिया!

हमारा जीव पक्षी के समान चिड़ीमार के जाल से छूट गया; जाल फट गया और हम बच निकले!

यहोवा जो आकाश और पृथ्वी का कर्ता है, हमारी सहायता उसी के नाम से होती है।

भजन संहिता 125

यहोवा की स्तुति करो! क्योंकि अपने परमेश्वर का भजन गाना अच्छा है; क्योंकि वह मनभावना है, उसकी स्तुति करना उचित है।

यहोवा यरूशलेम को फिर बसा रहा है; वह निकाले हुए इस्राएलियों को इकट्ठा कर रहा है।

वह खेदित मनवालों को चंगा करता है, और उनके घाव पर मरहम-पट्टी बाँधता है।

वह तारों को गिनता, और उनमें से एक-एक का नाम रखता है।

हमारा प्रभु महान और अति सामर्थी है; उसकी बुद्धि अपरम्पार है।

यहोवा नम्र लोगों को सम्भालता है, और दुष्टों को भूमि पर गिरा देता है।

धन्यवाद करते हुए यहोवा का गीत गाओ; वीणा बजाते हुए हमारे परमेश्वर का भजन गाओ।

वह आकाश को मेघों से भर देता है, और पृथ्वी के लिये मेंह को तैयार करता है, और पहाड़ों पर घास उगाता है।

वह पशुओं को और कौवे के बच्चों को जो पुकारते हैं, आहार देता है।

न तो वह घोड़े के बल को चाहता है, और न पुरुष के बलवन्त पैरों से प्रसन्न होता है;

यहोवा अपने डरवैयों ही से प्रसन्न होता है, अर्थात् उनसे जो उसकी करुणा पर आशा लगाए रहते हैं।

हे यरूशलेम, यहोवा की प्रशंसा कर! हे सिय्योन, अपने परमेश्वर की स्तुति कर!

क्योंकि उसने तेरे फाटकों के खम्भों को दृढ़ किया है; और तेरी सन्तानों को आशीष दी है।

वह तेरी सीमा में शान्ति देता है, और तुझको उत्तम से उत्तम गेहूँ से तृप्त करता है।

वह पृथ्वी पर अपनी आज्ञा का प्रचार करता है, उसका वचन अति वेग से दौड़ता है।

वह ऊन के समान हिम को गिराता है, और राख के समान पाला बिखेरता है।

वह बर्फ के टुकड़े गिराता है, उसकी की हुई ठण्ड को कौन सह सकता है?

वह आज्ञा देकर उन्हें गलाता है; वह वायु बहाता है, तब जल बहने लगता है।

वह याकूब को अपना वचन, और इस्राएल को अपनी विधियाँ और नियम बताता है।

किसी और जाति से उसने ऐसा बर्ताव नहीं किया; और उसके नियमों को औरों ने नहीं जाना। यहोवा की स्तुति करो।

(10) भजन संहिता 145

हे मेरे प्राण, यहोवा की स्तुति कर! मैं अपने जीवन में यहोवा की स्तुति करूँगा; जब तक मैं हूँ, अपने परमेश्वर की भजन-कीर्तन करता रहूँगा। प्रधानों पर, और मनुष्य के पुत्र पर भरोसा न रखो, जिसके पास उद्धार नहीं। उसकी श्वास निकल जाती है, और वह अपनी मिट्टी की ओर लौट जाता है; उसी दिन उसकी सारी युक्ति मिट जाती है।

धन्य है वह जिसका सहायक याकूब का परमेश्वर है— जिसकी आशा अपने यहोवा परमेश्वर पर है— जो आकाश और पृथ्वी, समुद्र, और जो कुछ उनमें है, उनका सृष्टिकर्ता है; जो सदा सत्य रखता है; जो उत्पीड़ितों के लिये न्याय करता है; जो भूखों को अन्न देता है। यहोवा बन्धुओं को छोड़ाता है; यहोवा झुके हुओं को उठाता है; यहोवा अन्धों की आँखें खोलता है; यहोवा धर्मियों से प्रेम रखता है; यहोवा परदेशियों की रक्षा करता है; वह अनाथ और विधवा को सम्भालता है; और दुष्टों के मार्ग को टेढ़ा करता है। यहोवा सदा, तेरे परमेश्वर, हे सिय्योन, पीढ़ी से पीढ़ी तक राज्य करेगा। आलिलूया।

