टीएसके

TSK · मरकुस 3:5

Treasury of Scripture Knowledge references in IRV.

मार्ग पर वापस जाएँ

तब वे पराए देवताओं को अपने मध्य में से दूर करके यहोवा की उपासना करने लगे; और वह इस्राएलियों के कष्ट के कारण खेदित हुआ।

1 राजा 13:6 टीएसके

तब राजा ने परमेश्वर के जन से कहा, “अपने परमेश्वर यहोवा को मना और मेरे लिये प्रार्थना कर, कि मेरा हाथ ज्यों का त्यों हो जाए!” तब परमेश्वर के जन ने यहोवा को मनाया और राजा का हाथ फिर ज्यों का त्यों हो गया।

चालीस वर्ष तक मैं उस पीढ़ी के लोगों से रूठा रहा, और मैंने कहा, “ये तो भरमानेवाले मन के हैं, और इन्होंने मेरे मार्गों को नहीं पहचाना।”

यशायाह 42:18 टीएसके

¶ हे बहरों, सुनो; हे अंधों, आँख खोलो कि तुम देख सको!

यशायाह 63:9 टीएसके

उनके सारे संकट में उसने भी कष्ट उठाया, और उसके सम्मुख रहनेवाले दूत ने उनका उद्धार किया; प्रेम और कोमलता से उसने आप ही उनको छुड़ाया; उसने उन्हें उठाया और प्राचीनकाल से सदा उन्हें लिए फिरा।

मत्ती 13:14 टीएसके

‹और उनके विषय में यशायाह की यह भविष्यद्वाणी पूरी होती है:› ‹‘तुम कानों से तो सुनोगे, पर समझोगे नहीं;› ‹और आँखों से तो देखोगे, पर तुम्हें न सूझेगा।›

लूका 13:15 टीएसके

यह सुनकर प्रभु ने उत्तर देकर कहा, ‹“हे कपटियों, क्या सब्त के दिन तुम में से हर एक अपने बैल या गदहे को थान से खोलकर पानी पिलाने नहीं ले जाता?›

लूका 19:40 टीएसके

उसने उत्तर दिया, ‹“मैं तुम में से कहता हूँ, यदि ये चुप रहें, तो पत्थर चिल्ला उठेंगे।”›

यूहन्ना 9:7 टीएसके

उससे कहा, ‹“जा, शीलोह के कुण्ड में धो ले”› (शीलोह का अर्थ भेजा हुआ है) अतः उसने जाकर धोया, और देखता हुआ लौट आया।

रोमियों 11:25 टीएसके

¶ हे भाइयों, कहीं ऐसा न हो, कि तुम अपने आपको बुद्धिमान समझ लो; इसलिए मैं नहीं चाहता कि तुम इस भेद से अनजान रहो, कि जब तक अन्यजातियाँ पूरी रीति से प्रवेश न कर लें, तब तक इस्राएल का एक भाग ऐसा ही कठोर रहेगा।

इफिसियों 4:18 टीएसके

क्योंकि उनकी बुद्धि अंधेरी हो गई है और उस अज्ञानता के कारण जो उनमें है और उनके मन की कठोरता के कारण वे परमेश्वर के जीवन से अलग किए हुए हैं;

इफिसियों 4:30 टीएसके

परमेश्वर के पवित्र आत्मा को शोकित मत करो, जिससे तुम पर छुटकारे के दिन के लिये छाप दी गई है।

और वह चालीस वर्ष तक किन लोगों से क्रोधित रहा? क्या उन्हीं से नहीं, जिन्होंने पाप किया, और उनके शव जंगल में पड़े रहे?

और पहाड़ों, और चट्टानों से कहने लगे, “हम पर गिर पड़ो; और हमें उसके मुँह से जो सिंहासन पर बैठा है और मेम्ने के प्रकोप से छिपा लो;