वर्तमान घंटा
सायं प्रार्थना - ग्यारहवीं घड़ी
सूर्यास्त के समय हम परमेश्वर की सुरक्षा के लिए धन्यवाद करते हैं और उनकी दया की आशा के साथ अपने पापों को अंगीकार करते हैं।
प्रत्येक घड़ी की प्रस्तावना
पिता और पुत्र और पवित्र आत्मा के नाम पर
एक ही परमेश्वर, आमेन।
हे प्रभु, दया कर। हे प्रभु, दया कर। हे प्रभु, आशीष दे। आमेन।
पिता और पुत्र और पवित्र आत्मा को महिमा, अब और सर्वदा और युगानुयुग, आमेन।
हे हमारे पिता
¶ ‹“अतः तुम इस रीति से प्रार्थना किया करो:› ‹‘हे हमारे पिता, तू जो स्वर्ग में है; तेरा नाम› ‹पवित्र ›‹माना जाए।›
‹‘तेरा राज्य आए।›‹तेरी इच्छा जैसे स्वर्ग में पूरी होती है, वैसे पृथ्वी पर भी हो।›
‹‘हमारी दिन भर की रोटी आज हमें दे।›
‹‘और जिस प्रकार हमने अपने अपराधियों को क्षमा किया है,› ‹वैसे ही तू भी हमारे अपराधों को क्षमा कर।›
‹‘और हमें परीक्षा में न ला,› ‹परन्तु बुराई से बचा; [क्योंकि राज्य और पराक्रम और महिमा सदा तेरे ही हैं।’ आमीन।]›
कृतज्ञता की प्रार्थना
आओ, हम भलाई करनेवाले दयालु परमेश्वर का धन्यवाद करें, जो हमारे प्रभु, हमारे परमेश्वर और हमारे उद्धारकर्ता यीशु मसीह के पिता हैं, क्योंकि उन्होंने हमें आच्छादित किया, हमारी सहायता की, हमारी रक्षा की, हमें अपने पास स्वीकार किया, हम पर दया की, हमें दृढ़ किया, और हमें इस घड़ी तक पहुँचा दिया है। हम उनसे यह भी प्रार्थना करें कि वे हमें इस पवित्र दिन में और हमारे जीवन के सब दिनों में पूरी शान्ति सहित सुरक्षित रखें— हमारे प्रभु परमेश्वर सर्वशक्तिमान।
हे प्रभु परमेश्वर, सर्वशक्तिमान, जो हमारे प्रभु, हमारे परमेश्वर और हमारे उद्धारकर्ता यीशु मसीह के पिता हैं, हम तेरा धन्यवाद करते हैं हर समय, सब बातों में, और हर दशा में, क्योंकि तूने हमें आच्छादित किया, सहायता दी, रक्षा की, अपने पास स्वीकार किया, हम पर दया की, हमें दृढ़ किया, और हमें इस घड़ी तक पहुँचाया।
इसी कारण हम तेरी भलाई से विनती और याचना करते हैं, हे मनुष्य-प्रेमी, हमें अनुग्रह दे कि हम इस पवित्र दिन और अपने जीवन के सब दिनों को तेरे भय के साथ पूरी शान्ति में पूर्ण करें। सब ईर्ष्या, सब परीक्षा, शैतान का हर काम, दुष्ट मनुष्यों की हर चाल, और छिपे तथा प्रकट शत्रुओं का उठना— इन्हें हम से, तेरी सारी प्रजा से, और तेरे इस पवित्र स्थान से दूर कर। और जो कुछ भला और लाभदायक है, वह हमें प्रदान कर। क्योंकि तू ही है जिसने हमें साँपों और बिच्छुओं और शत्रु की सारी शक्ति पर पाँव रखने का अधिकार दिया है। और हमें परीक्षा में न ले जा, परन्तु हमें उस दुष्ट से छुड़ा।
तेरे एकलौते पुत्र, हमारे प्रभु, हमारे परमेश्वर और हमारे उद्धारकर्ता यीशु मसीह की अनुग्रह, दया और मनुष्य-प्रेम के द्वारा— जिनके द्वारा तेरे योग्य महिमा, आदर, प्रभुता और वन्दना तुझे मिलती है, उनके साथ जीवनदाता पवित्र आत्मा सहित, जो तेरे तुल्य हैं— अब और सर्वदा और युगानुयुग, आमेन।
भजन संहिता 50
सर्वशक्तिमान परमेश्वर यहोवा ने कहा है, और उदयाचल से लेकर अस्ताचल तक पृथ्वी के लोगों को बुलाया है।
सिय्योन से, जो परम सुन्दर है, परमेश्वर ने अपना तेज दिखाया है।
हमारा परमेश्वर आएगा और चुपचाप न रहेगा, आग उसके आगे-आगे भस्म करती जाएगी; और उसके चारों ओर बड़ी आँधी चलेगी।
वह अपनी प्रजा का न्याय करने के लिये ऊपर के आकाश को और पृथ्वी को भी पुकारेगा:
“मेरे भक्तों को मेरे पास इकट्ठा करो, जिन्होंने बलिदान चढ़ाकर मुझसे वाचा बाँधी है!”
और स्वर्ग उसके धर्मी होने का प्रचार करेगा क्योंकि परमेश्वर तो आप ही न्यायी है। (सेला)
“हे मेरी प्रजा, सुन, मैं बोलता हूँ, और हे इस्राएल, मैं तेरे विषय साक्षी देता हूँ। परमेश्वर तेरा परमेश्वर मैं ही हूँ।
मैं तुझ पर तेरे बलियों के विषय दोष नहीं लगाता, तेरे होमबलि तो नित्य मेरे लिये चढ़ते हैं।
मैं न तो तेरे घर से बैल न तेरे पशुशाला से बकरे लूँगा।
क्योंकि वन के सारे जीव-जन्तु और हजारों पहाड़ों के जानवर मेरे ही हैं।
पहाड़ों के सब पक्षियों को मैं जानता हूँ, और मैदान पर चलने-फिरनेवाले जानवर मेरे ही हैं।
“यदि मैं भूखा होता तो तुझ से न कहता; क्योंकि जगत और जो कुछ उसमें है वह मेरा है।
क्या मैं बैल का माँस खाऊँ, या बकरों का लहू पीऊँ?