(11) भजन संहिता 146

यहोवा की स्तुति करो, क्योंकि भजन करना उत्तम है; और हमारे परमेश्वर की स्तुति करना मनभावन और शोभायमान है। यहोवा यरूशलेम का निर्माण करता है; वह इस्राएल के निकाले हुओं को इकट्ठा करता है। वह खेदित मनवालों को चंगा करता है, और उनके घावों को बाँधता है। वह तारों की गिनती करता है; वह उन सबके नाम रखता है। हमारा प्रभु महान और शक्तिशाली है; उसकी समझ अनन्त है। यहोवा दीन-दुःखियों को उठाता है; और दुष्टों को पृथ्वी तक नीचा करता है।

यहोवा का धन्यवाद करो गीत के साथ; हमारे परमेश्वर का वीणा बजाकर भजन करो। जो आकाश को बादलों से ढाँकता है; जो पृथ्वी के लिये वर्षा तैयार करता है; जो पहाड़ों पर घास उगाता है; और मनुष्यों की सेवा के लिये हरियाली; जो पशुओं को उनका आहार देता है, और कावों के बच्चों को भी, जो पुकारते हैं। वह घोड़े की शक्ति से प्रसन्न नहीं होता; न वह पुरुष के पैर से प्रसन्न होता है। यहोवा उन से प्रसन्न होता है जो उससे डरते हैं, जो उसकी करुणा पर आशा रखते हैं। आलिलूया।

(12) भजन संहिता 147

येरूशलेम, यहोवा की स्तुति कर; सिय्योन, अपने परमेश्वर की स्तुति कर। क्योंकि उसने तेरे फाटकों की चौखटों को दृढ़ कर दिया है; उसने तेरे मध्य में तेरे पुत्रों को आशीष दी है। वह तेरी सीमा में शान्ति ठहराता है, और उत्तम गेहूँ से तुझे तृप्त करता है। वह पृथ्वी पर अपना वचन भेजता है; उसका वचन बहुत शीघ्र दौड़ता है। वह हिम को ऊन के समान देता है; और पाला को राख के समान बिखेरता है; वह ओलों को टुकड़ों के समान डालता है; उसके शीत के सामने कौन ठहर सकता है? वह अपना वचन भेजता है, और उन्हें पिघला देता है; वह अपनी वायु चलाता है, और जल बहने लगते हैं। वह अपनी वाणी याकूब पर, अपनी विधियाँ और नियम इस्राएल पर प्रगट करता है। उसने ऐसा किसी अन्यजाति के साथ नहीं किया; न वे उसके नियमों को जानते हैं। आलिलूया।

(लूका 12:32‑46) “हे छोटे झुंड, मत डर; क्योंकि तुम्हारे पिता ने तुम्हें राज्य देना अच्छा समझा है। जो कुछ तुम्हारा है, उसे बेचकर दान दो; और अपने लिये ऐसे थैले बनाओ जो पुराने न हों; और ऐसा खजाना स्वर्ग में रखो जो कभी घटता नहीं; जहाँ चोर नहीं आता और न कीड़ा उसे बिगाड़ता है। क्योंकि जहाँ तुम्हारा खजाना है, वहाँ तुम्हारा मन भी लगा रहेगा। तुम्हारी कमरें कसी रहें, और तुम्हारे दीपक जलते रहें; और तुम उन मनुष्यों के समान रहो जो अपने स्वामी की बाट जोहते रहते हैं, कि वह ब्याह से लौटे, ताकि वह आकर खटखटाए, तो वे तुरन्त उसके लिये द्वार खोल दें। धन्य हैं वे दास, जिन्हें उनका स्वामी आकर जागते हुए पाएगा; मैं तुम से सच कहता हूँ कि वह कमर बाँध कर उन्हें बैठाएगा, और पास आकर उनकी सेवा करेगा। और यदि वह दूसरे पहर में, या तीसरे पहर में आकर उन्हें ऐसा करता हुआ पाए, तो वे दास धन्य हैं। परन्तु यह जान लो कि यदि घर का मालिक जानता कि चोर किस घड़ी आनेवाला है, तो वह जागता रहता और अपने घर में सेंध न लगने देता। इसलिये तुम भी तैयार रहो; क्योंकि जिस घड़ी तुम समझते नहीं, उस घड़ी मनुष्य का पुत्र आ जाएगा।”

