टीएसके

TSK · रोमियों 3:4

Treasury of Scripture Knowledge references in IRV.

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अय्यूब 36:3 टीएसके

मैं अपने ज्ञान की बात दूर से ले आऊँगा, और अपने सृजनहार को धर्मी ठहराऊँगा।

मैंने केवल तेरे ही विरुद्ध पाप किया, और जो तेरी दृष्टि में बुरा है, वही किया है, ताकि तू बोलने में धर्मी और न्याय करने में निष्कलंक ठहरे।

क्योंकि यहोवा भला है, उसकी करुणा सदा के लिये, और उसकी सच्चाई पीढ़ी से पीढ़ी तक बनी रहती है।

तेरा सारा वचन सत्य ही है; और तेरा एक-एक धर्ममय नियम सदाकाल तक अटल है।

मीका 7:20 टीएसके

तू याकूब के विषय में वह सच्चाई, और अब्राहम के विषय में वह करुणा पूरी करेगा, जिसकी शपथ तू प्राचीनकाल के दिनों से लेकर अब तक हमारे पितरों से खाता आया है।

लूका 20:16 टीएसके

¶ ‹“वह आकर उन किसानों को नाश करेगा, और दाख की बारी दूसरों को सौंपेगा।”› यह सुनकर उन्होंने कहा, “परमेश्वर ऐसा न करे।”

रोमियों 3:6 टीएसके

कदापि नहीं! नहीं तो परमेश्वर कैसे जगत का न्याय करेगा?

रोमियों 6:2 टीएसके

कदापि नहीं! हम जब पाप के लिये मर गए तो फिर आगे को उसमें कैसे जीवन बिताएँ?

रोमियों 7:7 टीएसके

¶ तो हम क्या कहें? क्या व्यवस्था पाप है? कदापि नहीं! वरन् बिना व्यवस्था के मैं पाप को नहीं पहचानता व्यवस्था यदि न कहती, “लालच मत कर” तो मैं लालच को न जानता।

रोमियों 9:14 टीएसके

¶ तो हम क्या कहें? क्या परमेश्वर के यहाँ अन्याय है? कदापि नहीं!

रोमियों 11:11 टीएसके

¶ तो मैं कहता हूँ क्या उन्होंने इसलिए ठोकर खाई, कि गिर पड़ें? कदापि नहीं परन्तु उनके गिरने के कारण अन्यजातियों को उद्धार मिला, कि उन्हें जलन हो।

परमेश्वर विश्वासयोग्य है, कि हमारे उस वचन में जो तुम से कहा ‘हाँ’ और ‘नहीं’ दोनों पाए नहीं जाते।

गलातियों 2:21 टीएसके

मैं परमेश्वर के अनुग्रह को व्यर्थ नहीं ठहराता, क्योंकि यदि व्यवस्था के द्वारा धार्मिकता होती, तो मसीह का मरना व्यर्थ होता।

तीतुस 1:2 टीएसके

उस अनन्त जीवन की आशा पर, जिसकी प्रतिज्ञा परमेश्वर ने जो झूठ बोल नहीं सकता सनातन से की है,

1 यूहन्ना 5:10 टीएसके

जो परमेश्वर के पुत्र पर विश्वास करता है, वह अपने ही में गवाही रखता है; जिसने परमेश्वर पर विश्वास नहीं किया, उसने उसे झूठा ठहराया; क्योंकि उसने उस गवाही पर विश्वास नहीं किया, जो परमेश्वर ने अपने पुत्र के विषय में दी है।

¶ ‹“फिलदिलफिया की कलीसिया के स्वर्गदूत को यह लिख:› ‹“जो पवित्र और सत्य है, और जो दाऊद की कुँजी रखता है,› ‹जिसके खोले हुए को कोई बन्द नहीं कर सकता›‹और बन्द किए हुए को कोई खोल नहीं सकता, वह यह कहता है,›