परमेश्वर को धन्यवाद ही का बलिदान चढ़ा, और परमप्रधान के लिये अपनी मन्नतें पूरी कर;
और संकट के दिन मुझे पुकार; मैं तुझे छुड़ाऊँगा, और तू मेरी महिमा करने पाएगा।”
परन्तु दुष्ट से परमेश्वर कहता है: “तुझे मेरी विधियों का वर्णन करने से क्या काम? तू मेरी वाचा की चर्चा क्यों करता है?
तू तो शिक्षा से बैर करता, और मेरे वचनों को तुच्छ जानता है।
जब तूने चोर को देखा, तब उसकी संगति से प्रसन्न हुआ; और परस्त्रीगामियों के साथ भागी हुआ।
“तूने अपना मुँह बुराई करने के लिये खोला, और तेरी जीभ छल की बातें गढ़ती है।
तू बैठा हुआ अपने भाई के विरुद्ध बोलता; और अपने सगे भाई की चुगली खाता है।
यह काम तूने किया, और मैं चुप रहा; इसलिए तूने समझ लिया कि परमेश्वर बिल्कुल मेरे समान है। परन्तु मैं तुझे समझाऊँगा, और तेरी आँखों के सामने सब कुछ अलग-अलग दिखाऊँगा।”
“ हे परमेश्वर को भूलनेवालो यह बात भली भाँति समझ लो, कहीं ऐसा न हो कि मैं तुम्हें फाड़ डालूँ, और कोई छुड़ानेवाला न हो।
धन्यवाद के बलिदान का चढ़ानेवाला मेरी महिमा करता है; और जो अपना चरित्र उत्तम रखता है उसको मैं परमेश्वर का उद्धार दिखाऊँगा!”
प्रार्थना का आरम्भ
धन्य सन्ध्याकाल की स्तुति, मैं इसे अपने राजा और परमेश्वर मसीह को अर्पित करता हूँ, और उनसे विनती करता हूँ कि वे मेरे पाप क्षमा करें
भजन संहिता 116
मैं प्रेम रखता हूँ, इसलिए कि यहोवा ने मेरे गिड़गिड़ाने को सुना है।
उसने जो मेरी ओर कान लगाया है, इसलिए मैं जीवन भर उसको पुकारा करूँगा।
मृत्यु की रस्सियाँ मेरे चारों ओर थीं; मैं अधोलोक की सकेती में पड़ा था; मुझे संकट और शोक भोगना पड़ा।
तब मैंने यहोवा से प्रार्थना की, “हे यहोवा, विनती सुनकर मेरे प्राण को बचा ले!”
यहोवा करुणामय और धर्मी है; और हमारा परमेश्वर दया करनेवाला है।
यहोवा भोलों की रक्षा करता है; जब मैं बलहीन हो गया था, उसने मेरा उद्धार किया।
हे मेरे प्राण, तू अपने विश्रामस्थान में लौट आ; क्योंकि यहोवा ने तेरा उपकार किया है।
तूने तो मेरे प्राण को मृत्यु से, मेरी आँख को आँसू बहाने से, और मेरे पाँव को ठोकर खाने से बचाया है।
मैं जीवित रहते हुए, अपने को यहोवा के सामने जानकर नित चलता रहूँगा।
मैंने जो ऐसा कहा है, इसे विश्वास की कसौटी पर कसकर कहा है, “मैं तो बहुत ही दुःखित हूँ;”
मैंने उतावली से कहा, “सब मनुष्य झूठें हैं।”
यहोवा ने मेरे जितने उपकार किए हैं, उनके बदले मैं उसको क्या दूँ?
मैं उद्धार का कटोरा उठाकर, यहोवा से प्रार्थना करूँगा,
मैं यहोवा के लिये अपनी मन्नतें, सभी की दृष्टि में प्रगट रूप में, उसकी सारी प्रजा के सामने पूरी करूँगा।
यहोवा के भक्तों की मृत्यु, उसकी दृष्टि में अनमोल है।
हे यहोवा, सुन, मैं तो तेरा दास हूँ; मैं तेरा दास, और तेरी दासी का पुत्र हूँ। तूने मेरे बन्धन खोल दिए हैं।
मैं तुझको धन्यवाद-बलि चढ़ाऊँगा, और यहोवा से प्रार्थना करूँगा।
मैं यहोवा के लिये अपनी मन्नतें, प्रगट में उसकी सारी प्रजा के सामने
यहोवा के भवन के आँगनों में, हे यरूशलेम, तेरे भीतर पूरी करूँगा। यहोवा की स्तुति करो!
भजन संहिता 117
हे जाति-जाति के सब लोगों, यहोवा की स्तुति करो! हे राज्य-राज्य के सब लोगों, उसकी प्रशंसा करो!
क्योंकि उसकी करुणा हमारे ऊपर प्रबल हुई है; और यहोवा की सच्चाई सदा की है यहोवा की स्तुति करो!
भजन संहिता 119
क्या ही धन्य हैं वे जो चाल के खरे हैं, और यहोवा की व्यवस्था पर चलते हैं!
क्या ही धन्य हैं वे जो उसकी चितौनियों को मानते हैं, और पूर्ण मन से उसके पास आते हैं!
फिर वे कुटिलता का काम नहीं करते, वे उसके मार्गों में चलते हैं।
तूने अपने उपदेश इसलिए दिए हैं, कि हम उसे यत्न से माने।
भला होता कि तेरी विधियों को मानने के लिये मेरी चाल चलन दृढ़ हो जाए!
तब मैं तेरी सब आज्ञाओं की ओर चित्त लगाए रहूँगा, और मैं लज्जित न होऊँगा।
जब मैं तेरे धर्ममय नियमों को सीखूँगा, तब तेरा धन्यवाद सीधे मन से करूँगा।
मैं तेरी विधियों को मानूँगा: मुझे पूरी रीति से न तज!
जवान अपनी चाल को किस उपाय से शुद्ध रखे? तेरे वचन का पालन करने से।
मैं पूरे मन से तेरी खोज में लगा हूँ; मुझे तेरी आज्ञाओं की बाट से भटकने न दे!
मैंने तेरे वचन को अपने हृदय में रख छोड़ा है, कि तेरे विरुद्ध पाप न करूँ।
हे यहोवा, तू धन्य है; मुझे अपनी विधियाँ सिखा!