तब पतरस ने उससे कहा, “हे प्रभु, तू यह दृष्‍टान्‍त हम से कहता है, या सब से भी?” तब प्रभु ने कहा, “तो वह विश्वासयोग्य और बुद्धिमान भण्डारी कौन है, जिसे उसका स्वामी अपने घराने पर ठहराए, कि वह उन्हें अपने समय पर आहार दे? धन्य है वह दास, जिसे उसका स्वामी आकर ऐसा करते पाए। मैं तुम से सच कहता हूँ कि वह उसे अपनी सब सम्पत्ति पर अधिकारी ठहराएगा। पर यदि वह दास अपने मन में कहे, ‘मेरा स्वामी आने में देर कर रहा है,’ और दासों और दासियों को पीटने लगे, और खाने-पीने और पियक्कड़ी करने लगे, तो उस दास का स्वामी उस दिन आएगा, जिस दिन वह उसकी बाट न जोहता हो, और उस घड़ी आएगा, जिसे वह नहीं जानता, और उसे दो भाग करेगा, और उसका भाग अविश्‍वासियों के साथ ठहराएगा।” (और परमेश्वर की महिमा सदा रहे)

संत लूका के अनुसार पवित्र सुसमाचार (अध्याय 7:36-50)

¶ फिर किसी फरीसी ने उससे विनती की, कि मेरे साथ भोजन कर; अतः वह उस फरीसी के घर में जाकर भोजन करने बैठा।

वहाँ उस नगर की एक पापिनी स्त्री यह जानकर कि वह फरीसी के घर में भोजन करने बैठा है, संगमरमर के पात्र में इत्र लाई।

और उसके पाँवों के पास, पीछे खड़ी होकर, रोती हुई, उसके पाँवों को आँसुओं से भिगाने और अपने सिर के बालों से पोंछने लगी और उसके पाँव बार बार चूमकर उन पर इत्र मला।

यह देखकर, वह फरीसी जिसने उसे बुलाया था, अपने मन में सोचने लगा, “यदि यह भविष्यद्वक्ता होता तो जान जाता, कि यह जो उसे छू रही है, वह कौन और कैसी स्त्री है? क्योंकि वह तो पापिन है।”

यह सुन यीशु ने उसके उत्तर में कहा, ‹“हे शमौन, मुझे तुझ से कुछ कहना है।”› वह बोला, “हे गुरु, कह।”

‹“किसी महाजन के दो देनदार थे, एक पाँच सौ, और दूसरा पचास दीनार देनदार था।›

‹जबकि उनके पास वापस लौटाने को कुछ न रहा, तो उसने दोनों को क्षमा कर दिया। अतः उनमें से कौन उससे अधिक प्रेम रखेगा?”›

शमौन ने उत्तर दिया, “मेरी समझ में वह, जिसका उसने अधिक छोड़ दिया।” उसने उससे कहा, “तूने ठीक विचार किया है।”

और उस स्त्री की ओर फिरकर उसने शमौन से कहा, ‹“क्या तू इस स्त्री को देखता है? मैं तेरे घर में आया परन्तु तूने मेरे पाँव धोने के लिये पानी न दिया, पर इसने मेरे पाँव आँसुओं से भिगाए, और अपने बालों से पोंछा।”›

