वह तुच्छ जाना जाता और मनुष्यों का त्यागा हुआ था; वह दुःखी पुरुष था, रोग से उसकी जान-पहचान थी; और लोग उससे मुख फेर लेते थे। वह तुच्छ जाना गया, और, हमने उसका मूल्य न जाना।
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TSK · मरकुस 7:34
مراجع Treasury of Scripture Knowledge في IRV.
उसने उस पर तरस खाकर हाथ बढ़ाया, और उसे छूकर कहा, ‹“मैं चाहता हूँ, तू शुद्ध हो जा।”›
और उसने उन पाँच रोटियों को और दो मछलियों को लिया, और स्वर्ग की ओर देखकर धन्यवाद किया और रोटियाँ तोड़-तोड़कर चेलों को देता गया, कि वे लोगों को परोसें, और वे दो मछलियाँ भी उन सब में बाँट दीं।
तीसरे पहर यीशु ने बड़े शब्द से पुकारकर कहा, ‹“इलोई, इलोई, लमा शबक्तनी?”› जिसका अर्थ है, ‹“हे मेरे परमेश्वर, हे मेरे परमेश्वर, तूने मुझे क्यों छोड़ दिया?”›
यीशु ने उससे कहा, ‹“देखने लग, तेरे विश्वास ने तुझे अच्छा कर दिया है।”›
जब यीशु ने उसको और उन यहूदियों को जो उसके साथ आए थे रोते हुए देखा, तो आत्मा में बहुत ही उदास और व्याकुल हुआ,
¶ यीशु मन में फिर बहुत ही उदास होकर कब्र पर आया, वह एक गुफा थी, और एक पत्थर उस पर धरा था।
यह कहकर उसने बड़े शब्द से पुकारा, ‹“हे लाज़र, निकल आ!”›
पतरस ने उससे कहा, “हे ऐनियास! यीशु मसीह तुझे चंगा करता है। उठ, अपना बिछौना उठा।” तब वह तुरन्त उठ खड़ा हुआ।
क्योंकि हमारा ऐसा महायाजक नहीं, जो हमारी निर्बलताओं में हमारे साथ दुःखी न हो सके; वरन् वह सब बातों में हमारे समान परखा तो गया, तो भी निष्पाप निकला।