तेरे सब कहे हुए नियमों का वर्णन, मैंने अपने मुँह से किया है।
मैं तेरी चितौनियों के मार्ग से, मानो सब प्रकार के धन से हर्षित हुआ हूँ।
मैं तेरे उपदेशों पर ध्यान करूँगा, और तेरे मार्गों की ओर दृष्टि रखूँगा।
मैं तेरी विधियों से सुख पाऊँगा; और तेरे वचन को न भूलूँगा।
अपने दास का उपकार कर कि मैं जीवित रहूँ, और तेरे वचन पर चलता रहूँ।
मेरी आँखें खोल दे, कि मैं तेरी व्यवस्था की अद्भुत बातें देख सकूँ।
मैं तो पृथ्वी पर परदेशी हूँ; अपनी आज्ञाओं को मुझसे छिपाए न रख!
मेरा मन तेरे नियमों की अभिलाषा के कारण हर समय खेदित रहता है।
तूने अभिमानियों को, जो श्रापित हैं, घुड़का है, वे तेरी आज्ञाओं से भटके हुए हैं।
मेरी नामधराई और अपमान दूर कर, क्योंकि मैं तेरी चितौनियों को पकड़े हूँ।
हाकिम भी बैठे हुए आपस में मेरे विरुद्ध बातें करते थे, परन्तु तेरा दास तेरी विधियों पर ध्यान करता रहा।
तेरी चितौनियाँ मेरा सुखमूल और मेरे मंत्री हैं।
मैं धूल में पड़ा हूँ; तू अपने वचन के अनुसार मुझ को जिला!
मैंने अपनी चाल चलन का तुझ से वर्णन किया है और तूने मेरी बात मान ली है; तू मुझ को अपनी विधियाँ सिखा!
अपने उपदेशों का मार्ग मुझे समझा, तब मैं तेरे आश्चर्यकर्मों पर ध्यान करूँगा।
मेरा जीव उदासी के मारे गल चला है; तू अपने वचन के अनुसार मुझे सम्भाल!
मुझ को झूठ के मार्ग से दूर कर; और कृपा करके अपनी व्यवस्था मुझे दे।
मैंने सच्चाई का मार्ग चुन लिया है, तेरे नियमों की ओर मैं चित्त लगाए रहता हूँ।
मैं तेरी चितौनियों में लौलीन हूँ, हे यहोवा, मुझे लज्जित न होने दे!
जब तू मेरा हियाव बढ़ाएगा, तब मैं तेरी आज्ञाओं के मार्ग में दौड़ूँगा।
हे यहोवा, मुझे अपनी विधियों का मार्ग सिखा दे; तब मैं उसे अन्त तक पकड़े रहूँगा।
मुझे समझ दे, तब मैं तेरी व्यवस्था को पकड़े रहूँगा और पूर्ण मन से उस पर चलूँगा।
अपनी आज्ञाओं के पथ में मुझ को चला, क्योंकि मैं उसी से प्रसन्न हूँ।
मेरे मन को लोभ की ओर नहीं, अपनी चितौनियों ही की ओर फेर दे।
मेरी आँखों को व्यर्थ वस्तुओं की ओर से फेर दे; तू अपने मार्ग में मुझे जिला।
तेरा वादा जो तेरे भय माननेवालों के लिये है, उसको अपने दास के निमित्त भी पूरा कर।
जिस नामधराई से मैं डरता हूँ, उसे दूर कर; क्योंकि तेरे नियम उत्तम हैं।
देख, मैं तेरे उपदेशों का अभिलाषी हूँ; अपने धर्म के कारण मुझ को जिला।
हे यहोवा, तेरी करुणा और तेरा किया हुआ उद्धार, तेरे वादे के अनुसार, मुझ को भी मिले;
तब मैं अपनी नामधराई करनेवालों को कुछ उत्तर दे सकूँगा, क्योंकि मेरा भरोसा, तेरे वचन पर है।
मुझे अपने सत्य वचन कहने से न रोक क्योंकि मेरी आशा तेरे नियमों पर है।
तब मैं तेरी व्यवस्था पर लगातार, सदा सर्वदा चलता रहूँगा;
और मैं चौड़े स्थान में चला फिरा करूँगा, क्योंकि मैंने तेरे उपदेशों की सुधि रखी है।
और मैं तेरी चितौनियों की चर्चा राजाओं के सामने भी करूँगा, और लज्जित न होऊँगा;
क्योंकि मैं तेरी आज्ञाओं के कारण सुखी हूँ, और मैं उनसे प्रीति रखता हूँ।
मैं तेरी आज्ञाओं की ओर जिनमें मैं प्रीति रखता हूँ, हाथ फैलाऊँगा और तेरी विधियों पर ध्यान करूँगा।
जो वादा तूने अपने दास को दिया है, उसे स्मरण कर, क्योंकि तूने मुझे आशा दी है।
मेरे दुःख में मुझे शान्ति उसी से हुई है, क्योंकि तेरे वचन के द्वारा मैंने जीवन पाया है।
अहंकारियों ने मुझे अत्यन्त ठट्ठे में उड़ाया है, तो भी मैं तेरी व्यवस्था से नहीं हटा।
हे यहोवा, मैंने तेरे प्राचीन नियमों को स्मरण करके शान्ति पाई है।
जो दुष्ट तेरी व्यवस्था को छोड़े हुए हैं, उनके कारण मैं क्रोध से जलता हूँ।
जहाँ मैं परदेशी होकर रहता हूँ, वहाँ तेरी विधियाँ, मेरे गीत गाने का विषय बनी हैं।
हे यहोवा, मैंने रात को तेरा नाम स्मरण किया, और तेरी व्यवस्था पर चला हूँ।
यह मुझसे इस कारण हुआ, कि मैं तेरे उपदेशों को पकड़े हुए था।
यहोवा मेरा भाग है; मैंने तेरे वचनों के अनुसार चलने का निश्चय किया है।
मैंने पूरे मन से तुझे मनाया है; इसलिए अपने वादे के अनुसार मुझ पर दया कर।
मैंने अपनी चाल चलन को सोचा, और तेरी चितौनियों का मार्ग लिया।
मैंने तेरी आज्ञाओं के मानने में विलम्ब नहीं, फुर्ती की है।
मैं दुष्टों की रस्सियों से बन्ध गया हूँ, तो भी मैं तेरी व्यवस्था को नहीं भूला।
तेरे धर्ममय नियमों के कारण मैं आधी रात को तेरा धन्यवाद करने को उठूँगा।
जितने तेरा भय मानते और तेरे उपदेशों पर चलते हैं, उनका मैं संगी हूँ।
हे यहोवा, तेरी करुणा पृथ्वी में भरी हुई है; तू मुझे अपनी विधियाँ सिखा!