‹तूने मुझे चूमा न दिया, पर जब से मैं आया हूँ तब से इसने मेरे पाँवों का चूमना न छोड़ा।›

‹तूने मेरे सिर पर तेल नहीं मला; पर इसने मेरे पाँवों पर इत्र मला है।›

‹“इसलिए मैं तुझ से कहता हूँ; कि इसके पाप जो बहुत थे, क्षमा हुए, क्योंकि इसने बहुत प्रेम किया; पर जिसका थोड़ा क्षमा हुआ है, वह थोड़ा प्रेम करता है।”›

और उसने स्त्री से कहा, ‹“तेरे पाप क्षमा हुए।”›

तब जो लोग उसके साथ भोजन करने बैठे थे, वे अपने-अपने मन में सोचने लगे, “यह कौन है जो पापों को भी क्षमा करता है?”

पर उसने स्त्री से कहा, ‹“तेरे विश्वास ने तुझे बचा लिया है, कुशल से चली जा।”›

Tenoo oasht emmok o piekhristos nem pekyot en aghathos nem pi epnevma ethowab je akee ak soati emmon nai nan

हम तेरा आराधन करते हैं, हे मसीह, तेरे कृपालु पिता और पवित्र आत्मा के साथ; क्योंकि तू आया और तूने हमें उद्धार दिया।

1. हे प्रभु, मुझे आँसुओं के बहुत से सोते दे, जैसे तूने पहले पापिन स्त्री को दिए थे। मुझे योग्य बना कि मैं तेरे उन चरणों को धोऊँ जिन्होंने मुझे भटकन के मार्ग से छुड़ाया; और तुझे बहुमूल्य सुगन्धित तेल अर्पित करूँ; और पश्चाताप के द्वारा शुद्ध जीवन प्राप्त करूँ; ताकि मैं वह आनंदमय वाणी सुन सकूँ: “तेरे विश्वास ने तुझे बचाया है।”

Doxa Patri ke Eioa ke Agio Pnevmati

पिता, पुत्र और पवित्र आत्मा की महिमा हो।

2. जब मैं अपने अनेक दुष्ट कार्यों पर विचार करता हूँ, और उस भयावह न्याय का चिन्तन मेरे मन में आता है, तो मुझ पर कंपकंपी छा जाती है; और मैं तेरी शरण लेता हूँ, हे मनुष्य‑प्रिय परमेश्वर। सो तेरा मुख मुझ से न फेर, मैं तुझ से विनती करता हूँ—हे अकेले निष्पाप—अन्त आने से पहले मेरी दीन आत्मा को नम्रता प्रदान कर, और मुझे बचा।

Ke nin ke a ee ke ees toos e onas toan e oa noan ameen.

अब और सदैव और युगानुयुग, आमीन।

3. स्वर्ग तुम्हारी स्तुति करता है, हे अनुग्रह से पूर्ण, वह वधू जिसने कभी विवाह नहीं किया। और हम भी, तेरे अगम्य प्रसव का महिमामंडन करते हैं। हे ईश्वर‑जननी, दया और उद्धार की माता, हमारी आत्माओं के उद्धार के लिये मध्यस्थता करो।

Ke nin ke a ee ke ees toos e onas toan e oa noan ameen.

अब और सदैव और युगानुयुग, आमीन।

4. हे स्वर्गीय राजा, सांत्वनाकर्ता, सत्य का आत्मा, जो सब स्थानों में उपस्थित है और सबको परिपूर्ण करता है; भलाई का भंडार और जीवन‑दाता, कृपापूर्वक आ, और हम में वास कर, और हे भले, हमें सब अपवित्रता से शुद्ध कर, और हमारी आत्माओं का उद्धार कर।

Doxa Patri ke Eioa ke Agio Pnevmati

पिता, पुत्र और पवित्र आत्मा की महिमा हो।

5. जैसे तू अपने शिष्यों के साथ था, हे उद्धारकर्ता, और तूने उन्हें शांति दी, वैसे ही कृपापूर्वक हमारे साथ भी रह, और हमें अपनी शांति दे, और हमें बचा, और हमारी आत्माओं को छुड़ा।

Ke nin ke a ee ke ees toos e onas toan e oa noan ameen.