हे यहोवा, तूने अपने वचन के अनुसार अपने दास के संग भलाई की है।
मुझे भली विवेक-शक्ति और समझ दे, क्योंकि मैंने तेरी आज्ञाओं का विश्वास किया है।
उससे पहले कि मैं दुःखित हुआ, मैं भटकता था; परन्तु अब मैं तेरे वचन को मानता हूँ।
तू भला है, और भला करता भी है; मुझे अपनी विधियाँ सिखा।
अभिमानियों ने तो मेरे विरुद्ध झूठ बात गढ़ी है, परन्तु मैं तेरे उपदेशों को पूरे मन से पकड़े रहूँगा।
उनका मन मोटा हो गया है, परन्तु मैं तेरी व्यवस्था के कारण सुखी हूँ।
मुझे जो दुःख हुआ वह मेरे लिये भला ही हुआ है, जिससे मैं तेरी विधियों को सीख सकूँ।
तेरी दी हुई व्यवस्था मेरे लिये हजारों रुपयों और मुहरों से भी उत्तम है।
तेरे हाथों से मैं बनाया और रचा गया हूँ; मुझे समझ दे कि मैं तेरी आज्ञाओं को सीखूँ।
तेरे डरवैये मुझे देखकर आनन्दित होंगे, क्योंकि मैंने तेरे वचन पर आशा लगाई है।
हे यहोवा, मैं जान गया कि तेरे नियम धर्ममय हैं, और तूने अपने सच्चाई के अनुसार मुझे दुःख दिया है।
मुझे अपनी करुणा से शान्ति दे, क्योंकि तूने अपने दास को ऐसा ही वादा दिया है।
तेरी दया मुझ पर हो, तब मैं जीवित रहूँगा; क्योंकि मैं तेरी व्यवस्था से सुखी हूँ।
अहंकारी लज्जित किए जाए, क्योंकि उन्होंने मुझे झूठ के द्वारा गिरा दिया है; परन्तु मैं तेरे उपदेशों पर ध्यान करूँगा।
जो तेरा भय मानते हैं, वह मेरी ओर फिरें, तब वे तेरी चितौनियों को समझ लेंगे।
मेरा मन तेरी विधियों के मानने में सिद्ध हो, ऐसा न हो कि मुझे लज्जित होना पड़े।
मेरा प्राण तेरे उद्धार के लिये बैचेन है; परन्तु मुझे तेरे वचन पर आशा रहती है।
मेरी आँखें तेरे वादे के पूरे होने की बाट जोहते-जोहते धुंधली पड़ गईं है; और मैं कहता हूँ कि तू मुझे कब शान्ति देगा?
क्योंकि मैं धुएँ में की कुप्पी के समान हो गया हूँ, तो भी तेरी विधियों को नहीं भूला।
तेरे दास के कितने दिन रह गए हैं? तू मेरे पीछे पड़े हुओं को दण्ड कब देगा?
अहंकारी जो तेरी व्यवस्था के अनुसार नहीं चलते, उन्होंने मेरे लिये गड्ढे खोदे हैं।
तेरी सब आज्ञाएँ विश्वासयोग्य हैं; वे लोग झूठ बोलते हुए मेरे पीछे पड़े हैं; तू मेरी सहायता कर!
वे मुझ को पृथ्वी पर से मिटा डालने ही पर थे, परन्तु मैंने तेरे उपदेशों को नहीं छोड़ा।
अपनी करुणा के अनुसार मुझ को जिला, तब मैं तेरी दी हुई चितौनी को मानूँगा।
हे यहोवा, तेरा वचन, आकाश में सदा तक स्थिर रहता है।
तेरी सच्चाई पीढ़ी से पीढ़ी तक बनी रहती है; तूने पृथ्वी को स्थिर किया, इसलिए वह बनी है।
वे आज के दिन तक तेरे नियमों के अनुसार ठहरे हैं; क्योंकि सारी सृष्टि तेरे अधीन है।
यदि मैं तेरी व्यवस्था से सुखी न होता, तो मैं दुःख के समय नाश हो जाता।
मैं तेरे उपदेशों को कभी न भूलूँगा; क्योंकि उन्हीं के द्वारा तूने मुझे जिलाया है।
मैं तेरा ही हूँ, तू मेरा उद्धार कर; क्योंकि मैं तेरे उपदेशों की सुधि रखता हूँ।
दुष्ट मेरा नाश करने के लिये मेरी घात में लगे हैं; परन्तु मैं तेरी चितौनियों पर ध्यान करता हूँ।
मैंने देखा है कि प्रत्येक पूर्णता की सीमा होती है, परन्तु तेरी आज्ञा का विस्तार बड़ा और सीमा से परे है।
आहा! मैं तेरी व्यवस्था में कैसी प्रीति रखता हूँ! दिन भर मेरा ध्यान उसी पर लगा रहता है।
तू अपनी आज्ञाओं के द्वारा मुझे अपने शत्रुओं से अधिक बुद्धिमान करता है, क्योंकि वे सदा मेरे मन में रहती हैं।
मैं अपने सब शिक्षकों से भी अधिक समझ रखता हूँ, क्योंकि मेरा ध्यान तेरी चितौनियों पर लगा है।
मैं पुरनियों से भी समझदार हूँ, क्योंकि मैं तेरे उपदेशों को पकड़े हुए हूँ।
मैंने अपने पाँवों को हर एक बुरे रास्ते से रोक रखा है, जिससे मैं तेरे वचन के अनुसार चलूँ।
मैं तेरे नियमों से नहीं हटा, क्योंकि तू ही ने मुझे शिक्षा दी है।
तेरे वचन मुझ को कैसे मीठे लगते हैं, वे मेरे मुँह में मधु से भी मीठे हैं!