अब और सदैव और युगानुयुग, आमीन।

6. जब भी हम तेरे पवित्र पवित्रालय में खड़े होते हैं, तो हम स्वर्ग में खड़े माने जाते हैं। हे ईश्वर‑जननी, तुम स्वर्ग का द्वार हो; हमारे लिये दया का द्वार खोलो।

तब उपासक प्रार्थना करता है:

प्रभु, हमारी सुन और हम पर दया कर, और हमारे पाप क्षमा कर। आमीन।

(प्रभु, दया कर) 41 बार

पवित्र, प्रेरितिक विश्वास-नियम (नीसिया‑क़ुस्तुनतुनिया)

वास्तव में हम एक ही परमेश्वर पर विश्वास करते हैं— परमेश्वर पिता, सर्वशक्तिमान, आकाश और पृथ्वी के सृष्टिकर्ता, दृश्य और अदृश्य सब वस्तुओं के।

हम एक ही प्रभु यीशु मसीह पर विश्वास करते हैं— परमेश्वर के एकलौते पुत्र— जो सब युगों से पहले पिता से उत्पन्न हुए; ज्योति से ज्योति; सच्चे परमेश्वर से सच्चे परमेश्वर; उत्पन्न, न कि सृष्ट; पिता के साथ एक ही तत्त्व (सहस्वरूप); उन्हीं के द्वारा सब वस्तुएँ बनीं। जो हम मनुष्यों के लिये और हमारे उद्धार के लिये स्वर्ग से उतरे, और पवित्र आत्मा तथा कुँवारी मरियम से देहधारी हुए, और मनुष्य बने; और पीलातुसु बिन्तुसु के समय हमारे लिये क्रूस पर चढ़ाए गए, दुःख उठाया और दफनाए गए; और तीसरे दिन पवित्र शास्त्रों के अनुसार जी उठे; और स्वर्ग पर चढ़े, और पिता के दाहिने बैठे; और वे पुनः अपनी महिमा सहित जीवितों और मृतकों का न्याय करने आएँगे; और उनके राज्य का अन्त न होगा।

हाँ, हम पवित्र आत्मा पर विश्वास करते हैं— जो प्रभु है, जीवनदाता है— जो पिता से निष्कासित है; जो पिता और पुत्र के साथ आराध्य और महिमित है; जिसने भविष्यद्वक्ताओं के द्वारा वाणी की।

और एक ही पवित्र, कैथोलिक (सर्वत्र) और प्रेरितिक कलीसिया को मानते हैं।

और पापों की क्षमा के लिये एक ही बपतिस्मा को मानते हैं।

और मृतकों के पुनरुत्थान और आनेवाले युग के जीवन की आशा रखते हैं। आमेन।

Κύριε ἐλέησον क्यिरिए एलेइसोन (हे प्रभु, दया कर) 41 बार

भजन संहिता 129

इस्राएल अब यह कहे, “मेरे बचपन से लोग मुझे बार बार क्लेश देते आए हैं,

मेरे बचपन से वे मुझ को बार बार क्लेश देते तो आए हैं, परन्तु मुझ पर प्रबल नहीं हुए।

हलवाहों ने मेरी पीठ के ऊपर हल चलाया, और लम्बी-लम्बी रेखाएँ की।”

यहोवा धर्मी है; उसने दुष्टों के फंदों को काट डाला है;

जितने सिय्योन से बैर रखते हैं, वे सब लज्जित हों, और पराजित होकर पीछे हट जाए!

वे छत पर की घास के समान हों, जो बढ़ने से पहले सूख जाती है;

जिससे कोई लवनेवाला अपनी मुट्ठी नहीं भरता, न पूलियों का कोई बाँधनेवाला अपनी अँकवार भर पाता है,

और न आने-जानेवाले यह कहते हैं, “यहोवा की आशीष तुम पर होवे! हम तुम को यहोवा के नाम से आशीर्वाद देते हैं!”