तेरे उपदेशों के कारण मैं समझदार हो जाता हूँ, इसलिए मैं सब मिथ्या मार्गों से बैर रखता हूँ।
तेरा वचन मेरे पाँव के लिये दीपक, और मेरे मार्ग के लिये उजियाला है।
मैंने शपथ खाई, और ठान लिया है कि मैं तेरे धर्ममय नियमों के अनुसार चलूँगा।
मैं अत्यन्त दुःख में पड़ा हूँ; हे यहोवा, अपने वादे के अनुसार मुझे जिला।
हे यहोवा, मेरे वचनों को स्वेच्छाबलि जानकर ग्रहण कर, और अपने नियमों को मुझे सिखा।
मेरा प्राण निरन्तर मेरी हथेली पर रहता है, तो भी मैं तेरी व्यवस्था को भूल नहीं गया।
दुष्टों ने मेरे लिये फंदा लगाया है, परन्तु मैं तेरे उपदेशों के मार्ग से नहीं भटका।
मैंने तेरी चितौनियों को सदा के लिये अपना निज भागकर लिया है, क्योंकि वे मेरे हृदय के हर्ष का कारण है।
मैंने अपने मन को इस बात पर लगाया है, कि अन्त तक तेरी विधियों पर सदा चलता रहूँ।
मैं दुचित्तों से तो बैर रखता हूँ, परन्तु तेरी व्यवस्था से प्रीति रखता हूँ।
तू मेरी आड़ और ढाल है; मेरी आशा तेरे वचन पर है।
हे कुकर्मियों, मुझसे दूर हो जाओ, कि मैं अपने परमेश्वर की आज्ञाओं को पकड़े रहूँ!
हे यहोवा, अपने वचन के अनुसार मुझे सम्भाल, कि मैं जीवित रहूँ, और मेरी आशा को न तोड़!
मुझे थामे रख, तब मैं बचा रहूँगा, और निरन्तर तेरी विधियों की ओर चित्त लगाए रहूँगा!
जितने तेरी विधियों के मार्ग से भटक जाते हैं, उन सब को तू तुच्छ जानता है, क्योंकि उनकी चतुराई झूठ है।
तूने पृथ्वी के सब दुष्टों को धातु के मैल के समान दूर किया है; इस कारण मैं तेरी चितौनियों से प्रीति रखता हूँ।
तेरे भय से मेरा शरीर काँप उठता है, और मैं तेरे नियमों से डरता हूँ।
मैंने तो न्याय और धर्म का काम किया है; तू मुझे अत्याचार करनेवालों के हाथ में न छोड़।
अपने दास की भलाई के लिये जामिन हो, ताकि अहंकारी मुझ पर अत्याचार न करने पाएँ।
मेरी आँखें तुझ से उद्धार पाने, और तेरे धर्ममय वचन के पूरे होने की बाट जोहते-जोहते धुँधली पड़ गई हैं।
अपने दास के संग अपनी करुणा के अनुसार बर्ताव कर, और अपनी विधियाँ मुझे सिखा।
मैं तेरा दास हूँ, तू मुझे समझ दे कि मैं तेरी चितौनियों को समझूँ।
वह समय आया है, कि यहोवा काम करे, क्योंकि लोगों ने तेरी व्यवस्था को तोड़ दिया है।
इस कारण मैं तेरी आज्ञाओं को सोने से वरन् कुन्दन से भी अधिक प्रिय मानता हूँ।
इसी कारण मैं तेरे सब उपदेशों को सब विषयों में ठीक जानता हूँ; और सब मिथ्या मार्गों से बैर रखता हूँ।
तेरी चितौनियाँ अद्भुत हैं, इस कारण मैं उन्हें अपने जी से पकड़े हुए हूँ।
तेरी बातों के खुलने से प्रकाश होता है; उससे निर्बुद्धि लोग समझ प्राप्त करते हैं।
मैं मुँह खोलकर हाँफने लगा, क्योंकि मैं तेरी आज्ञाओं का प्यासा था।
जैसी तेरी रीति अपने नाम के प्रीति रखनेवालों से है, वैसे ही मेरी ओर भी फिरकर मुझ पर दया कर।
मेरे पैरों को अपने वचन के मार्ग पर स्थिर कर, और किसी अनर्थ बात को मुझ पर प्रभुता न करने दे।
मुझे मनुष्यों के अत्याचार से छुड़ा ले, तब मैं तेरे उपदेशों को मानूँगा।
अपने दास पर अपने मुख का प्रकाश चमका दे, और अपनी विधियाँ मुझे सिखा।
मेरी आँखों से आँसुओं की धारा बहती रहती है, क्योंकि लोग तेरी व्यवस्था को नहीं मानते।
हे यहोवा तू धर्मी है, और तेरे नियम सीधे हैं।
तूने अपनी चितौनियों को धर्म और पूरी सत्यता से कहा है।
मैं तेरी धुन में भस्म हो रहा हूँ, क्योंकि मेरे सतानेवाले तेरे वचनों को भूल गए हैं।
तेरा वचन पूरी रीति से ताया हुआ है, इसलिए तेरा दास उसमें प्रीति रखता है।
मैं छोटा और तुच्छ हूँ, तो भी मैं तेरे उपदेशों को नहीं भूलता।
तेरा धर्म सदा का धर्म है, और तेरी व्यवस्था सत्य है।
मैं संकट और सकेती में फँसा हूँ, परन्तु मैं तेरी आज्ञाओं से सुखी हूँ।
तेरी चितौनियाँ सदा धर्ममय हैं; तू मुझ को समझ दे कि मैं जीवित रहूँ।
मैंने सारे मन से प्रार्थना की है, हे यहोवा मेरी सुन! मैं तेरी विधियों को पकड़े रहूँगा।
मैंने तुझ से प्रार्थना की है, तू मेरा उद्धार कर, और मैं तेरी चितौनियों को माना करूँगा।
मैंने पौ फटने से पहले दुहाई दी; मेरी आशा तेरे वचनों पर थी।
मेरी आँखें रात के एक-एक पहर से पहले खुल गईं, कि मैं तेरे वचन पर ध्यान करूँ।
अपनी करुणा के अनुसार मेरी सुन ले; हे यहोवा, अपनी नियमों के रीति अनुसार मुझे जीवित कर।
जो दुष्टता की धुन में हैं, वे निकट आ गए हैं; वे तेरी व्यवस्था से दूर हैं।
हे यहोवा, तू निकट है, और तेरी सब आज्ञाएँ सत्य हैं।
बहुत काल से मैं तेरी चितौनियों को जानता हूँ, कि तूने उनकी नींव सदा के लिये डाली है।
मेरे दुःख को देखकर मुझे छुड़ा ले, क्योंकि मैं तेरी व्यवस्था को भूल नहीं गया।
मेरा मुकद्दमा लड़, और मुझे छुड़ा ले; अपने वादे के अनुसार मुझ को जिला।
दुष्टों को उद्धार मिलना कठिन है, क्योंकि वे तेरी विधियों की सुधि नहीं रखते।
हे यहोवा, तेरी दया तो बड़ी है; इसलिए अपने नियमों के अनुसार मुझे जिला।
मेरा पीछा करनेवाले और मेरे सतानेवाले बहुत हैं, परन्तु मैं तेरी चितौनियों से नहीं हटता।
मैं विश्वासघातियों को देखकर घृणा करता हूँ; क्योंकि वे तेरे वचन को नहीं मानते।
देख, मैं तेरे उपदेशों से कैसी प्रीति रखता हूँ! हे यहोवा, अपनी करुणा के अनुसार मुझ को जिला।
तेरा सारा वचन सत्य ही है; और तेरा एक-एक धर्ममय नियम सदाकाल तक अटल है।
हाकिम व्यर्थ मेरे पीछे पड़े हैं, परन्तु मेरा हृदय तेरे वचनों का भय मानता है।
जैसे कोई बड़ी लूट पाकर हर्षित होता है, वैसे ही मैं तेरे वचन के कारण हर्षित हूँ।
झूठ से तो मैं बैर और घृणा रखता हूँ, परन्तु तेरी व्यवस्था से प्रीति रखता हूँ।
तेरे धर्ममय नियमों के कारण मैं प्रतिदिन सात बार तेरी स्तुति करता हूँ।
तेरी व्यवस्था से प्रीति रखनेवालों को बड़ी शान्ति होती है; और उनको कुछ ठोकर नहीं लगती।
हे यहोवा, मैं तुझ से उद्धार पाने की आशा रखता हूँ; और तेरी आज्ञाओं पर चलता आया हूँ।
मैं तेरी चितौनियों को जी से मानता हूँ, और उनसे बहुत प्रीति रखता आया हूँ।
मैं तेरे उपदेशों और चितौनियों को मानता आया हूँ, क्योंकि मेरी सारी चाल चलन तेरे सम्मुख प्रगट है।
हे यहोवा, मेरी दुहाई तुझ तक पहुँचे; तू अपने वचन के अनुसार मुझे समझ दे!
मेरा गिड़गिड़ाना तुझ तक पहुँचे; तू अपने वचन के अनुसार मुझे छुड़ा ले।
मेरे मुँह से स्तुति निकला करे, क्योंकि तू मुझे अपनी विधियाँ सिखाता है।
मैं तेरे वचन का गीत गाऊँगा, क्योंकि तेरी सब आज्ञाएँ धर्ममय हैं।
तेरा हाथ मेरी सहायता करने को तैयार रहता है, क्योंकि मैंने तेरे उपदेशों को अपनाया है।
हे यहोवा, मैं तुझ से उद्धार पाने की अभिलाषा करता हूँ, मैं तेरी व्यवस्था से सुखी हूँ।
मुझे जिला, और मैं तेरी स्तुति करूँगा, तेरे नियमों से मेरी सहायता हो।
मैं खोई हुई भेड़ के समान भटका हूँ; तू अपने दास को ढूँढ़ ले, क्योंकि मैं तेरी आज्ञाओं को भूल नहीं गया।
भजन संहिता 120
संकट के समय मैंने यहोवा को पुकारा, और उसने मेरी सुन ली।
हे यहोवा, झूठ बोलनेवाले मुँह से और छली जीभ से मेरी रक्षा कर।
हे छली जीभ, तुझको क्या मिले? और तेरे साथ और क्या अधिक किया जाए?
वीर के नोकीले तीर और झाऊ के अंगारे!
हाय, हाय, क्योंकि मुझे मेशेक में परदेशी होकर रहना पड़ा और केदार के तम्बुओं में बसना पड़ा है!
बहुत समय से मुझ को मेल के बैरियों के साथ बसना पड़ा है।
मैं तो मेल चाहता हूँ; परन्तु मेरे बोलते ही, वे लड़ना चाहते हैं!
भजन संहिता 121
मैं अपनी आँखें पर्वतों की ओर उठाऊँगा। मुझे सहायता कहाँ से मिलेगी?
मुझे सहायता यहोवा की ओर से मिलती है, जो आकाश और पृथ्वी का कर्ता है।
वह तेरे पाँव को टलने न देगा, तेरा रक्षक कभी न ऊँघेगा।
सुन, इस्राएल का रक्षक, न ऊँघेगा और न सोएगा।
यहोवा तेरा रक्षक है; यहोवा तेरी दाहिनी ओर तेरी आड़ है।
न तो दिन को धूप से, और न रात को चाँदनी से तेरी कुछ हानि होगी।
यहोवा सारी विपत्ति से तेरी रक्षा करेगा; वह तेरे प्राण की रक्षा करेगा।
यहोवा तेरे आने-जाने में तेरी रक्षा अब से लेकर सदा तक करता रहेगा।
भजन संहिता 122
जब लोगों ने मुझसे कहा, “आओ, हम यहोवा के भवन को चलें,” तब मैं आनन्दित हुआ।
हे यरूशलेम, तेरे फाटकों के भीतर, हम खड़े हो गए हैं!
हे यरूशलेम, तू ऐसे नगर के समान बना है, जिसके घर एक दूसरे से मिले हुए हैं।
वहाँ यहोवा के गोत्र-गोत्र के लोग यहोवा के नाम का धन्यवाद करने को जाते हैं; यह इस्राएल के लिये साक्षी है।
वहाँ तो न्याय के सिंहासन, दाऊद के घराने के लिये रखे हुए हैं।
यरूशलेम की शान्ति का वरदान माँगो, तेरे प्रेमी कुशल से रहें!
तेरी शहरपनाह के भीतर शान्ति, और तेरे महलों में कुशल होवे!