भजन संहिता 131

हे यहोवा, न तो मेरा मन गर्व से और न मेरी दृष्टि घमण्ड से भरी है; और जो बातें बड़ी और मेरे लिये अधिक कठिन हैं, उनसे मैं काम नहीं रखता।

निश्चय मैंने अपने मन को शान्त और चुप कर दिया है, जैसे दूध छुड़ाया हुआ बच्चा अपनी माँ की गोद में रहता है, वैसे ही दूध छुड़ाए हुए बच्चे के समान मेरा मन भी रहता है।

हे इस्राएल, अब से लेकर सदा सर्वदा यहोवा ही पर आशा लगाए रह!

भजन संहिता 132

हे यहोवा, दाऊद के लिये उसकी सारी दुर्दशा को स्मरण कर;

उसने यहोवा से शपथ खाई, और याकूब के सर्वशक्तिमान की मन्नत मानी है,

उसने कहा, “निश्चय मैं उस समय तक अपने घर में प्रवेश न करूँगा, और न अपने पलंग पर चढूँगा;

न अपनी आँखों में नींद, और न अपनी पलकों में झपकी आने दूँगा,

जब तक मैं यहोवा के लिये एक स्थान, अर्थात् याकूब के सर्वशक्तिमान के लिये निवास-स्थान न पाऊँ।”

देखो, हमने एप्राता में इसकी चर्चा सुनी है, हमने इसको वन के खेतों में पाया है।

आओ, हम उसके निवास में प्रवेश करें, हम उसके चरणों की चौकी के आगे दण्डवत् करें!

हे यहोवा, उठकर अपने विश्रामस्थान में अपनी सामर्थ्य के सन्दूक समेत आ।

तेरे याजक धर्म के वस्त्र पहने रहें, और तेरे भक्त लोग जयजयकार करें।

अपने दास दाऊद के लिये, अपने अभिषिक्त की प्रार्थना को अनसुनी न कर।

यहोवा ने दाऊद से सच्ची शपथ खाई है और वह उससे न मुकरेगा: “मैं तेरी गद्दी पर तेरे एक निज पुत्र को बैठाऊँगा।

यदि तेरे वंश के लोग मेरी वाचा का पालन करें और जो चितौनी मैं उन्हें सिखाऊँगा, उस पर चलें, तो उनके वंश के लोग भी तेरी गद्दी पर युग-युग बैठते चले जाएँगे।”

निश्चय यहोवा ने सिय्योन को चुना है, और उसे अपने निवास के लिये चाहा है।

“यह तो युग-युग के लिये मेरा विश्रामस्थान हैं; यहीं मैं रहूँगा, क्योंकि मैंने इसको चाहा है।

मैं इसमें की भोजनवस्तुओं पर अति आशीष दूँगा; और इसके दरिद्रों को रोटी से तृप्त करूँगा।

इसके याजकों को मैं उद्धार का वस्त्र पहनाऊँगा, और इसके भक्त लोग ऊँचे स्वर से जयजयकार करेंगे।

वहाँ मैं दाऊद का एक सींग उगाऊँगा; मैंने अपने अभिषिक्त के लिये एक दीपक तैयार कर रखा है।

मैं उसके शत्रुओं को तो लज्जा का वस्त्र पहनाऊँगा, परन्तु उसके सिर पर उसका मुकुट शोभायमान रहेगा।”

भजन संहिता 133

देखो, यह क्या ही भली और मनोहर बात है कि भाई लोग आपस में मिले रहें!

यह तो उस उत्तम तेल के समान है, जो हारून के सिर पर डाला गया था, और उसकी दाढ़ी से बहकर, उसके वस्त्र की छोर तक पहुँच गया।

वह हेर्मोन की उस ओस के समान है, जो सिय्योन के पहाड़ों पर गिरती है! यहोवा ने तो वहीं सदा के जीवन की आशीष ठहराई है।