अपने भाइयों और संगियों के निमित्त, मैं कहूँगा कि तुझ में शान्ति होवे!
अपने परमेश्वर यहोवा के भवन के निमित्त, मैं तेरी भलाई का यत्न करूँगा।
भजन संहिता 123
हे स्वर्ग में विराजमान मैं अपनी आँखें तेरी ओर उठाता हूँ!
देख, जैसे दासों की आँखें अपने स्वामियों के हाथ की ओर, और जैसे दासियों की आँखें अपनी स्वामिनी के हाथ की ओर लगी रहती है, वैसे ही हमारी आँखें हमारे परमेश्वर यहोवा की ओर उस समय तक लगी रहेंगी, जब तक वह हम पर दया न करे।
हम पर दया कर, हे यहोवा, हम पर कृपा कर, क्योंकि हम अपमान से बहुत ही भर गए हैं।
हमारा जीव सुखी लोगों के उपहास से, और अहंकारियों के अपमान से बहुत ही भर गया है।
भजन संहिता 124
इस्राएल यह कहे, कि यदि हमारी ओर यहोवा न होता,
यदि यहोवा उस समय हमारी ओर न होता जब मनुष्यों ने हम पर चढ़ाई की,
तो वे हमको उसी समय जीवित निगल जाते, जब उनका क्रोध हम पर भड़का था,
हम उसी समय जल में डूब जाते और धारा में बह जाते;
उमड़ते जल में हम उसी समय ही बह जाते।
धन्य है यहोवा, जिसने हमको उनके दाँतों तले जाने न दिया!
हमारा जीव पक्षी के समान चिड़ीमार के जाल से छूट गया; जाल फट गया और हम बच निकले!
यहोवा जो आकाश और पृथ्वी का कर्ता है, हमारी सहायता उसी के नाम से होती है।
भजन संहिता 125
जो यहोवा पर भरोसा रखते हैं, वे सिय्योन पर्वत के समान हैं, जो टलता नहीं, वरन् सदा बना रहता है।
जिस प्रकार यरूशलेम के चारों ओर पहाड़ हैं, उसी प्रकार यहोवा अपनी प्रजा के चारों ओर अब से लेकर सर्वदा तक बना रहेगा।
दुष्टों का राजदण्ड धर्मियों के भाग पर बना न रहेगा, ऐसा न हो कि धर्मी अपने हाथ कुटिल काम की ओर बढ़ाएँ।
हे यहोवा, भलों का और सीधे मनवालों का भला कर!
परन्तु जो मुड़कर टेढ़े मार्गों में चलते हैं, उनको यहोवा अनर्थकारियों के संग निकाल देगा! इस्राएल को शान्ति मिले!
भजन संहिता 126
जब यहोवा सिय्योन में लौटनेवालों को लौटा ले आया, तब हम स्वप्न देखनेवाले से हो गए।
तब हम आनन्द से हँसने और जयजयकार करने लगे; तब जाति-जाति के बीच में कहा जाता था, “यहोवा ने, इनके साथ बड़े-बड़े काम किए हैं।”
यहोवा ने हमारे साथ बड़े-बड़े काम किए हैं; और इससे हम आनन्दित हैं।
हे यहोवा, दक्षिण देश के नालों के समान, हमारे बन्दियों को लौटा ले आ!
जो आँसू बहाते हुए बोते हैं, वे जयजयकार करते हुए लवने पाएँगे।
चाहे बोनेवाला बीज लेकर रोता हुआ चला जाए, परन्तु वह फिर पूलियाँ लिए जयजयकार करता हुआ निश्चय लौट आएगा।
भजन संहिता 127
यदि घर को यहोवा न बनाए, तो उसके बनानेवालों का परिश्रम व्यर्थ होगा। यदि नगर की रक्षा यहोवा न करे, तो रखवाले का जागना व्यर्थ ही होगा।
तुम जो सवेरे उठते और देर करके विश्राम करते और कठोर परिश्रम की रोटी खाते हो, यह सब तुम्हारे लिये व्यर्थ ही है; क्योंकि वह अपने प्रियों को यों ही नींद प्रदान करता है।
देखो, बच्चे यहोवा के दिए हुए भाग हैं, गर्भ का फल उसकी ओर से प्रतिफल है।
जैसे वीर के हाथ में तीर, वैसे ही जवानी के बच्चे होते हैं।
क्या ही धन्य है वह पुरुष जिसने अपने तरकश को उनसे भर लिया हो! वह फाटक के पास अपने शत्रुओं से बातें करते संकोच न करेगा।
भजन संहिता 128
क्या ही धन्य है हर एक जो यहोवा का भय मानता है, और उसके मार्गों पर चलता है!
तू अपनी कमाई को निश्चय खाने पाएगा; तू धन्य होगा, और तेरा भला ही होगा।
तेरे घर के भीतर तेरी स्त्री फलवन्त दाखलता सी होगी; तेरी मेज के चारों ओर तेरे बच्चे जैतून के पौधे के समान होंगे।
सुन, जो पुरुष यहोवा का भय मानता हो, वह ऐसी ही आशीष पाएगा।
यहोवा तुझे सिय्योन से आशीष देवे, और तू जीवन भर यरूशलेम का कुशल देखता रहे!
वरन् तू अपने नाती-पोतों को भी देखने पाए! इस्राएल को शान्ति मिले!
संत लूका के अनुसार पवित्र सुसमाचार (अध्याय 4:38-41)
¶ वह आराधनालय में से उठकर शमौन के घर में गया और शमौन की सास को तेज बुखार था, और उन्होंने उसके लिये उससे विनती की।
उसने उसके निकट खड़े होकर ज्वर को डाँटा और ज्वर उतर गया और वह तुरन्त उठकर उनकी सेवा-टहल करने लगी।
¶ सूरज डूबते समय जिन-जिनके यहाँ लोग नाना प्रकार की बीमारियों में पड़े हुए थे, वे सब उन्हें उसके पास ले आएँ, और उसने एक-एक पर हाथ रखकर उन्हें चंगा किया।
और दुष्टात्मा चिल्लाती और यह कहती हुई, “तू परमेश्वर का पुत्र है,” बहुतों में से निकल गई पर वह उन्हें डाँटता और बोलने नहीं देता था, क्योंकि वे जानती थी, कि यह मसीह है।
Tenoo oasht emmok o piekhristos nem pekyot en aghathos nem pi epnevma ethowab je akee ak soati emmon nai nan
हम तेरा आराधन करते हैं, हे मसीह, तेरे कृपालु पिता और पवित्र आत्मा के साथ; क्योंकि तू आया और तूने हमें उद्धार दिया।
1. यदि धर्मी जन भी कठिनाई से उद्धार पाता है, तो मैं पापी कहाँ ठहरूँ? दिन के भार और तपन को मैंने अपनी मानवीय निर्बलता के कारण सहन नहीं किया। परन्तु हे दयालु परमेश्वर, मुझे ग्यारहवीं घड़ी के सहकर्मियों में गिन। देख, मैं अधर्म में गर्भित हुआ, और पापों में मेरी माता ने मुझे जन्मा। इसलिये मैं स्वर्ग की ओर अपनी आँखें उठाने का साहस नहीं करता; परन्तु तेरी असीम दया और मनुष्य-प्रेम पर भरोसा रखकर पुकारता हूँ, “हे परमेश्वर, मुझ पापी को क्षमा कर, और मुझ पर दया कर।”
Doxa Patri ke Eioa ke Agio Pnevmati
पिता, पुत्र और पवित्र आत्मा की महिमा हो।
2. हे उद्धारकर्ता, शीघ्रता कर कि तू मेरे लिये पिता के आलिंगन खोल दे; क्योंकि मैंने अपना जीवन सुख-विलास और वासनाओं में बरबाद किया, और दिन मुझसे निकलकर जा चुका। इसलिये अब मैं तेरी अनन्त करुणा की धनी संपदा पर भरोसा करता हूँ। अधीन और दया के अभिलाषी हृदय को मत छोड़। क्योंकि मैं दीनता से तुझे पुकारता हूँ, “हे पिता, मैंने स्वर्ग के विरुद्ध और तेरे सम्मुख पाप किया है; अब मैं तेरा पुत्र कहलाने के योग्य नहीं; मुझे अपने किसी मजदूर के समान बना ले।”
Ke nin ke a ee ke ees toos e onas toan e oa noan ameen.
अब और सदैव और युगानुयुग, आमीन।
3. मैंने हर अधर्म बुद्धि और चतुराई से किया, और हर पाप उत्साह और लगन से किया; और हर यातना और न्याय का मैं योग्य हूँ। इसलिए, हे देवी-कुमारी, मेरे लिये मन‑परिवर्तन (पश्चाताप) के मार्ग तैयार कर; क्योंकि मैं तेरी शरण लेता हूँ, और तेरे द्वारा मध्यस्थता माँगता हूँ, और तुझी को सहायता के लिये पुकारता हूँ, ताकि मैं लज्जित न होऊँ। और जब मेरी आत्मा मेरे शरीर से निकले, तो मेरी सुधि ले, शत्रुओं की चाल को नाकाम कर, और अधोलोक के फाटकों को बन्द कर दे कि वे मेरी आत्मा को निगल न लें, हे निष्कलंक सच्चे वर के वधू।
तब उपासक प्रार्थना करता है:
प्रभु, हमारी सुन और हम पर दया कर, और हमारे पाप क्षमा कर। आमीन।
(प्रभु, दया कर) 41 बार
अभिमोचन
हम तेरा धन्यवाद करते हैं, हे हमारे दयालु राजा, क्योंकि तूने हमें यह दिन शान्ति से पार करने दिया और हमें संध्या तक लेकर आया, कृतज्ञ होते हुए; और हमें यह योग्य ठहराया कि हम सायं का यह प्रकाश देखें। हे परमेश्वर, अब जो यह हमारी स्तुति हुई है, उसे स्वीकार कर, और विरोधी की युक्तियों से हमें छुड़ा, और उसके हमारे लिये बिछाए हुए सब फन्दों को निष्फल कर। हमें आनेवाली इस रात्रि में पीड़ा, चिंता, श्रम और भ्रम के बिना शान्ति प्रदान कर; ताकि हम इसे भी शान्ति और पवित्रता में पार करें, और हर समय तथा हर स्थान पर स्तुतियों और प्रार्थनाओं के लिये उठ खड़े हों, और हर बात में तेरे पवित्र नाम की महिमा करें— उस अगम्य और अनादि पिता, और जीवनदाता तथा तेरे तुल्य पवित्र आत्मा सहित— अब और सर्वदा और युगानुयुग, आमेन।
हर घड़ी के अन्त में पढ़ी जानेवाली विनती
हम पर दया कर, हे परमेश्वर, फिर हम पर दया कर। तू जो हर समय और हर घड़ी— स्वर्ग में और पृथ्वी पर— प्रणम्य और महिमित है, मसीह हमारे भले परमेश्वर, दीर्घशील, दया में धनी, अत्यन्त करुणाशील— जो धर्मियों से प्रेम करता है और पापियों पर दया करता है, जिन में प्रथम मैं हूँ— जो दुष्ट के मरने से नहीं, परन्तु उसके फिरकर जीवित रहने से प्रसन्न होता है— जो सबको उद्धार के लिये बुलाता है, आनेवाली उत्तम वस्तुओं की प्रतिज्ञा के कारण।
हे प्रभु, इस घड़ी और हर घड़ी हमारी याचिकाएँ ग्रहण कर। हमारे जीवन को सरल कर, और हमें तेरी आज्ञाओं पर चलना सिखा। हमारी आत्माओं को पवित्र कर। हमारे शरीरों को शुद्ध कर। हमारे विचारों को सीधा कर। हमारी नीयतों को शुद्ध कर। हमारी बीमारियों को चंगा कर और हमारे पापों को क्षमा कर। और हमें सब बुरे शोक और हृदय-पीड़ा से बचा। अपने पवित्र स्वर्गदूतों से हमें चारों ओर से घेरे रख, कि हम उनके शिविर से सुरक्षित और निर्देशित होकर विश्वास की एकता और तेरी अगोचर और असीम महिमा की पहचान तक पहुँचें; क्योंकि तू युगानुयुग धन्य है। आमेन।
हे परमेश्वर, हमें यह योग्य बना कि हम कृतज्ञतापूर्वक कहें: हे हमारे पिता, जो स्वर्ग में है...